लौह पुरुष सरदार पटेल के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंग

डा. जे.के.गर्ग
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई झावेरभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नाडियाद मुंबई में हुआ था ! सरदार विभाजन के बाद भारत के बिखरे राज्यो का विलय सरदार पटेल ने बड़ी कुशलता और अनोखे तरीके के साथ किया था, उनकी 142वें जन्मदिन पर उनके श्रीचरणों में 132 करोड़ भारतवाषियों का शत-शत नमन Read more

राष्ट्रीय एकता के शिल्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल

sardar patel
राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर पर राष्ट्र की स्वाधीनता, उसकी सुरक्षा, एकीकरण और नवनिर्माण करने वालों में अग्रणी योगदान सरदार वल्लभ भाई पटेल का है। वे संकल्प में चट्टान, मन की गहनता में समुद्र व निर्भीकता में सिंह के समान थे। देश की स्वाधीनता के समय सबसे बड़ी समस्या 562 देशी र Read more

सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी—ब्रह्मा मन्दिर—–पुष्कर Part 4

डा. जे.के.गर्ग
पुष्कर की उत्त्पति के बारे में पोराणिक मान्यतायें—– पुष्प से बना पुष्कर—– पद्मपुराण में प्राप्त विवरण के अनुसार एक समय ब्रह्मा जी को यज्ञ करना था, उसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन करने के लिए ब्रह्मा जी ने प्रथ्वी पर अपने हाथ से एक कमल पुष्प को गिराया, य Read more

सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी—ब्रह्मा मन्दिर—–पुष्कर Part 3

डा. जे.के.गर्ग
ब्रह्मा मंदिर——–पुष्कर में स्थित ब्रह्माजी के एक मात्र मंदिर का इस मन्दिर का ग्वालियर के महाजन गोकुल प्राक् ने अजमेर में करवाया था। ब्रह्मा मन्दिर की लाट लाल रंग की है एवं तथा इसमें ब्रह्माजी के वाहन हंस की आकर्षक आकृतियाँ हैं। मन्दिर में चतुर्मुखी ब्रह्मा Read more

सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी—ब्रह्मा मन्दिर–पुष्कर Part 2

डा. जे.के.गर्ग
ब्रह्माजी को देवताओं का पितामाह कहा जाता है वैसे ब्रह्माजी देवताओं के साथ दानवों और समस्त के पितामह हैं | ब्रह्माजी सदेव सत्य और धर्म का पक्ष लेते हैं | देवासुरादि संग्रामों में पराजित होकर देवता जब ब्रह्मा के पास गये तब ब्रह्माजी ने भगवान विष्णु से धर्म की स्थापना करने क Read more

सृष्टि के रचियता ब्रह्माजी—ब्रह्मा मन्दिर—–पुष्कर Part 1

डा. जे.के.गर्ग
पोराणिक मान्यताओं के मुताबिक आदिकाल में सृष्टि रचना के पूर्व संसार अंधकारमय था। सनातन परमब्रह्म्र परमात्मा ने सगुण रूप से सृष्टि की रचना की एवं समस्त ब्रम्हाण्ड का निर्माण हुआ। स्थूल सृष्टि की रचना पंच महाभूतों यथा आकाश, वायु, अग्नि, जल, एवं पृथ्वी से हुई। विराट पुरूष नाराय Read more

समय के दो पाट: कहां ये और कहां वो

girija-devi
समय के दो पाटों में से एक पाट पर हैं शास्‍त्रीय संगीत की पुरोधा गिरिजा देवी की प्रस्‍तुतियां और दूसरे पाट पर हैं ढिंचक पूजा जैसी रैपर की अतुकबंदी वाली रैपर-शो’ज (जिसे प्रस्‍तुति नहीं कहा जा सकता)। समय बदला है, नई पीढ़ी हमारे सामने नए नए प्रयोग कर रही है, अच्‍छे भी और Read more

शनि के 26 अक्तूबर से शनि धनु राशि मे परिवर्तन का आपकी राशि पर प्रभाव

दयानन्द शास्त्री
शनिदेव 26 अक्टूबर 2017 को धनु राशि में प्रवेश करेंगे। 26 अक्तूबर को शनि धनु राशि मे परिवर्तन कर रहें हैं और 24 जनवरी 2020 तक बने रहेंगे # इस बदलाव से 6 राशियों के किस्मत बुलंद होने और बाकी के 6 राशियां सतर्क रहें # शनि देव इन्सान के कर्मो के अनुसार ही फल देते है , शनि बुरे क Read more

लाभ पंचमी 25 अक्टूबर 2017 को

दयानन्द शास्त्री
शुभ फलों और धन-धान्य से संपन्न होने का महापर्व हैं लाभ पंचमी— प्रिय पाठकों/मित्रों, दिवाली के बाद गुजरात में एक बेहद महत्वपूर्ण पूजा होती है जिसका नाम है लाभ पंचमी |कार्तिक शुक्ल पंचमी को लाभ पंचमी मनाई जाती है। इसे सौभाग्य पंचमी, सौभाग्य लाभ पंचमी या लाभ पंचम भी कहते Read more

जानिये उन जगहों को जहाँ माता लक्ष्मी निवास करना पसंद करती है—पार्ट2

डा. जे.के.गर्ग
याद रखे सच्चा सुख केवल सत्य से ही मिलता है, यह भी संभव है की इस प्रक्रिया मे आपको दुःख का भी सामना करना पड़े | यह भी सत्य है कि जहां पर बुद्धीजीवी का अपमान होता है उस स्थान पर लक्ष्मीजी निवास नहीं करती है | माता लक्ष्मी वहीं निवास करती है जहाँ गरीबों की मदद करने ओर उनकी सेवा Read more

तभी दिवाली मेरी होगी

नटवर विद्यार्थी
जिस दिन सारा देश जगेगा , आरक्षण का भूत भगेगा , नीर – क्षीर मूल्यांकन होगा , प्रतिभा सिर्फ कसौटी होगी , तभी दिवाली मेरी होगी । कोई भूखा नहीं रहेगा , तन ढकने को वस्त्र मिलेगा , सबको घर , सबमें शौचालय , मूलभूत सुविधाएँ होगी , तभी दिवाली मेरी होगी । निर्भयता का दीप जलेगा , Read more