गुड़ियाएं कब तक नौंची जाएंगी?

lalit-garg
हिमाचल की शांत, शालीन एवं संस्कृतिपरक वादियां गुड़िया के साथ हुए वीभत्स एवं दरिन्दगीपूर्ण कृत्य से न केवल अशांत है बल्कि कलंकित हुई है। एक बार फिर नारी अस्मिता एवं अस्तित्व को नौंचने वाली घटना ने शर्मसार किया है। देवभूमि भी धुंधली हुई है क्योंकि उस पवित्र माटी की गुड़िया जैसी Read more

राजनीति की शतरंज पर नेता पुत्रों की बिछती बिसात

डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव
परिवारवाद के चलते कार्यकर्ताओं में कहीं खुशी कहीं गम उठते अंदरूनी विरोध के स्वरों में समय का इंतजार क्या दिल्ली का प्रयोग प्रदेश में भी करेगी भाजपा? डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव भोपाल/यह बात अलग है कि अभी लोकसभा,विधानसभा,नगरीय निकाय हों या फिर अन्य चुनाव होने में काफी समय बाकी है Read more

वसुन्धरा राजे कभी भी सामाजिक आन्दोलनों से निपटने में सफल नहीं रही

राजेश टंडन एडवोकेट
राजस्थान में राजे के कार्यकाल में जब भी कोई सामाजिक आन्दोलन हुआ तो राजे सदैव उससे निपटने में असफल रहीं, चाहे गुर्जर आन्दोलन हो, चाहे मीणा समाज का आन्दोलन हो या फिर रावला घडसाना हो, चाहे भरतपुर का जाट आन्दोलन हो, चाहे किसान आन्दोलन हो या मेवाड़ का आदिवासी आन्दोलन हो या जयपुर Read more

महिलाओं की FOP Leave: फेमिनिस्‍ट की इतनी हायतौबा क्‍यों ?

First day paid leave
डिजिटल प्रगति अब हमारे समय का सच है इसलिए अब इसके बिना सामाजिक या आर्थिक प्रगति के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। नित नए प्रयोग हो रहे हैं, नया क्षेत्र होने के कारण इसके साथ आने वाली बाधाओं से निपटा भी जा रहा है, यथासंभव बदलाव भी किए जा रहे हैं। फिलहाल ये बाधा एक बहस के रूप Read more

मरते किसान-मजदूर, मालामाल होते सांसद-विधायक

मफतलाल अग्रवाल
बुधवार को राज्यसभा में सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने एक बार फिर सांसदों के वेतन-भत्ते मुख्य सचिव के बराबर करने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया तो वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु में खराब फसल और कर्जे से त्रस्त होकर मौत को गले लगाने पर मजबूर हो रहे तथा आत्महत्या कर चुके किसानों के कंकाल Read more

वोट बैंक खोने के डर से मानी सीबीआई जांच की मांग

तेजवानी गिरधर
आखिरकार राज्य की वसुंधरा राजे सरकार ने राजपूतों की मांग मान ही ली। अब सरकार एनकाउंटर में मारे गए आनंदपाल के मामले की सीबीआई जांच कराने को तैयार हो गई है। अन्य सभी मांगों पर भी सहमति दे दी है। सवाल उठता है कि अगर ये मांगें माननी ही थीं, तो काहे तो आनंदपाल के पार्थिव शरीर की द Read more

कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

तारकेश कुमार ओझा
तारकेश कुमार ओझा बचपन के दिनों में श्रावण के महीने में अपने शहर के नजदीक से बहने वाली नदी से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया करता था। कुछ बड़े होने पर शिवधाम के तौर पर जेहन में बस दो ही नाम उभरते थे। मेरे गृहप्रदेश पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध तारके Read more

20% असली बनाम 80 % नकली गऊ रक्षक ?

sohanpal singh
भरतीय सीमा पर पाकिस्तान रोज रोज गोले ठोकता है , कश्मीर में सभी तरीकों से आतंकवाद को पालता पोषता है न तो हम उसे आतंकी देश घोषित करते है और न ही Most Fabourable Nation देश का दर्जा समाप्त करते है और न ही दोस्तों के कारण व्यापार बंद करते है , चीन हमारे देश और हमारे द्वारा संर Read more

ये भी तो भेदभाव है

ओम माथुर
कौन कहता है हमारे देश में पुरुष और स्त्रियों के बीच भेदभाव खत्म हो गया है ? आप खुद देख लीजिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रही है। लेकिन उन्हें और महिला विश्व कप खेल रही भारतीय महिला टीम को मीडिया में कहां वैसा कवरेज मिल रहा है,जो पुरुष Read more

असली वंशज कौन?

रास बिहारी गौड़
हरिवंशराय बच्चन की कविता को लेकर जन्मा विवाद कॉपीराईट, आर्थिक उपादान, प्रचार, वैधानिकता, सम्मोहित आकर्षण, इत्यादि में उलझकर ये बात भूल रहा है कि कवि की कविता यदि उसकी विरासत है तो उसका असली वारिस कौन होना चाहिए? जैविक वंशज या काव्य-परम्परा का वाहक..? प्रश्न ये नहीं है कि इस Read more

किसका रक्त निर्दोष है आतंकवादियों का या पत्थरबाजों का

डॉ. मोहनलाल गुप्ता
राजनीति बुरी चीज नहीं है। युगों-युगों से समाज और राष्ट्र, राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत रहते आए हैं। हर युग में महापुरुष, राजनीति का अवलम्बन लेकर, मानवता के कल्याण के लिए प्रयासरत रहते हैं। राजनीति करने वाले लोग देश को जागृत रखने वाले मंत्रदृष्टा एवं पुरोहित होते हैं। इसीलिए Read more