About Jugal Kishor

Date of Birth----17th May, 1943, Academic Qualification---M.sc (chemistry, Ph.D (Chemistry) Research Publication----20 Research Papers in various International and National Journals Presented many research papers in various National and Inter National conferences. Teaching Experience------- Degree classes----------------33 years P. G. Classes------------------31 years Worked as Lecturer in Chemistry, Selection Grade Lecturer, Head Of Department of Chemistry at GOVT COLLEGE Ajmer from 1969 to 1998. Work Vice Principal At Govt College, Ajmer Work as Principal Govt Girls College, Ajmer and Govt College Kekari. Retired as Joint Director of College Education, Rajasthan, Jaipur, Worked as subject expert for selection of Lecturers in various colleges. Address----2-Ga-16, Vaishali Nagar Ajmer--305006 Phone---0145-2641020 Mobile---9413879635

हंसते—मुस्कराते जीये जिन्दगी Part 5

डा. जे.के.गर्ग
जिंदगी का मंत्र — हर हाल में जिंदगी का साथ निभाते चले जाओ, किंतु हर ग़म , हर फ़िक्र को , धुएँ में नही ,हँसी में उडाते जाओ। यदि सच पूछा जाए तो मुनष्य और जानवर में अंतर ही क्या है, सिवा इसके कि मुनष्य हँस सकता है परंतु जानवर हँस नहीं सकता। अर्थात ‘हँसना मानवता का गुण है Read more

हंसते—मुस्कराते जीये जिन्दगी Part 4

डा. जे.के.गर्ग
हास्य में बाधक सामाजिक मर्यादाएँ——- आज के तथाकथित सभ्य समाज में अकारण हँसने वालों को मूर्ख अथवा पागल समझा जाता है। सामाजिक मर्यादाओं के प्रतिकूल होने से बिना बात हँसने से लज्जा आती है। अतः घर में बच्चों के अलावा अन्य परिजन विशेषकर महिलाओं एवं वृद्धों का, धर्म संघ Read more

हंसते—मुस्कराते जीये जिन्दगी Part 3

डा. जे.के.गर्ग
हंसना हंसाना भी है एक चिकित्सा स्ट्रेस, तनाव, चिंता, भय, क्रोध, निराशा, चिड़चिड़ापन, हड़बड़ी, अधीरता आदि नकारात्मक प्रवृत्तियों से हमारी अंतःस्रावी ग्रन्थियाँ खराब होती है जो शरीर में विभिन्न रोगों को निमन्त्रण देने में मुख्य भूमिका निभाती है। यदि हमारा चेहरा सदैव मुस्कराता Read more

हंसते—मुस्कराते जीये जिन्दगी Part 2

डा. जे.के.गर्ग
मुस्कराना हमारा जन्म सिद्ध मोलिक अधिकार है मुस्कराना हम सब का जन्म सिद्ध अधिकार है, जो हमको हमारे जन्म के साथ ही प्राप्त हो जाता है | नवजात शिशु अपने जन्म के एक सप्ताह बाद ही मुस्काना शुरू कर देता है एवं एक महिने का होने तक तो खिलखिला कर मुस्कुराता भी है | शोधकर्ताओं ने बता Read more

हंसते—मुस्कराते जीये जिन्दगी Part 1

डा. जे.के.गर्ग
शरीर की विभिन्न बोलियों में मुस्कराहट-मुस्कराना सबसे शक्तिशाली बोली है | सच्चाई तो यही है कि मुस्कराहट दो व्यक्तियों के मध्य की दूरी को न्यूनतम बना देती है, वहीं प्यार भरी मुस्कराहट सारे घर को सूर्य की रोशनी जगमगा देती है | निसंदेह शरीर की विभिन्न बोलियों में मुस्कराहट-मुस् Read more

राजेन्द्र बाबू के जीवन के प्रेरणादायक एवं मनस्पर्शी अनछुए पहलू— Part 3

डा. जे.के.गर्ग
आजादी आन्दोलन में शामिल होने के लिये छोडी वकालत उन दिनों डॉ. राजेन्द्र प्रसाद देश के गिने चुने नामी वकीलों में गिने जाते थे। उनके पास मान-सम्मान और पैसे की कोई कमी नहीं थी। लेकिन जब गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया तो राजेन्द्र बाबू ने वकालत छोड़ दी और अपना पूरा समय मातृभ Read more

प्रेरणादायक एवं मनस्पर्शी अनछुए पहलू— Part 2

डा. जे.के.गर्ग
राजेन्द्र बाबू की दिनचर्या पर गांधीजी की छाप समाज के बदलने से पहले अपने को बदलने का साहस होना चाहिये। “यह बात सच थी,” बापूजी की इस बात को राजेन्द्र बाबू ने अंतर्मन से स्वीकार किया वे कहते थे कि “मैं ब्राह्मण के अलावा किसी का छुआ भोजन नहीं खाता था। चम्पारन में गांधीजी ने उन्ह Read more

प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू के जीवन के प्रेरणादायक एवं मनस्पर्शी अनछुए पहलू— पार्ट 1

डा. जे.के.गर्ग
सज्जनता और सादगी की प्रतिमूर्ति प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसम्बर 1884 को हुआ था। |पूरे देश में उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें देशरत्न राजेन्द्र बाबू के नाम से पुकारा जाता था। स्वाधीनता से पहले जुलाई सन् 1946 में आजाद भारत का संविधान बनाने के लिए गठित स Read more

जन जन की दुलारी – इन्दिरा गाँधी Part 3

डा. जे.के.गर्ग
आज तक भारत के जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं उन सभी की अनेक विशेषताएँ हो सकती हैं, लेकिन इंदिरा गाँधी के रूप में जो प्रधानमंत्री भारत को प्राप्त हुआ, वैसा प्रधानमंत्री अभी तक दूसरा नहीं हुआ है क्योंकि युद्ध हो या विपक्ष की नीतियाँ हों अथवा, कूटनीति का अंतर्राष्ट्रीय मैदान हो Read more

जन जन की दुलारी – इन्दिरा गाँधी Part 1

डा. जे.के.गर्ग
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के रूप में इंदिराजी ने अपनी प्रतिभा और राजनीतिक दृढ़ता से ‘विश्वराजनीति’ के इतिहास में अपना नाम सदा के लिये स्वर्ण अक्षरों से अंकित कर दिया । भूतपूर्व राजाओं के प्रिवी-पर्स खत्म करने और बैंकों के राष्ट्रीयकरण जैसे कदमों इंदिराजी Read more

नेहरू जीे को श्रद्धा सुमन Part 4

डा. जे.के.गर्ग
पंचशील के जनक——-जवाहरलाल नेहरू ने भारत को तत्कालीन विश्व की दो महान शक्तियों का पिछलग्गू न बनाकर तटस्थता की नीति का पालन किया। नेहरूजी ने निर्गुटता एवं पंचशील जैसे सिद्धान्तों का पालन कर विश्व बन्धुत्व एवं विश्वशांति को प्रोत्साहन दिया। नेहरुजी ने कई पुस्तकें लिख Read more