उडऩ खटोले पर उड़ जाऊं, तेरे हाथ न आऊं

आज के पचास साल पहले जब फिल्लम अनमोल घड़ी के लिए संगीतकार नौशाद ने इस गाने का संगीत दिया था तो उन्हें क्या पता था कि इस देश को यह दिन भी देखना पड़ेगा और कोई बंदा या बंदी-यहां बंदी की जगह कोई और सभ्य शब्द भी आ सकता हो तो कृपया मुआफ करें- इस … Read more

आधा अधूरा है यह अध्यादेश

महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के कानून में संशोधन संबंधी अध्यादेश को मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति प्रवण मुखर्जी ने आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश 2013 को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अध्यादेश के मसविदे को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा था। कई महिला संगठनों ने राष्ट्रपति से अध्यादेश पर हस्ताक्षर … Read more

क्यों भूल रहे हैं हम अपनी संस्कृति को ?

आज 14 फरवरी है यानी वेलेंटाइन डे और कल वसंत पंचमी | अगर सही मायने में देखा जाये तो वेलेंटाइन डे अंग्रेजों की दें है और हम भारतीय उसे ख़ासकर हमारे युवा इस दिन को प्रेम के त्यौहार के दिन के हिसाब से मनानते है किन्तु वे लोग यह भूल जाते हैं की हमारी संस्कृति … Read more

वैल-इन-टाइम-डे भी मनायें!

आजकल युवाओं में वेलेंटाइन डे मनाने का फैशन चल पड़ा है। जीवन में एक अवस्था आती है, जब परस्पर प्रेम की खुमारी चढ़ती है, लेकिन धीरे -धीरे उम्र के साथ साथ जब जिन्दगी की वास्तविकताओं से सामना होने लगता है तो इसका क्रेज कम हो जाता है। कुछ लोगों का कहना है कि वेलेंटाइन डे … Read more

दीवारें मत बनो बाबा !

राजस्थान सिंधी अकादमी जयपुर के सहयोग से मोहन थानवी का आठ वर्ष पूर्व प्रकाशित उपन्यास करतार सिंह का हिंदी में अनूदित अंतिम भाग प्रस्तुत है। दीवारों को भी पता है। वे कहना चाहती हैं। देश के बंटवारे के बाद उत्पन्न हुई पीड़ाएं बदन (सदन) को कमजोर कर रही हैं। बंटवारे के बाद तितर बितर हुए … Read more

हाड़तोड़ मेहनत की कीमत एक रुपया

इस देश में हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी एक मजदूर को दिनभर की मजदूरी के रूप में एक रुपया दिया जाता है। शायद यकीन नहीं आए, लेकिन यह हकीकत है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून की। राजस्थान के धौलपुर व जयपुर जिलों में मनरेगा के तहत काम कर चुके मजदूरों को मजदूरी … Read more

काव्य राग

        1.गढ़ों में गुमटियां ज्यों प्रहरियों की यारों जलसों में दलबंदी त्यों रहबरों की यारों जख्मे जिगर कह रहे थे शहर पनाह पे चिल्ला के नजराना शय ही ऐसी है सनद रहे यारों 2. तारीख भी क्या कमाल करती है चेहरे पे चेहरे लगा औरों को मोहरा बनाने वालों को स्याह कोठरी … Read more

शिक्षा के बिना महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्र का विकास असंभव

-अशोक कुमार लोढ़ा, नसीराबाद- महिलाओ के जीवन की सभी समस्याओं की जड़ अशिक्षा है, इस सत्य से परहेज नहीं किया जा सकता है और अब समाज ही नहीं, स्वयं महिलाये भी,यहाँ तक की आठवी कक्षा में पढने वाली बालिका भी इस बात से सहमत है। राहत की बात यह है कि देर से ही सही, पर … Read more

आस्था और श्रद्धा से सरोबार है मालपुरा जैन दादाबाड़ी

-उज्ज्वल जैन- मालपुरा। जैन श्वेताम्बर धर्मानुयायियो के लिए मालपुरा में स्थित श्री जिन कुशल सूरी जी महाराज की प्रत्यक्ष दर्शनस्थली करोडो श्रद्धालुओ की आस्था का केन्द्र है जहाँ प्रतिवर्ष दादा गुरूदेव के दर्शनो की लालसा बरबस ही भक्तो को अपनी ओर आकर्षित करती है। दादाबाडी राजधानी जयपुर से लगभग 100 कि.मी. की दूरी पर बसे … Read more

नेताजी बीमार हैं

नेताजी बीमार हैं, उन्हें क्या बीमारी है, ये किसी को नही  पता है…… बीमार का इलाज अदालत मे हैं या  अस्पताल मे, इस मसले पर दोनों आमने – सामने है | फिलहाल नेताजी  बीमार हैं | उन्हें क्या बीमारी है, ये किसी को नही  पता ये वो ही नेताजी हैं | जिन के पास कभी हर … Read more

सरकार के लचीले रवैये का शिकार सूचना का अधिकार

-बाबूलाल नागा- देशभर में सबसे पहला राज्य राजस्थान है, जहां सबसे पहले सूचना का अधिकार कानून लागू हुआ लेकिन आज उसी राजस्थान का सूचना आयोग पंगू साबित हो रहा है। राज्य की सरकार आज इस अधिनियम को मूर्त रूप देने के लिए बनाए गए मूल प्रावधानों को क्रियांवित नहीं कर पा रही है। साथ ही … Read more