भाजपा के सिरमौर अटल बिहारी वाजपेयी

a 2
पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का आज जन्मदिन है। इस मौके पर पेश है उनकी अब तक की जीवनी का विस्तृत विवरण। श्री अटल बिहारी वाजपेयी 16 से 31 मई, 1996 और दूसरी बार 19 मार्च, 1998 से 13 मई, 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ पंडि Read more

क्रिसमस में कैंडिल का भी है महत्व

christmas-candles-9173-400x250
वाराणसी। क्रिसमस के मौके पर क्रिसमस ट्री, क्रिसमस कार्ड, क्रिसमस स्टार, क्रिसमस फादर आदि की शुरुआत कैसे हुई। लोगों में इसकी जिज्ञासा है। क्रिसमस में कैंडिल का भी काफी महत्व है। महमूरगंज स्थित बेतेल फुल गॉस्पल चर्च के अरविंद थॉमस ने रविवार को क्रिसमस कैंडल के विषय में बताया क Read more

ईसाइयों और पश्चिम तक सीमित नहीं रहा क्रिसमस

-शुभा दुबे- क्रिसमस वैसे तो ईसाई धर्म के अनुयायियों का सबसे बड़ा त्योहार है लेकिन धीरे धीरे अब अन्य धर्मों के लोगों द्वारा भी इसे धूमधाम से मनाया जाता है। हंसी−खुशी के इस पर्व पर बाजारों में दिवाली जैसी रौनक नजर आती है तो स्कूल, कालेजों में भी इस पर्व पर विभिन्न तरह के सांस् Read more

हुसैन दीन भी हैं दीन की पनाह भी हैं

-तनवीर जाफ़री- इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हज़रत मोहम्मद के नवासे तथा हज़रत अली के पुत्र इमाम हुसैन व उनके 72 परिजनों व साथियों की शहादत की याद दिलाने वाला मोहर्रम प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरी दुनिया में सभी धर्मों व समुदायों के लोगों द्वारा मनाया जा रहा है। हालांक Read more

पौराणिक व ऐतिहासिक तीर्थराज पुष्कर

अजमेर से मात्र 11 किलोमीटर दूर तीर्थराज पुष्कर विश्वविख्यात है और पुराणों में वर्णित तीर्थों में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। अनेक पौराणिक कथाएं इसका प्रमाण हैं।यहां से प्रागैतिहासिककालीन पाषाण निर्मित अस्त्र-शस्त्र मिले हैं, जो उस युग में यहां पर मानव के क्रिया-कलापों की ओर सं Read more

अद्भुत है हजरत ख्वाजा साहब की जीवन झांकी

हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का दुनिया के अध्यात्मिक सिंह पुरुषों में बहुत ऊंचा स्थान है। खासतौर पर सूफी सिलसिले में तो सर्वाधिक ऊंचाई पर हैं। उनके प्रति हर मजहब व जाति के लोगों में कितनी श्रद्धा है, इसका अंदाजा यहां हर साल जुटने वाले उर्स मेले से लगाया जा सकता है। यूं Read more

शहंशाहों के शहंशाह ख्वाजा गरीब नवाज

दुनिया में कितने ही राजा, महाराजा, बादशाहों के दरबार लगे और उजड़ गए, मगर ख्वाजा साहब का दरबार आज भी शान-ओ-शोकत के साथ जगमगा रहा है। उनकी दरगाह में मत्था टेकने वालों की तादात दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। गरीब नवाज के दर पर न कोई अमीर है न गरीब। न यहां जात-पात है, न मजहब की द Read more

400 से भी ज्यादा देवालय हैं तीर्थराज पुष्कर में

इन दिनों तीर्थराज पुष्कर में मेला चल रहा है। इस मौके पर पुष्कर के बारे में जानना प्रासंगिक रहेगा। आइये, जानते हैं पुष्कर में क्या-क्या है देखने लायक। अजमेर से 13 किलोमीटर दूर नाग पहाड़ की तलहटी में और समुद्र तल से 530 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पुष्कर राज में चार सौ से भी अधिक छ Read more