मुझे कुछ इस तरह महबूब का दर मिल गया है

सुरेन्द्र चतुर्वेदी
मुझे कुछ इस तरह महबूब का दर मिल गया है, किसी बच्चे को ज्यूँ खोया हुआ घर मिल गया है. बदन तो रेत का है मैं मगर इसमें बहूँगा , मुझे इस रेत में गहरा समंदर मिल गया है. मेरे सर को कुचलने की जो साज़िश में लगा था , मुझे अपने ही घर में अब वो पत्थर मिल गया है. मुझे छू कर मुक़द्दर ने कहा Read more

रावण के मन की बात

शिव शंकर गोयल
रामलीलाओं का उत्सव निकट जानकर उसमें हिस्सा लेने हेतु एक रोज मैं भी एक रामलीला कमेटी के दफतर जा पहुंचा. वहां बहुत भीड थी. हर कोई लाईन तोडकर घुसने की फिराक में था. जैसे-तैसे मैं लाईन में लग गया. लाईन में खडे एक उम्मीदवार पात्र ने मुझसे पूछा …..कहां से आए हो ? ….व Read more

यूपी में महागठबधन की कोशिशों पर ग्रहण

संजय सक्सेना
नरम अखिलेश के सामने गरम मायावती संजय सक्सेना,लखनऊ राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने की लालू यादव की कोशिशों को बल नहीं मिल पाया है। खासकर बसपा सुप्रीमों मायावती की तरफ से महागठबंधन की कोशिशों को करारा झटका लगा है। इसके अलावा भी पटना रैली में जहा महागठबंधन ब Read more

क्या ढोंगी बाबाओं की यह अंतिम कड़ी है?

बाबूलाल नागा
बाबूलाल नागा देश के एक और पाखंडी बाबा के पाप का घड़ा फूट पड़ा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक साध्वी से रेप का दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई गई है। पर सवाल यह है कि क्या राम रहीम प्रकरण ढोंगी बाबाओं की अंतिम कड़ी है। बेशक नहीं। क्योंकि आज सवाल एक राम रहीम जै Read more

जैसे देश का हर साधु संत भ्रष्ट आचरण का है

atul sethi
पिछले 2 दिनों से मीडिया हो या WhatsApp पूरे दिन बाबाओं को लेकर समाचार और चुटकुले चल रहे हैं । मेरा ऐसा मानना है कि जिस ने भी कानून का उल्लंघन किया है वो कोई भी हो , उसे भारत की न्याय व्यवस्था कड़े से कड़ा दंड देगी ! लेकिन जो रुख हम सब लोगों ने अपनाया है उसे Read more

नोटबंदी सिर्फ यूपी चुनाव जीतने की नौटंकी थी

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8 नवंबर को देश में नोटबंदी लागू होगी तमाम जनता अगले 4 महीने तक इस बहाने पिसती रही दर्द जलती रही शादियां मैं तमाम तरह की परेशानियां इलाज से संबंधित परेशानियां कमीशन का मोटा खेल झेलती रही कि कहीं काला धन बाहर आएगा लेकिन जब आज आखिरी बार हुई है तो पता चला कि काला धन का कह तो आया Read more

मौत का महीना, अगस्त और न्यू इंडिया

Ayush Laddha
वाकई, अगस्त 2017 ने यह साबित कर दिया कि अगस्त में तो मौतें होती ही है। चाहे 3 बार हुए रेल हादसे हों, गोरखपुर का बीआरडी अस्पताल हो, भीड़ का पागलपन हो या मुम्बई की बारिश, अगस्त का महिना ही खराब है। और इस गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए अगस्त के महिने को कैलेंडर से इस्तीफा दे देना Read more

जानलेवा अंध भक्तों का खतरा

देवेन्द्रराज सुथार
– देवेन्द्रराज सुथार – आज अंध भक्त युग चल रहा है। श्रद्धा, विश्वास और आस्था का मर्दन हो चुका है। भक्त के स्थान पर अंध भक्त काबिज हो गये है। इन अंध भक्तों के सिर पर मौत का जुनून संवार है। यह किसी भी हद तक जा सकते है। कुछ भी कर सकते है। ऐसी दीवानगी आजतक इससे पहले क Read more

भयमुक्त इंसान ही आनन्द का पात्र

lalit-garg
वर्तमान की जटिल जीवन शैली के कारण आज के जनमानस पर असुरक्षा एवं भय का व्यापक प्रभाव दृष्टिगोचर हो रहा है। उससे मुक्त होने के लिए अपनी वृत्तियों और भावनाओं में सकारात्मक सोच को विकसित करना होगा अन्यथा इस समस्या से छुटकारा नहीं पा सकते। दूसरों का सहयोग और मार्गदर्शन एक सीमा तक Read more

सारे बाबा खराब नही है

विनीत जैन
सच्चे साधु की तलाश कर उसी का अनुसरण करें अभी जिस तरह से राम रहीम का प्रकरण चल रहा है उससे देश के अंदर कुछ इस तरह की हवा बनाई जा रही है जिसमे पूरे हिन्दू धर्म को ही निशाना बनाया जा रहा है , हिन्दू धर्म या किसी भी धर्म के सारे साधु मुल्ला मौलवी खराब हो ये संभव नही है , अगर ऐसा Read more

नोटबंदी, नवपरिवर्तन और नौटंकी

देवेन्द्रराज सुथार
– देवेन्द्रराज सुथार – आठ नवंबर, 2016 की वो रात कौन भूल सकता है ! जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अकस्मात ही पांच सौ और एक हजार रुपये के जारी नोटों पर रोक लगा दी थी। जिन पांच सौ और एक हजार रुपये को जेब में सुरक्षित पाकर आम आदमी अपने को धनवान समझता था, अब म Read more