गुरु के राशि परिवर्तन का प्रभाव 12 सितम्बर 2017

दयानन्द शास्त्री
प्रिय पाठकों/मित्रों, वैदिक ज्योतिष के अनुसार देवगुरु बृहस्पति की हर गतिविधि खास मायने रखती है और जिस भाव में बृहस्पति का परिवर्तन होता है उसके अनुसार समस्त राशियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। लगभग एक वर्ष एक महीने यानि 13 महीनों के अंतराल पर गुरु का राशि परिवर्तन होता है। इस Read more

ग्रहों के प्रभाव का प्रमाण

sangita puri
अतिथि पोस्ट — श्री विद्या सागर महथा , गत्यात्मक ज्योतिष के जनक अक्सरहा लोग सूर्य-चंद्र के द्वारा पृथ्वी के जड़-चेतन पर पड़नेवाले प्रभाव को स्वीकार करते हैं I सूर्य के कारण ही सारी सृष्टि संभव है I लेकिन बाकी ग्रहों के पड़नेवाले प्रभाव को ज्योतिषीय ज्ञान के अभाव में लोग क Read more

अणुव्रत के आदर्शों का हो नया भारत

lalit-garg
सत्तर वर्ष पूर्व भारत की स्वतंत्रता के बुनियादी पत्थर पर नव-निर्माण का सुनहला भविष्य लिखा गया था। इस लिखावट का हार्द था कि हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र होगा जहां न शोषक होगा, न कोई शोषित, न मालिक होगा, न कोई मजदूर, न अमीर होगा, न कोई गरीब। सबके लिए शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा और उ Read more

जीवन को आनन्दमय बनाये रखने का मन्त्र—-सामना करे कड़वी सच्चाइयों का Part 2

डा. जे.के.गर्ग
जो आप सोचते उसे क्रियान्वित करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि सोचना और उसे मूर्तरूप देना बिल्कुल अलग होती हैं। सुखी जीवन के लिये योजनायें बनाना सही हो सकता है किन्तु इन योजनाओं को वास्तविकताओं में बदलने के लिए कड़ी मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच रखना भी लाजमी होता है | थोथा चना बा Read more

जीवन को आनन्दमय बनाये रखने का मन्त्र—-सामना करे कड़वी सच्चाइयों का Part 1

डा. जे.के.गर्ग
वास्तविकता तो यही है कि हम स्वयं ही हमारी जिन्दगी को अशांत, दुखी, शंखालु एवम् अस्त-व्यस्त बना डालने का कारण खुद ही होते हैं | जी हाँ, क्योंकि हम अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या या जिन्दगी में कुछ कड़वी सच्चाईयों से मुहं मोड़ कर उनकी जानबुझ कर अनदेखी कर देते अथवा उन्हें नकार देते है Read more

शिक्षक समाज की धुरी व देश निर्माता

देवेन्द्रराज सुथार
– देवेन्द्रराज सुथार समाज की नवचेतना को आकार एवं दिशा देने में शिक्षक की अहम् भूमिका होती है। शिक्षक समाज का दर्पण व निर्माण वाहक है। नवशिशु नामक नवकोपले जब इस संसार जगत में प्रवेश करती है, तो उस समय वह परिवार की पाठशाला में मां नामक शिक्षक से संस्कारों व व्यवहार की ता Read more

जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 5

डा. जे.के.गर्ग
आसू देवासी ने पनेर जाकर पेमल को बताया “तुम्हारा पति तेजा मरणासन्न हैं उसने तुम्हारें लिये यह रुमाल भेजा है | “तेजाजी के बलिदान का समाचार सुनकर पेमल की आँखें पथरा गई उसने मां से नारियल माँगा, सौलह श्रृंगार किये, परिवार जनों से विदाई ली और सुरसुरा जाकर तेजाजी के साथ सती हो गई Read more

समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों का अहम योगदान

ब्रह्मानंद राजपूत
(05 सितंबर 2017 शिक्षक दिवस पर विशेष Article) शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता है। किसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्य देवो भव Read more

जन जन के पूज्यनीय लोक देवता तेजाजी -Part 3

डा. जे.के.गर्ग
अपनी बहिन राजल को उसके ससुराल से लोटा आने के बाद तेजाजी ने अपनी माँ और भाभी से पनेर जाने की इजाजत मागीं | माँ-भाभी ने पंडितजी की सलाह के बाद कहा कि वे दो महिने बाद शुभ मुहूर्त पर जायें तब तेजाजी बोले “जंगल के शेर को कहीं जाने के लिए मुहूर्त निकलवाने की जरुरत नहीं होती है “| Read more