क्यो हम लकीर पीटते है , घटना होने से पहले जागना कब सीखेंगे

विनीत जैन
विनीत जैन
जिस तरह गुड़गांव में रेयान स्कूल में वारदात हुई है वाकई झकझोर देने वाली घटना है परंतु कई स्कूल ऐसे भी है जो मान्यता लेकर बैठे है और फिर बच्चो के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे है

अजमेर में भी dps स्कूल की ब्रांच खुली है जिसमे सभी माँ बाप जाते भी होंगे , वहाँ घुसते ही सबसे पहले जिसके दर्शन होते है वो है मोबाइल टावर , सरकारी नियमानुसार किसी भी टावर से स्कूल की एक निश्चित दूरी होनी चाहिए , परंतु dps स्कूल इस नियम की धज्जी उड़ाने के वावजूद न सिर्फ राजस्थान शिक्षा निदेशालय से मान्यता प्राप्त कर लेता है बल्कि आगे cbse की भी मान्यता के लिए अप्लाई कर देता है और शायद वो उसे मिल भी जाएगी क्योंकि पैसे में बहुत जोर है यहाँ बच्चो की सेहत की परवाह किसी को नही है , सिर्फ पैसे की खनक देखनी है

भगवान न करे कुछ हो , परंतु किसी दिन किसी बच्चे को रोग लग गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा dps स्कूल देल्ही प्रबंधन जिन्होंने फ्रैंचाइज़ी दी या फिर शिक्षा विभाग जिसने मान्यता दी या फिर cbse जहाँ से भी मान्यता मिल ही जाएगी या फिर वे बेचारे मा बाप जो सब कुछ देखते हुए भी अपने नॉनिहालो को ऐसी जगह भेज रहे है

जो भी जिम्मेदार हो ये वे तय करे परंतु बच्चो की जिंदगी से खेलने का अधिकार किसी को नही है , कोई भी स्कूल हो सभी मे कुछ न कुछ कमियां होती ही है परंतु जब बात बड़े ब्रांड के स्कूल की आती है तो उन्हें तो कम से कम अपने नाम का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी कमी के होने पर स्कूल को मान्यता नही देनी चाहिए इस पर सख्ती से अमल किया जाना चाहिए क्योंकि कानून अपने आप मे सक्षम है कमी सिर्फ उसकी पालना में है

उम्मीद है सरकार का ध्यान इस ओर जाएगा और भविष्य में कोई बड़ी घटना न हो इसका ध्यान रख कर उचित कार्यवाही की जाएगी ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे

विनीत जैन
न्यूज़ फ़्लैश
अजमेर संभाग
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