पेट दर्द और खिचडी

शिव शंकर गोयल
(फिल्मों की बायोपिक और गानों की रिमिक्स के बीच इस पुरानी कहानी का नया रूप प्रस्तुत है) एक आदमी था. उसके पेट में दर्द होगया. वह दूर गांव हकीमजी के पास गया. उन्होंने उसे दवा देते हुए कहा कि घर जाकर दवा के अलावा खिचडी भी खाना. उसने खिचडी का नाम पहली बार सुना था इसलिए वह “खिचडी Read more

ताँगा

अनिमेष उपाध्याय
“घोड़ा था घमंडी पहुँचा सब्जी मंडी सब्जी मंडी बरफ पड़ी तो घोड़े को लग गई ठंडी “तब्बक- तब्बक” “तब्बक -तब्बक” ‘बचपन की स्वर्णिम स्मृतियों से’ खंडवा में आज से 25 साल पहले रिक्शों से ज्यादा ताँगे होते थे उन तांँगों में सवारी अपना एक अलग ही मजा था। बचपन म Read more

लघुकथा ‘गन्जा’ मेरी नज़र में का देवी नागरानी द्वारा सिंधी में अनुवाद

देवी नागरानी
गन्जा – (लघु कथा) -अनुराग शर्मा वह छठी कक्षा से मेरे साथ पढ़ता था। हमेशा प्रथम आता था। फिर भी सारा कॉलेज उसे सनकी मानता था। एक प्रोफैसर ने एक बार उसे रजिस्टर्ड पागल भी कहा था। कभी बिना मूंछों की दाढ़ी रख लेता था तो कभी मक्खी छाप मूंछें। तरह-तरह के टोप-टोपी पहनना भी उसके शौक म Read more

पारिवारिक अदालत

हेमंत उपाध्याय
विधवा माँ को रखने वाले एक बेटे बहू पर माँ की सेवा में कमी का आरोप लगा । आरोप लगाने वाले दो थे । वो बेटे और बहू ,जिन्होंने कभी माँ को नही रखा। जज वो दामाद व वकील वो बेटी थी ,जिन्होंने भी कभी अपनी माँ या सासु माँ को एक दिन भी पास नहीं रखा। इन सबके बच्चे अभियोजन पक्ष के गवा Read more

किस पार्टी में वंशवाद नहीं है ? किस देश में वंशवाद नहीं है ?

देवेन्द्रराज सुथार
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का पार्टी का अध्यक्ष निर्विरोध चुना जाना तय है। क्योंकि नामांकन के लिए अब तक कोई आवेदन दाखिल नहीं हुआ है। गौरतलब है कि वे अपनी मां सोनिया गांधी के उत्तराधिकारी होंगे जो इस पद पर 19 साल से विराजमान हैं। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के साथ ही एक ब Read more

यूपी निकाय चुनावों का सन्देश

lalit-garg
उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की ही तरह ऐतिहासिक जीत हासिल हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे विकास की जीत कहा है तो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रधानमंत्री के विकास के ‘विजन’ को और Read more

प्रजातन्त्र पिघल रहा है

महेन्द्र सिंह भेरूंदा
मेरा प्रजातन्त्र क्यो पिघल रहा है । सिँहासन इसे क्यो निगल रहा है । फिर से शकुनि ले दुर्योधन को । चौसर के लिए क्यों मचल रहा है । कानून कयामत के काल चक्र में । क्यों आये धर्म धर्म की टक्कर में । क्यों सभी ने लांघी लक्ष्मण रेखा । इस मनहूस तख्त के चक्कर में । क्या बांटोगे तुम ये Read more

पब्लिक अॉन डय़ूटी … !!

तारकेश कुमार ओझा
बैंक में एक कुर्सी के सामने लंबी कतार लगी है। हालांकि बाबू अपनी सीट पर नहीं है। हर कोई घबराया नजर आ रहा है। हर हाथ में तरह – तरह के कागजों का पुलिंदा है। किसी को दफ्तर जाने की जल्दी है तो कोई बच्चे को लेने स्कूल जाने को बेचैन है। इस बीच अनेक बुजुर्गों पर नजर पड़ी जो चल Read more

हमने इतिहास को बनते हुए देखा है !

sohanpal singh
हमने भी इतिहास को बनते देखा है ! 30 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने नई दिल्ली से दूर ओडिशा की एक चुनावी सभा में कहा की “मेरे शरीर के खून का एक एक कतरा भी देश की खातिर काम आएगा” और फिर अगले ही दिन 31 अक्तूबर 1984 को प्रातः काल ही उन Read more

आदर्श महिला

हेमंत उपाध्याय
एक आदर्श महिला थी। वो अपनी सांस की खूब सेवा करती । आने वाले हर मेहमान का खूब आदर करती थी ,पर उसकी अपनी सांस से बिलकुल नहीं पटती थी। बाद मैं पाया कि उसकी अपनी जेठानी से भी नहीं निभती थी । उसकी देवरानी से भी नहीं जमती थी । जब ननंदे आती तो वो उनका खूब आदर सत्कार तरह -तरह के Read more

निजी अस्पतालों की लूट कब तक?

lalit-garg
देश के निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य की दृष्टि से तो हालात बदतर एवं चिन्तनीय है ही, लेकिन ये लूटपाट एवं धन उगाने के ऐसे अड्डे बन गये हैं जो अधिक परेशानी का सबब है। हमारे देश में जगह-जगह छोटे शहरों से लेकर प्रान्त की राजधानियों एवं एनसीआर तक में निजी अस्पतालों में मरीजों की ल Read more