About अंजू आनन्द

ज्योतिष आचार्या अंजू आनन्द ने इंडियन कौंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेज से ज्योतिष विशारद तथा पोस्ट विशारद किया है। कृष्ण मूर्ति पद्धति के अनुसार काफी शोध भी किया है। इसके बाद श्री अश्विनी कुमार जी से लाल किताब का गहन अध्ययन किया है। पिछले 3 साल से चंडीगढ़ में बतौर प्रोफेशनल ज्योतिषी के रूप में काम कर रही हैं। साथ ही दो साल से ज्योतिष पढ़ाने और सिखाने का भी कार्य कर रही हैं। जो समय बचता है, उसमें फेसबुक पर फ्री ज्योतिष समाधान ग्रुप के जरिये लोगों की मदद करती हैं। ज्योतिष आधारित उनके ब्लॉग हैं:- http://astrosurkhiyan.blogspot.in http://astrowindows.blogspot.com उनके मोबाइल नंबर हैं:- 9872869600, 9041020776

अद्भुत खगोलीय घटना – बुध का पारगमन

अंजु आनंद
अंजु आनंद चंडीगढ़ / 9 मई, 2016 अक्षय तृतीय के दिन अंतरिक्ष में होगा एक अद्भुत नज़ारा जब बुध आएगा पृथ्वी और सूर्य के बीच और बुध सूर्य एवं पृथ्वी होंगे एक सीधी लाइन में | अपनी अपनी कक्षा में सूर्य के चारों और चक्कर लगाते लगाते पृथ्वी-बुध-सूर्य और पृथ्वी-शुक्र-सूर्य के बीच यह स् Read more

होलिका दहन की रात्रि का महत्व

-अंजु आनंद- होली के इस पावन पर्व को नवसंवत्सर का आगमन तथा वसंतागम के उपलक्ष्य में किया हुआ यज्ञ भी माना जाता है। वैदिक काल में इस होली के पर्व को नवान्नेष्टि यज्ञ कहा जाता था। पुराणों के अनुसार ऐसी भी मान्यता है कि जब भगवान शंकर ने अपनी क्रोधाग्नि से कामदेव को भस्म कर दिया थ Read more

बसंत पंचमी 2015

-अंजु आनंद- माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 24 जनवरी को सुबह 5:10 बजे से होगी, जो कि रात 2.25 मिनट तक रहेगी। इस दिन पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, परिघ योग, बव करण का जो संयोग बन रहा है। इस दिन विद्या की अधिष्ठात्री देवी का अवतरण हुआ था प्राचीन काल से आज तक इस दिन माता सरस्वत Read more

श्रीगणेश को दुर्वा इतनी प्रिय क्यों है?

कहा जाता है कि इसकी जड़ें पाताल लोक तक जाती हैं और अमृत खींचती हैं। जिस प्रकार यह स्वयं बढ़ती है उसी प्रकार यह वंश वृद्धि की भी संकेतक है। गणपति अथर्वशीर्ष के अनुसार यो दूर्वांकरैर्यजति स वैश्रवणोपमो भवति। अर्थात- जो दुर्वा की कोपलों से (गणपति की) उपासना करते हैं उन्हें कुबे Read more

भगवान श्री कृष्ण के 5241वें जनम दिवस पर विशेष

यदा यदा हि धर्मस्य, ग्लानिर भवति भारत | अभ्युत्थानं अधर्मस्य, तदात्मानं स्र्जम्यहम || परित्रनाया च साधुनाम, विनाशाय च दुष्कृताम | धर्मं संस्थाप्नायार्थाया, सम्भवामी युगे युगे || जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है तब-तब भगवान पापों से विश्व को मुक्त करवाने हेतु किसी ना किसी रूप में अव Read more

भाई बहन के अटूट प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन

शास्त्रों में उल्लेख है कि श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि (श्रावणी पूर्णिमा) को रक्षाबंधन का त्योहार श्रवण नक्षत्र में सुबह के दो प्रहर छोड़कर(अपरहण) दोपहर से मनाया जाना चाहिए। अत्रैव रक्षाबंधनमुक्तं हेमाद्रौ भविष्ये- सम्प्राप्ते श्रावणस्यान्ते पौर्णमास्यां दिनोदये। स्नानं कुर् Read more

शनि देव न्यायाधीश हैं

shani
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव न्यायाधीश हैं। शनि देव हिन्दू धर्म में पूजे जाने वाले प्रमुख देवताओं में से एक हैं।इस समय शनि उच्च के (साथ ही वक्री भी) राहु के साथ तुला राशि में स्थित है।शनि के अधिदेवता प्रजापति ब्रह्मा और प्रत्यधिदेवता यम हैं। इनका वर्ण कृष्ण, वाहन गिद्ध Read more

नव संवत्सर: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है सृष्टि का नववर्ष

-अंजु आनन्द- संवत्, समय गणना का मापदंड है। काल-गति के चक्रवत् होने के कारण संवत्सरारम्भ के दिन का निर्णय एक गूढ़ विषय है। भारतीय समाज में मुख्य रूप से दो संवत् चल रहे हैं, प्रथम विक्रम संवत् तथा दूसरा शक संवत् । विक्रम संवत् ई. पू. 58-वर्ष ई. पू. प्रारंभ हुआ। इसको शुरू करने Read more

होली के दिन ख़ास : क्या करें क्या न करें

होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला उत्साहपूर्ण पर्व है| इस वर्ष होली पर ग्रहों के कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। वर्तमान में शनि वक्री है और यह राहु के साथ तुला राशि में स्थित है। शनि के अलावा मंगल भी वक्री हो गया है। इस प्रकार होली पर चार ग्रह वक्री रहेंगे, शनि, मंगल और राहु-केतु Read more

बसंत पंचमी

बसंत पंचमी का अर्थ है शुक्ल पक्ष का पांचवां दिन इस दिन विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, अमित तेजस्विनी व अनंत गुणशालिनी देवी सरस्वती की पूजा-आराधना के लिए माघमास की पंचमी तिथि निर्धारित की गई है इसदिन ‘श्री’ अर्थात विद्या की अधिष्ठात्री Read more

तिल चतुर्थी /संकष्टी गणेश चतुर्थी

-अंजु आनंद- हिन्दी पंचांग के अनुसार माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी भी कहते हैं। इस चतुर्थी को ‘माघी चतुर्थी’ या ‘तिल चौथ’  या वक्रतुण्डी चतुर्थीभी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। Read more