जानिये ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक क्या है गणेशजी की महिमा

ज्योतिष्शास्त्र के अनुसार गणेशजी को केतु के रूप मे जाना जाता है, केतु एक छाया ग्रह है, जो राहु नामक छाया ग्रह से हमेशा विरोध मे रहता है, बिना विरोध के ज्ञान नही आता है और बिना ज्ञान के मुक्ति नही है, गणेशजी को मानने वालों का मुख्य प्रयोजन उनको सर्वत्र देखना है, गणेश अगर … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 10 और 11 सितंबर

मेष लग्नवालों के लिए – 10 और 11 सितंबर 2018 को भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। धन की स्थिति को … Read more

गणेशजी सार्वभोमिक-सात्विक एवं सार्वकालिक देवता क्यों कहलाते हैं ?

शिव-पार्वती के पुत्र के रूप में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेशजी ने जन्म लिया था | गणेशजी के जन्म के समय समस्त देवी देवता उन्हें आशीर्वाद देने को आये थे | भगवान विष्णु ने उन्हें ज्ञान का वहीं ब्रह्माजी ने उनको यश और पूजन का आशीर्वाद दिया | धर्मराज ने गणेशजी को धर्म एवं दया … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 8 और 9 सितंबर

मेष लग्नवालों के लिए – 8 और 9 सितंबर 2018 को स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें! रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की कोशिश करें! माता पक्ष के किसी कार्यक्रम … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 6 और 7 सितंबर

मेष लग्नवालों के लिए – 6 और 7 सितंबर 2018 को सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है! अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की … Read more

बालक की प्रथम गुरु कौन?

अक्सर ऐसा कहा जाता है कि बालक की प्रथम गुरु उसकी माता होती है परंतु मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। माता भी एक इंसान है और उसके अपने सुख-दुख हैं । कुछ चीजों से वह विचलित हो सकती है , कभी वह उद्वेलित भी हो सकती है । लेकिन उसको गुरु रूप में … Read more

जन जन के लोक देवता ——गोगाजी पीर

लोक कथाओं एवं प्रचलित मान्यताओं के अनुसार गोगाजी को साँपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। गोगाजी के प्रतीक के रूप में पत्थर या लकडी पर सर्प मूर्ती उत्कीर्ण की जाती है। गोगा को जहरीले सर्पों के जहर को नष्ट करने की अलौकिक शक्ति प्राप्त हुई थी । लोक धारणा है कि … Read more

मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा

मुनिश्री सुमेरमलजी का चैविहार संथारे में देवलोकगमन जैन धर्म में संथारा अर्थात संलेखना- ’संन्यास मरण’ या ’वीर मरण’ कहलाता है। यह आत्महत्या नहीं है और यह किसी प्रकार का अपराध भी नहीं है बल्कि यह आत्मशुद्धि का एक धार्मिक कृत्य एवं आत्म समाधि की मिसाल है और मृत्यु को महोत्सव बनाने का अद्भुत एवं विलक्षण … Read more

शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती

(05 सितंबर 2018 शिक्षक दिवस पर विशेष) शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता है। किसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्य देवो भवः यानी … Read more

गत्यात्मक लग्न-राशिफल : 4 और 5 सितंबर

मेष लग्नवालों के लिए – 4 और 5 सितंबर 2018 को स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। भाई , … Read more

घटघट के वासी कान्हा का जन्मोत्सव–जन्माष्टमी

सच्चाई तो यही है कि जब जब इस धरा पर राक्षसों के जुल्म और अत्याचार चरम सीमा तक बढ़ जाते हैं और तब सत्य पर असत्य, विनम्रता पर अहंकार,नैतिकता पर अनैतिकता, सहिष्णुता पर असहिष्णुता, न्याय पर अन्याय और धर्म पर अधर्म हावी हो जाता है, तब जगत के पालनहार भगवान विष्णु सत्य और धर्म की … Read more