विदेशी संस्थानों के रुख, रुपये की चाल से तय होगी बाजार की दिशा

download (8)नई दिल्ली: सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने से आगामी महीने में शेयर बाजारों की रफ्तार और तेज हो सकती है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई में शेयर बाजार की दिशा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख तथा रुपये की चाल से तय होगी।

वाहन और सीमेंट कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की निगाह होगी, क्योंकि इन क्षेत्रों की कंपनियां सोमवार से अपनी जून बिक्री के मासिक आंकड़े पेश करेंगी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख, वैश्विक संकेतों और रुपये के उतार-चढ़ाव पर निवेशकों की नजर होगी।

आदित्य ट्रेडिंग सॉल्यूशन्स के संस्थापक विकास जैन ने कहा कि शुक्रवार की बाजार की तेजी दर्शाती है कि निवेशकों में जोखिम सहने की ताकत है और सरकार सुधारों की गति तेज कर जोखिम कम करने को तैयार है। पूंजी बाजार एवं निवेश में सुधार लाने के लिए सरकार ने तेल एवं गैस क्षेत्र में सुधार की गति तेज की है।

शुक्रवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 520 अंक चढ़कर बंद हुआ, जो पिछले 22 माह में सेंसेक्स की सबसे बड़ी छलांग है। पिछले सप्ताह सरकार ने प्राकृतिक गैस की कीमत अगले वर्ष 1 अप्रैल से दोगुना कर 8.4 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) करने तथा कोयला क्षेत्र के लिए नियामक के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

जैन ने कहा कि जून के खराब प्रदर्शन के बाद जुलाई का रुख सकारात्मक नजर आ रहा है और आने वाले सप्ताह में बाजार में अधिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। बाजार सूत्रों ने कहा कि बाजार के लिए अगला उत्प्रेरक कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे होंगे, जो जुलाई मध्य से आने शुरू होंगे।

बोनान्जा पोर्टफोलियो लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, आने वाले सप्ताह में निकट अवधि में निफ्टी के लिए 5,850 अंक का स्तर काफी महत्वपूर्ण होगा और इस स्तर से ऊपर बाजार में और लिवाली गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। रुपया बुधवार के अपने सर्वकालिक निचले स्तर 60.76 रुपये प्रति डॉलर से उबर गया, लेकिन इसके बावजूद यह सप्ताह के दौरान 12 पैसे की गिरावट के साथ 59.39 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

विदेशी संस्थागत निवेशक सप्ताह के दौरान शुद्ध बिकवाल रहे, जिन्होंने सप्ताह के दौरान 3,000 करोड़ रुपये की निकासी की। इसमें सेबी का 28 जून का शुरुआती आंकड़ा भी शामिल है। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स जून में करीब एक प्रतिशत अथवा 214.67 अंक की गिरावट के साथ 19,395.81 अंक पर बंद हुआ।

 

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