अशोक गहलोत पर मंडराए काले बादल

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी के असंतुष्ट तो कांग्रेस हाईकमान के सामने गहलोत को घेरने में जुटे ही हैं, पार्टी के पारम्परिक वोटर के रूप में पहचाने जाने वाला मुस्लिम समुदाय भी गहलोत से नाराज है। जमीयत उलेमा ए हिंद ने तो गहलोत की तुल Read more

आकाश मेरा है

सिंधी से अनूदित कहानी अचानक कुछ हो जाए तो…! इस विचार ने नरेश को झकझोर दिया। उसे मघी की चिंता हुई। मघी, उसकी अर्द्धांगिनी। उसके सुख दुख की सहयोगी। जब भाई बहिन और मां बाप तक ने बीमारी में उसकी सुध नहीं ली तब भी मघी ने हिम्मत नहीं हारी। वह उसे मातृत्व का सुख नहीं दे सक Read more

दीवान व खादिमों की छींटाकशी गलत

आज कल मीडिया (अखबार और टीवी) और फेसबुक आदि माध्यम से खादिम समुदाय और दरगाह दीवान एक दुसरे पर छीटाकशी कर रहे है जो बिलकुल गलत है और पुरे देश में एक गलत सन्देश जाता है. कुछ लोग खादिमो के पूर्वजो के बारे में टिपण्णी कर रहे है जो एक इतिहास का एक शोध का विषय है मुझे उसके बारे में Read more

वैरी गुड़

जब से होश संभाला मैंने, मैं हँसता रहा,/ मेरे एड्मिसन को लेकर, घर में चल रहे तनाव,/ व एड्मिसन हो जाने पर, घर में छाई ख़ुशी ने,/ मुझे,स्कूल नहीं जाऊँगा, जैसी मासूम जिद,/ करने का कोई मौका दिए बगैर,स्कूल में धकेल दिया./ मन रोया बहुत, मैं हँसता रहा ………… . Read more

सायरन

एम्बुलेंस का सायरन सुनकर मैने  हथेली की गर्माहट महसूस की अपने दिल पर, सुबह रक्तचाप की एक गोली के एवज में दिन भर धड़कते रहने का वादा तो किया था इसने, अनजाना-सा रिश्ता बंधने लगा उस अपरिचित से, जो शायद पंहुचा होगा अस्पताल ? या शायद कभी नहीं ? मैं अब जल्दी से जल्दी घर पहुंचकर, प Read more

मेंढ़की को ब्याह रचायौ, सुनो जी सरकार!

कहते हैं कि बुद्धिमान लोग तो लिफाफा देख कर ही उसका मजमून भांप लेते हैं और एक मैं हूं कि पत्र खोल कर पढऩे के बाद भी कुछ पता नहीं लगा सका कि पत्र का आशय क्या है? उसमें लिखा था, आ रही है। कौन आ रही है? क्यों आ रही है? कब आ रही है? कुछ पता नहीं। अब मेरे को बैठे बैठाए चिंता हो गई Read more

एक कर्मयोगी युवा की कहानी

s.k.gangele-18
नौगॉव जो कि बुन्देलखण्ड की राजधानी के रूप में नौगॉव गिना जाता हैएबात उस समय की है जब भारत देष को आजाद हुये 20 साल हो चुके थेंए सन् 1967 में हायर सेकेण्ड्री नोगॉव में एक अनुषासन था तथा षिक्षक व छात्र के बीच में निर्मला थी तथा षिक्षक अपने छात्र को किसी न किसी रूप में अन्धकार स Read more

पाक शमशेर को भारतीय बनने का इंतजार

नारायण बारेठ, वरिष्ठ पत्रकार   उम्र गुजर गई सरहदों के बीच आवाजाही करते करते, मगर अब 90 साल के शमशेर खान की साँसें फूल गई हैं. वो भारत में राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक गाव में पैदा हुए, लेकिन भारत की आजादी के दौरान, जिन्दगी के सफ़र का एक कदम उन्हें पाकिस्तान ले गया और Read more

मानसूनजी हमें तुम क्यों भूले पडे?

इधर नित्य प्रति ही अखबारों में तरह तरह के विज्ञापन निकल रहे है. कोई ‘मानसून सेल’ लगाकर करोडों का माल लाखों में बेचने का दावा कर रहा है तो कोई अपने माल को ‘मानसून ऑफर’ बताकर प्रचार कर रहा हैं और तो और अब तो सरकार भी इनकी देखा देखी अगले अगस्त से संसद का मानसून सत्र करने जा रही Read more

पटरियों की तरह

पहले -पहल जब हम रोज मिला करते थे अनकही बातों के जबाब भी तुम मुस्कुरा कर देते थे और अब हम समझदार हो गए ज्यादातर चुप रहते हैं किसी बहाने से हाथों को छूने के तरीके भी नहीं तलाशते वो रंग जो मेरे पहनने से तुम्हारी आँखों में फबा करता था मैं उससे कतराती हूँ कहीं रिझाने का कोई ढंग न Read more

और लाइन कट गई

वह क्यू का जमाना था, हर बात में क्यू, राशन की दुकान जाओ तो क्यू, नौकरी के लिए एम्लायमेंट ऐक्सचेंज जाओ तो क्यू, शादी के लिए लड़कियों के लिए क्यू, यहां तक कि टेलीफोन करो तो भी क्यू। अकसर ही सुनने को मिलता था कि कृपया आप क्यू में हैं, इंतजार कीजिये। कई बार तो टेलीफोन की लाइनें Read more