दुखवा मैं कासे कहूं मोरी सजनी

शिव शंकर गोयल
कहते है कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते है. मैं बचपन में लपट्या पंडितजी की पाठशाला में पढता था. हर शनिवार को, खाने की छुट्टी के बाद, नियमित पढाई छोडकर, पंडितजी कभी कोई कहानी सुनाते कभी कुछ सवाल पूछते और सही जवाब देने वालें को जल्दी छुट्टी दे देते थे. एक बार की बात है, उ Read more

‘सौभाग्य’ गरीब की जिन्दगी बदलने का सबब बने

lalit-garg
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने एक सम्बोधन में कहा कि हम केवल शिलान्यास ही नहीं करते, बल्कि उद्घाटन भी करते हैं। उनके इस बयान में सच्चाई है। वे जो भी घोषणाएं करते हैं, उन घोषणाओं की क्रियान्विति पर भी उनका ध्यान केन्द्रित रहता है। लालकिला की प्राचीर से दिये गये संबोधन में Read more

इच्छाधारी हनीप्रीत की तलाश

देवेन्द्रराज सुथार
टी. वी. में अखबारों में नेताओं के नारों में गाँव-गली-गलियारों में सब जगह डेरा सच्चा सौदा प्रमुख फर्जी बाबा राम रहीम गुरमीत सिंह की शिष्या उर्फ दत्तक बेटी हनीप्रीत का ही जिक्र है। मोहल्ले के पांच वर्ष के बच्चे से लेकर अस्सी वर्षीय बुजुर्ग रामू काका जिनके दांत नहीं, पेट में आं Read more

आचार्य डाॅ. शिवमुनि क्रांतिकारी संतपुरुष

lalit-garg
भारत की रत्नगर्भा वसुंधरा ने अनेक महापुरुषों को जन्म दिया है, जो युग के साथ बहते नहीं, बल्कि युग को अपने बहाव के साथ ले चलते हैं। ऐसे लोग सच्चे जीवन के धनी होते हैं। उनमें जीवन-चैतन्य होता है। वे स्वयं आगे बढ़ते हैं, जन-जन को आगे बढ़़ाते हैं। उनका जीवन साधनामय होता है और जन-जन Read more

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफल सरकार आखिर राष्ट्रीय मोर्चों पर असफल क्यों

डाँ नीलम महेंद्र
मार्च 2017 में उप्र के चुनावी नतीजों के बाद देश भर के विभिन्न मीडिया सर्वे में जुलाई तक जिस मोदी को एक ऐसे तूफान का नाम दिया जा था जिसे रोक पाना किसी भी पार्टी के लिए “मुश्किल ही नहीं लगभग नामुमकिन है”, वही मीडिया सर्वे सितम्बर माह के आते आते मोदी के तेजी से दौड़ Read more

हे देवि! अब मृजया रक्ष्यते को लेकर हमारी शर्मिंदगी भी स्‍वीकार करें

durga
अतिवाद कोई भी हो, वह सदैव संबंधित विषय की उत्‍सुकता को नष्‍ट कर देता है। अति की घृणा, प्रमाद, सुंदरता, वैमनस्‍य, भोजन, भूख, जिस तरह जीवन को प्रभावित करती हैं और स्‍वाभाविक प्रेम, त्‍याग, कर्तव्‍य को खा जाती हैं उसी प्रकार आजकल ”अति धार्मिकता” अपने कुछ ऐसे ही द Read more

गुजरात विधानसभा चुनाव की हुंकार

lalit-garg
इनदिनों देश में गुजरात के विधानसभा चुनाव चर्चा का विषय बने हुए है, राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गयी है, चुनाव आयोग अब सितम्बर में किसी भी वक्त गुजरात में चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। सत्तारूढ़ भाजपा के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण बनता जारहा है, भले ही कुछ पूर्वानुमानो Read more

उम्र काट ली हमने, इश्क़ की इबादत में

सुरेन्द्र चतुर्वेदी
देखने को दम कितना, दुश्मनों की ताक़त में, पेश आ रहे हैं हम अब तलक शराफ़त में. पढ़ते हो उदास चेहरे, चुप्पियों को सुनते हो, सुनके ये चले आये, आपकी अदालत में. नीयतों की नींव पे खड़ी, अज्म और ज़मीर से बनी, (अज्म = आत्म-सम्मान) अमनो-चैन रहता है, दिल की इस इमारत में. जुगनुओं के कुनबों Read more

अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ़्तार और घटता रोजगार

अब्दुल रशीद
अब्दुल रशीद।। भाजपा की सरकार ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार हर साल 2करोड़ नौकरी के अवसर उपलब्ध कराएगी। मोदी सरकार को तीन साल से ज्यादा हो गए हैं। इस दौरान नई नौकरियों के मौकों तो दूर नौकरी देने के मामले में 60% से ज्यादा की कमी आ गई। यह बात हम नहीं खुद सरकार के आंकड़े Read more

निजीकरण का सच

सविता रानी
वर्तमान में राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर में उन्नयन हेतू सरकारी विद्यालयों को ppp mode पर देने का निर्णय किया गया। दरअसल इसका उद्देश्य समझ से परे है कहा जरूरत आन पड़ी थी कि विद्यालयों को ppp mode पर दे , इससे पहले की हम इस विषय मे जाने , यहा यह जानना प्रासंगिक होगा कि Read more

सबसे बडा मुद्दा

ओम माथुर
आपको पता है अभी देश की सबसे बड़ी समस्या और मुद्दा क्या है? आप कहेंगे महंगाई। नहीं । बेरोजगारी।गलत जवाब। गिरता औद्योगिक विकास। नहीं। विदेशी निवेश घटना। गलत जवाब। बच्चों के प्रति बढ़ती यौन हिंसा। जी नहीं। देश मे बढती असहिष्णुता। बिल्कुल नहीं। पड़ोसी देशों से बिगड़ते रिश्ते। नहीं। Read more