अद्भुत खगोलीय घटना – बुध का पारगमन

अंजु आनंद चंडीगढ़ / 9 मई, 2016 अक्षय तृतीय के दिन अंतरिक्ष में होगा एक अद्भुत नज़ारा जब बुध आएगा पृथ्वी और सूर्य के बीच और बुध सूर्य एवं पृथ्वी होंगे एक सीधी लाइन में | अपनी अपनी कक्षा में सूर्य के चारों और चक्कर लगाते लगाते पृथ्वी-बुध-सूर्य और पृथ्वी-शुक्र-सूर्य के बीच यह स्थिति बनती … Read more

होलिका दहन की रात्रि का महत्व

-अंजु आनंद- होली के इस पावन पर्व को नवसंवत्सर का आगमन तथा वसंतागम के उपलक्ष्य में किया हुआ यज्ञ भी माना जाता है। वैदिक काल में इस होली के पर्व को नवान्नेष्टि यज्ञ कहा जाता था। पुराणों के अनुसार ऐसी भी मान्यता है कि जब भगवान शंकर ने अपनी क्रोधाग्नि से कामदेव को भस्म कर … Read more

बसंत पंचमी 2015

-अंजु आनंद- माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 24 जनवरी को सुबह 5:10 बजे से होगी, जो कि रात 2.25 मिनट तक रहेगी। इस दिन पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, परिघ योग, बव करण का जो संयोग बन रहा है। इस दिन विद्या की अधिष्ठात्री देवी का अवतरण हुआ था प्राचीन काल से आज तक इस … Read more

श्रीगणेश को दुर्वा इतनी प्रिय क्यों है?

कहा जाता है कि इसकी जड़ें पाताल लोक तक जाती हैं और अमृत खींचती हैं। जिस प्रकार यह स्वयं बढ़ती है उसी प्रकार यह वंश वृद्धि की भी संकेतक है। गणपति अथर्वशीर्ष के अनुसार यो दूर्वांकरैर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति। अर्थात- जो दुर्वा की कोपलों से (गणपति की) उपासना करते हैं उन्हें कुबेर के समान धन … Read more

भगवान श्री कृष्ण के 5241वें जनम दिवस पर विशेष

यदा यदा हि धर्मस्य, ग्लानिर भवति भारत | अभ्युत्थानं अधर्मस्य, तदात्मानं स्र्जम्यहम || परित्रनाया च साधुनाम, विनाशाय च दुष्कृताम | धर्मं संस्थाप्नायार्थाया, सम्भवामी युगे युगे || जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है तब-तब भगवान पापों से विश्व को मुक्त करवाने हेतु किसी ना किसी रूप में अवतरित होते हैं| द्वापर युग में भगवान विष्णु ने … Read more

भाई बहन के अटूट प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन

शास्त्रों में उल्लेख है कि श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि (श्रावणी पूर्णिमा) को रक्षाबंधन का त्योहार श्रवण नक्षत्र में सुबह के दो प्रहर छोड़कर(अपरहण) दोपहर से मनाया जाना चाहिए। अत्रैव रक्षाबंधनमुक्तं हेमाद्रौ भविष्ये- सम्प्राप्ते श्रावणस्यान्ते पौर्णमास्यां दिनोदये। स्नानं कुर्वीत मतिमान् श्रुतिस्मृतिविधानत:।।          उपाकर्मोदिकं प्रोक्तमृषीणां चैव तर्पणम्। शूद्राणां मन्त्ररहितं स्नानं दानं प्रशस्यते।|                            उपाकर्माणि कर्तव्यमृषीणां चैव पूजनम्।                             ततोऽपरान्ह समये रक्षापोटलिकां शुभाम्।|                            कारयेदक्षतै: शस्तै: सिद्धार्थैर्हेमभूषितै:।                  इति। अत्रोपाकर्मानन्तरस्य पूर्णातिथावार्थिकस्यानुवादो न तु विधि:। गौरवात् प्रयोगविधिभेदेन क्रमायोगाच्छूद्रादौ तदयोगाच्च। तेन परेद्युरुपाकरणेऽपि पूर्वेद्युरपरान्हे तत्करणं सिद्धम्। इस बार 10 अगस्त 2014 को पूर्णिमा दिवसपर्यंत और … Read more

शनि देव न्यायाधीश हैं

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव न्यायाधीश हैं। शनि देव हिन्दू धर्म में पूजे जाने वाले प्रमुख देवताओं में से एक हैं।इस समय शनि उच्च के (साथ ही वक्री भी) राहु के साथ तुला राशि में स्थित है।शनि के अधिदेवता प्रजापति ब्रह्मा और प्रत्यधिदेवता यम हैं। इनका वर्ण कृष्ण, वाहन गिद्ध तथा रथ लोहे का … Read more

नव संवत्सर: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है सृष्टि का नववर्ष

-अंजु आनन्द- संवत्, समय गणना का मापदंड है। काल-गति के चक्रवत् होने के कारण संवत्सरारम्भ के दिन का निर्णय एक गूढ़ विषय है। भारतीय समाज में मुख्य रूप से दो संवत् चल रहे हैं, प्रथम विक्रम संवत् तथा दूसरा शक संवत् । विक्रम संवत् ई. पू. 58-वर्ष ई. पू. प्रारंभ हुआ। इसको शुरू करने वाले … Read more

होली के दिन ख़ास : क्या करें क्या न करें

होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला उत्साहपूर्ण पर्व है| इस वर्ष होली पर ग्रहों के कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। वर्तमान में शनि वक्री है और यह राहु के साथ तुला राशि में स्थित है। शनि के अलावा मंगल भी वक्री हो गया है। इस प्रकार होली पर चार ग्रह वक्री रहेंगे, शनि, … Read more

बसंत पंचमी

बसंत पंचमी का अर्थ है शुक्ल पक्ष का पांचवां दिन इस दिन विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, अमित तेजस्विनी व अनंत गुणशालिनी देवी सरस्वती की पूजा-आराधना के लिए माघमास की पंचमी तिथि निर्धारित की गई है इसदिन ‘श्री’ अर्थात विद्या की अधिष्ठात्री देवी महासरस्वती का जन्मदिन मनाया जाता है। … Read more

तिल चतुर्थी /संकष्टी गणेश चतुर्थी

-अंजु आनंद- हिन्दी पंचांग के अनुसार माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी भी कहते हैं। इस चतुर्थी को ‘माघी चतुर्थी’ या ‘तिल चौथ’  या वक्रतुण्डी चतुर्थीभी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। इस दिन विशेष रूप से भगवान श्रीगणेश व चंद्रमा की पूजा … Read more