पैसे तो कोइले की खानों में है

कल तक मनमोहन को सीधा-साधा समझने वाले लोग  उनके अन्दर के भाव  समझ नहीं पा रहे थे व  फेसरीडिंग करने वालों को भी श्रीमान की ढाडी सफल नहीं होने दे रही थी | और इनका कम बोलना विचारों की थाह नहीं लेने दे रहा था परन्तु अबकी बार तो श्रीमान ऐसे बोले की जनता को … Read more

दीपक की लौ में पढ़ाने की मुहिम

‘‘कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता, तबीयत से एक पत्थर तो उछालों यारों।’’ बदलाव का माद्दा रखने वाले 20 वर्षीय पूरण कालबेलिया ने पत्थर उछाला है। यायावर कौम से संबंध रखता है पूरण। बीन बजाकर सांप को नचाने वाली कालबेलिया कौम का पूरण चिमनी के उजाले में अपने समुदाय को शिक्षित … Read more

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

आज कल आधुनिक यू और पड़े लिखे लोगो के बीच ये काफी चर्चा का विषय है हर एक की अपनी परिभाषा है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का ये कतई मतलब नहीं है की आप किसी के धर्म और समाज के बारे में उल्टा सीधा कुछ भी कह सकते हो हाँ ये जरुर है की अभिव्यक्ति की … Read more

जैसे वोट पेड़ पर लगते हैं!

प्रधानमंत्रीजी ने कई बार ऐसे जुमले प्रयोग में लिए हैं जो अप्रासंगिक हैं। जैसे उन्होंने कई बार कहा कि ‘‘मेरे पास जादू की कोई छड़ी नहीं है’’ या फिर उनका ताजा बयान कि ‘‘पैसे पेड़ पर नहीं उगते।’’ मुझे इस बात पर त्रेतायुग में रामायण काल का वह प्रसिद्ध दोहा याद आता है जब अपने … Read more

तेरी यादों के शहर मे …

आकर रूक गये है कदम तेरी यादों के शहर मे, बड़े बेबस खड़े है हम तेरी यादों के शहर में . हर सड़क घूम कर तेरी ओर ले आई मुझको शायद रास्ते थे खतम तेरी यादों के शहर में लोग लूट रहे थे बेखौफ़ होकर कारवाँ मेरा, तमाशबीन बने हम तेरी यादों के शहर में … Read more

दरवाज़े की ओट से …

बहुत बार ध्यान से देखा है तुम्हें दरवाज़े  की ओट से … तुम रोती हो ,चुपचाप आँसू बहाती हो बिन किसी शोर के….पर क्यों? क्या दुःख है तुम्हें ? अभिव्यक्ति ,प्रकृति व जीवनक्रम के साथ अंतरद्वंद में डूबी, जिसे तुम बाँट नहीं सकती क्या बात है दिल में तुम्हारे, जिसे तुम ,बतला नहीं सकती सिसकती … Read more

ब्रिटेन और भारत : लोकतन्त्र और गुलामी ?

ब्रिटेन की राजकुमारी केट मिडल्टन के टॉपलेस चित्रों को लेकर भारत के अखबार जिस तरह सनसनीखेज बना कर प्रस्तुत कर रहे हैं, उनके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि राजकुमारी के ये चित्र ब्रिटिश समाचारपत्रों को छापने का प्रस्ताव भी दिया गया था किन्तु किसी भी ब्रिटिश समाचार पत्र ने ये चित्र छापने का … Read more

मुझ पे करना यकीन

मुझ पे करना यकीन, मुझ पे करना यकीन मुझ पे करना यकीन, मुझ पे करना यकीन हो तनहा खड़े,दर्द हद से बड़े, टूटते से लगे जब तुम्हे हौसले ऐसा वक़्त कभी ज़िन्दगी में कही आ जाए तो मुझ पे करना यकीन मुझ पे करना यकीन, मुझ पे करना यकीन मुझ पे करना यकीन ,मुझ पे … Read more

लीजिए पढिये यूआईटी का रोचक किस्सा

आज अखबार में दो तीन घटनाओ के बारे में पड़ा जो में आपसे साँझा (शेयर) करना चाहता हूँ. आज अजमेर के अखबार में समाचार था की किसी न्यायाधीश (महोदय) की दीवार UIT अजमेर ने तोड़ दी UIT भी सरकारी काम पर थी टूट गयी तो टूट गयी. और जैसा की होता है सरकारी कर्मचारिओं ने … Read more

कुछ दूर तुम भी साथ चलो ….

नहीं आसान सफ़र, कुछ दूर तुम भी साथ चलो बड़ा मायूस शहर ,कुछ दूर तुम भी साथ चलो जानता हूँ , नहीं हम साथ उम्र भर के लिए … फिर भी चाहता हूँ मगर ,कुछ दूर तुम भी साथ चलो वो वादियाँ,वो नज़ारे की हम मिले थे जहां भुलाऊ कैसे मैं वो शोख नज़र , … Read more

भाव तो कम हुए ही हैं!

ज्योंही हरिद्वार-अहमदाबाद मेल दिल्ली स्टेशन से रवाना होकर आगे बढ़ी त्योंही डिब्बे में बैठे यात्रियों में आपस में चर्चा चल पडी। एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अखबार पढ़ते पढ़ते ही बताना शुरू किया कि महंगाई सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती ही जा रही है। उनकी इस बात का मौन रहकर जैसे सभी ने समर्थन किया … Read more