होली के सम्बन्ध में विभिन्न कहानियाँ

प्राचीन काल मेंहिरण्यकशिपु नाम का एक अत्यंत बलशाली दानव था। अपने बल के अंहकार से वशीभूत हो कर वह खुद को ही ईश्वर मानने लगा था। उसने अपने राज्य में भगवान विष्णु का नाम लेने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी थी। हिरण्यकशिपु का पुत्र प्रह्लाद परमात्मा का परमभक्त था। प्रह्लाद की ईश्वर भक्ति से क्रुद्ध … Read more

अन्याय पर न्याय, कटुता पर मधुरता, झूठ-फरेब पर स्नेह-सदभावना की जीत का पर्व होली भाग-1

तामसी प्रवर्तीयां एवं कुसंस्कार यानि ईर्ष्या,अनाचार,दुर्भावना एवं, अभिमान, असहिष्णुता,अविश्वास रूपी होलिका को होली की दिव्य अग्नि में भस्म कर देना ही सच्चा ‘होलिका दहन’ है। रगोंत्स्व यानि होली खेलने की सार्थकता तभी होगी जब हम परमात्मा में श्रदा रखते हुए सात्विक विचार, सकारात्मकता,स्नेह, प्रेम, सोहार्द, सहिष्णुता,सह्रदयता और करुणा के रंग में अपनी अंतरात्मा को रँग … Read more

श्रीदेवीः एक लंबी अत्यंत सफल यात्रा का अचानक से अंत हो जाना

भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी का जन्म तमिलनाडु के शहर शिवकासी में 13 अगस्त 1963 को हुआ। उनके पिता का नाम अय्यपन और मां का नाम राजेश्वरी है। उनके पिता पेश से वकील और माँ ग्रहणी थीं। श्रीदेवी के पिता जहां तमिल थे तो वहीं मां तेलुगू थीं। … Read more

देवों के देव महादेव का वाहन नंदी बैल क्यों ?

संसार की लगभग सभी प्राचीन सभ्यताओं में बैल को महत्व दिया गया है। सुमेरियन, बेबीलोनिया, असीरिया और सिंधु घाटी की खुदाई में भी बैल की मूर्ति पाई गई है। भारत में भी बैल खेती के लिए हल में जोते जाने वाला एक महत्वपूर्ण पशु रहा है। जिस तरह गायों में कामधेनु को श्रेष्ठ माना जाता … Read more

देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना का पर्व—-महाशिवरात्री Part 5

शिवजी केवल म्रगछाल ही क्यों धारण करते हैं?—-भगवान शिव का केवलमृगछाल धारण करना अपरिग्रह का प्रतीक है | परिग्रह एक प्रकार का पाप है, क्योंकि किसी वस्तु का परिग्रह करने का अर्थ हुआ कि दूसरोंको उस वस्तु से वंचित करना | अपरिग्रही (जो आवश्यकता से अधिक मात्र मे धन-वस्तु का संग्रह) व्यक्ति ही समाज के … Read more

महाशिवरात्रि पर्व : 13 फरवरी को मनायें कि 14 फरवरी को?

सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व प्रतिपादित है। भगवान शिव की आराधना का यह विशेष पर्व माना जाता है। पौराणिक तथ्यानुसार आज ही के दिन भगवान शिव की लिंग रूप में उत्पत्ति हुई थी। प्रमाणान्तर से इसी दिन भगवान शिव का देवी पार्वती से विवाह हुआ है। अतः सनातन धर्मावलम्बियों द्वारा यह व्रत एवं … Read more

देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना का पर्व—-महाशिवरात्री Part 4

भगवान शंकर का वाहन बैल क्यों होता है?—–भगवान शंकर का वाहन नंदी यानि बैल है। बैल बहुत ही मेहनती जीव है। वह शक्तिशाली होने के बावजूद शांत एवं भोला होता है। वैसे ही भगवान शिव भी परमयोगी एवं शक्तिशाली होते हुए भी परम शांत एवं इतने भोले हैं कि उनका एक नाम भोलेनाथ भी जगत … Read more

देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना का पर्व—-महाशिवरात्री Part 3

शिव महादेव क्यों हैं?— बड़ा या महान बनने के लिए त्याग, तपस्या, धीरज, उदारता और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। विष को अपने भीतर ही सहेज कर आश्रितों के लिए अमृत देने वाले होने से एवं विरोधों, विषमताओं के मध्य संतुलन रखते हुए अपने विशालकाय परिवार को एक बना रखने की शक्ति रखने वाले शिव … Read more

देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना का पर्व—-महाशिवरात्री Part 2

महाशिवरात्रि को शिवलिंग की विशेष रूप सेपूजा अर्चना की जाती है | आईये जाने शिवलिंग क्या है?——शिवलिंग का अर्थ होता है शुभ प्रतीक का बीज, शिव की स्थापना लिंग रूप में की जाती है,वही क्रमश: विकसित होता हुआ सारे जीवन को आवृत्त कर लेता है | वातावरण सहित घूमती धरती या सारे अनंत ब्रह्माण्ड की … Read more

देवों के देव महादेव की पूजा अर्चना का पर्व—-महाशिवरात्री Part 1

सच्चाई तो यही है कि भोले शंकर जितने रहस्यमयी हैं उतनी ही उनकी वेशभूषा भी विचित्र और अनूठी है | भगवान शिवजी से जुड़े तथ्य भी अनोखे हैं | भगवान शंकर श्मशान में निवास करते हैं, गले में नाग धारण करते हैं, भांग व धतूरा ग्रहण करते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि मंगलवार 13 फरवरी 2018 … Read more

15 फ़रवरी 2018 का होगा पहला सूर्यग्रहण

प्रिय पाठकों/मित्रों, इस वर्ष लगभग 15 दिनों के अंतराल पर वर्ष 2018 का दूसरा ग्रहण देखने को मिलेगा। मध्यरात्रि में ग्रहण लगने से 16 फरवरी का आरंभ ही ग्रहण के साथ होगा। रात में ग्रहण लगने के कारण यह भारत में नहीं दिखेगा।। इससे पहले पिछले महीने की 31 जनवरी 2018 को चंद्रग्रहण हुआ था। … Read more