सूर्य के उत्तरायण होने उल्लास से मनायी जाती है मकर सक्रांति (माघी सक्रांति) Part 1

डा. जे.के.गर्ग
सच्चाई तो यही है कि भारतीय संस्क्रती में त्योहार एवं पर्व सामाजिक बंधनों को मजबूत और मधुर बनाने का सशक्त माध्यम है | त्योहार एवं पर्व एक बहाना है अपनों से मिलने जुलने का, लड़ाई-झगडे और गिले-शिकवे भूलाकर एक होने का और ईश्वर की आराधना करने का | सनातन धर्म की मान्यताओं के मुताब Read more

मकर संक्रांति : अनेकता में एकता का पर्व

देवेन्द्रराज सुथार
हमारी भारतीय संस्कृति में त्योहारों, मेलों, उत्सवों व पर्वो का महत्वपूर्ण स्थान है। यहां साल में दिन कम और त्योहार अधिक है। ऐसे में यह कहे तो भी अतिश्योक्ति नहीं होगी कि यहां हर दिन होली और हर रात दिवाली होती है। दरअसल ये त्योहार और मेले ही है जो हमारे जीवन में नवीन ऊर्जा का Read more

प्रेरणा स्त्रोत एवं युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानन्द Part 3

डा. जे.के.गर्ग
स्वामी विवेकानन्द कहा करते थे, “जिसके जीवन में ध्येय नहीं वह तो खेलती -गाती, हँसती-बोलती लाश ही है। ”जब तक व्यक्ति अपने जीवन के विशिष्ट ध्येय को नहीं पहचान लेता तब तक तो उसका जीवन व्यर्थ ही है। युवको अपने जीवन में क्या करना है इसका निर्णय उन्हें ही करना चाहिये। स्वामी विवेका Read more

जिनका समग्र जीवन स्वयं एक प्रयोगशाला था

lalit-garg
स्वामी विवेकानन्द जन्म जयन्ती-12 जनवरी 2018 पर विशेष काल के भाल पर कुंकुम उकेरने वाले सिद्धपुरुष का नाम है, स्वामी विवेकानन्द। नैतिक मूल्यों के विकास एवं युवा चेतना के जागरण हेतु कटिबद्ध, मानवीय मूल्यों के पुनरुत्थान के सजग प्रहरी, अध्यात्म दर्शन और संस्कृति को जीवंतता देने Read more

प्रेरणा स्त्रोत एवं युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानन्द Part 2

डा. जे.के.गर्ग
स्वामीजी के बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। दुर्भाग्य से 1884 में विश्वनाथ दत्त की मृत्यु हो गई जिससे घर का सारा भार नरेन्द्र पर आ पड़ा। अत्यन्त दरिद्रता में भी नरेन्द्र बड़े अतिथि-सेवी थे। वे स्वयं भूखे रह कर Read more

युवा पीढ़ी संभल करके विवेकानंद हो जाए !

देवेन्द्रराज सुथार
युगपुरुष, वेदांत दर्शन के पुरोधा, मातृभूमि के उपासक, विरले कर्मयोगी, दरिद्र नारायण मानव सेवक, तूफानी हिन्दू साधु, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत व प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता आधुनिक नाम कोलकता में पिता विश्वनाथ दत्त और माता भुवनेश्वरी देव Read more

प्रेरणा स्त्रोत एवं युगप्रवर्तक स्वामी विवेकानन्द Part 1

डा. जे.के.गर्ग
स्वामी विवेकानन्द कहा करते थे, “जिसके जीवन में ध्येय नहीं वह तो खेलती -गाती, हँसती-बोलती लाश ही है। ”जब तक व्यक्ति अपने जीवन के विशिष्ट ध्येय को नहीं पहचान लेता तब तक तो उसका जीवन व्यर्थ ही है। युवको अपने जीवन में क्या करना है इसका निर्णय उन्हें ही करना चाहिये। स्वामी विवेका Read more

रामक्रष्ण परमहंस और उनके मुस्लिम अनुयायी के बीच मार्मिक संवाद पार्ट 2

डा. जे.के.गर्ग
“स्वामी जी फैज अलि की तरफ मुखातिब होते हुए बोले, ” हिन्दु कहते हैं कि मंदिर में जाने से पहले या पूजा करने से पहले स्नान करो। मुसलमान नमाज पढने से पहले वाजु करते हैं। क्या अल्लहा ने कहा है कि नहाओ मत, केवल लोटे भर पानी से हांथ-मुँह धो लो? “फैज अलि बो Read more

रामक्रष्ण परमहंस और उनके मुस्लिम अनुयायी के बीच मार्मिक संवाद पार्ट 1

डा. जे.के.गर्ग
मुशीं फैज अली ने स्वामी विवेकानन्द से पूछा :—“स्वामी जी हमें बताया गया है कि अल्लहा एक ही है। यदि वह एक ही है, तो फिर संसार उसी ने बनाया होगा ? “स्वामीजी ने जबाव दिया , “सत्य” है। 1 मुशी फेज अली फिर सवाल किया ,”तो फिर इतने प्रकार के मनुष्य क्य Read more

7 जनवरी 2018 को शनि देव उदय होने का प्रभाव

दयानन्द शास्त्री
प्रिय पाठकों/मित्रों, शनि को न्याय के देवता कहा जाता हैं, न्याय का नाता धर्म के पालन से है और अच्छे-बुरे कर्म न्याय का आधार होते हैं. मान्यता है कि शनि प्रत्येक मनुष्य को उसके पाप-पुण्य और कर्मों के आधार पर ही कृपा करते हैं एवं दण्डित भी करते है | ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द Read more

ओमपुरी भारतीय सिनेमा के एक मंझे हुए कलाकार थे

ब्रह्मानंद राजपूत
(ओमपुरी की प्रथम पुण्यतिथि 06 जनवरी 2018 पर विशेष Article) महान कलाकार ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 में हरियाणा के अम्बाला शहर में एक पंजाबी परिवार में हुआ। ओम पुरी के पिता भारतीय सेना में थे। अमरीश पुरी और मदन पुरी उनके चचेरे भाई थे। ओमपुरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने Read more