मानव रोजगार कम करते रोबोट

समय परिवर्तनशील है। समय के साथ इंसान बदल जाता है, इंसानी जीवन के तौर-तरीके बदल जाते है। यही कारण है जो इंसान एक समय में नंगा घूमा करता था, कन्द मूल खाकर अपना पेट भरता था। आज वही इंसान विज्ञान की प्रगति के कारण इतना सक्षम हो गया कि उसने अपने जैसीे हूबहू मशीन का अविष्कार करके Read more

आधार को लेकर ममता के तेवर

lalit-garg
एक बार फिर आधार की अनिवार्यता का प्रश्न चर्चा में हैं। यह इसलिये चर्चा में है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे चुनौती देने का दुस्साहस किया है। इसके लिये उन्होंने सरकारी योजनाओं को आधार से जोड़ने के खिलाफ सुप्रीम कोई में याचिका दाखिल कर दी। यह तो अच्छा हुआ कि Read more

गुजरात के भाल पर चुनावी महासंग्राम

lalit-garg
गुजरात विधानसभा के चुनाव घोषित होते ही देश में उसके संभावित परिणामों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। वैसे तो सभी चुनाव चुनौतीपूर्ण होते हैं, परंतु गुजरात चुनावों को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्सुकता है, क्योंकि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहराज्य है। इस बार के वहां के चुनाव परिणाम Read more

सरकार की प्रथम जबाबदेही जनता के प्रति है लोकसेवकों के प्रति नहीं

डाँ नीलम महेंद्र
वैसे तो भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर परिभाषा की बात की जाए तो यहाँ जनता के द्वारा जनता के लिए और जनता का ही शासन है लेकिन राजस्थान सरकार के एक ताजा अध्यादेश ने लोकतंत्र की इस परिभाषा की धज्जियां उड़ाने की एक असफल कोशिश की। हालांकी जिस प्रकार विधानसभा में बहुमत होने के बावज Read more

जी एस टी @48%

विनीत जैन
जी हाँ सरकार का एक विभाग शायद अपनी ही जी एस टी चला रहा है उसे केंद्र सरकार के अधिकतम 28% जी एस टी से कोई मतलब नही है वो अपनी मर्जी से 48% जी एस टी ले रहा है और बाकायदा इसकी रसीद भी दी जा रही है , राजस्थान सरकार के सरकारी स्टेट मोटर गेरेज द्वारा पुरानी कबाड़ गाड़िया नीलाम की गई Read more

भ्रष्टाचार को पोषित करने का फरमान क्यों?

lalit-garg
भ्रष्टाचार की खबर छापने तक पर रोक लगाने के राजस्थान सरकार के नये कानून ने न केवल लोकतंत्र की बुनियाद को ही हिला दिया है बल्कि चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के इस वादे की भी धज्जियां उडा दी है जिसमें सुशासन एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिये हरसंभव प्रयत्न का संकल्प व्यक्त किय Read more

काले कानून की वसुंधरा राजे को जरूरत क्यों पड़ी ?

महेन्द्र सिंह भेरूंदा
आखिर इस काले कानून की वसुंधरा राजे को जरूरत क्यों पड़ी ? यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है यह बात तब से प्रारम्भ हुई जब आनन्दपाल एनकाउंटर की जांच और आनन्दपाल की हत्या का मुकदमा दर्ज कर के जांच सीबीआई से करवाने की उठी मगर सरकार अड़ी रही क्योकि इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री खुद सीध Read more

पत्रकारों पर लगाम लगाने का एक और असफल प्रयास

lallu lal
*मति मारी गई राजस्थान सरकार की* राज की मंशा में खोट दोस्तों, नमस्कार लगता है अब राजस्थान सरकार की भी मति मारी गई है। उसके मंत्रियों का भी दिमाग खराब हो गया है। तभी तो पत्रकारों की लेखनी पर लगाम लगाने और भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण देने का असफल प्रयास किया जा रहा है। इससे लगता ह Read more

न्यूज चैनलों पर बहस का बवंडर

देवेन्द्रराज सुथार
इन दिनों टेलीवीजन के न्यूज चैनलों पर बहस का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। बिलकुल इसी तरह बढ रहा है, जिस तरह सरकारी दफ्तरों में हाथ गरम करने का क्रेज परवान चढ रहा है। यहीं कारण है कि इन चैनलों पर होने वाली बहस बड़ी गर्मागर्म होती है। जितनी बहस गर्म नहीं होती उससे कई अधिक तो फीमेल ए Read more

नौकरशाहों पर नकेल कसना भी जरूरी है

lalit-garg
इन दिनों नौकरशाहों की कार्यशैली पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की टिप्पणियां सामने आ रही है, नौकरशाही पर इस तरह की टिप्पणियां कोई नई बात नहीं है, अधिकांश राजनीतिज्ञ उन पर टिप्पणियां करते आए हैं। प्रश्न राजनेताओं की टिप्पणियों का नहीं है, बल्कि प्रश्न नौकरशाहों के चरित्र Read more

देश पर जीएसटी के काले साये से मोदी का जादू खत्म !

डॉ. मोहनलाल गुप्ता
अभी उन बातों को अधिक समय नहीं बीता है जब देश की जनता राजनैतिक रैलियों में मोदी-मोदी चिल्लाती थी। जनता को आशा थी कि नरेन्द्र मोदी, समाज के निचले आर्थिक वर्ग से आए हैं, उन्होंने गरीबी तथा उसके दुःखों को निकट से देखा है, इसलिए वे देश की जनता को राहत पहुंचाएंगे। पिछली कांग्रेस स Read more