अजमेर की जो धरा है, थोडा हट के ज़रा है.

Kaybee Priyani

Kaybee Priyani

अजमेर की जो धरा है,
थोडा हट के ज़रा है.
शहर ये खूबियों और रस-स्वादों से भरा है.
.
.
स्टेशन से निकलते ही मदार गेट दिखता है जहां बढ़िया शरबत औऱ फलूदा बिकता है.
गेट में घुसते ही पुरानी मंडी नज़र आती है,
इस सकड़ी गली को देख रूह कांपती है.
.
एक बात दिमाग को बरबस छील जाती है,
कैसे इस गली में औरतें दोने चाटती हैं.
.
ये गली प्राचीन अजमेर की याद दिलाती है,
यहाँ के प्रसिद्व सोन हलवे से मिलवाती है.
नया बाजार भी अपने दो रूप दिखाता है,
दिन में ये सोने चांदी का गढ़ कहलाता है
शाम ढलते ही चौपाटी सा नज़र आता है.
.
सर्दी में चाय और सूप लीजिये जनाब,
गर्मी में मिल्क बादाम, फालूदा है लाज़वाब.
.
कढी-कचोरी अजमेर का नहीं है कोई तोड़,
नया बाजार चोपड़ या केसरगंज के मोड़.
.
बरसात का मौसम अलग मज़ा लाता है
गर्मा गर्म दाल-पकौड़ों में आनंद आता है.
.
लोग कहते है समझ समझ का फेर है,
इसी लिए इस नगरी का नाम अजमेर है.
.
लेकिन ये नगरी स्वाद और सुगंध का ढेर है,
इसी लिए इस नगरी का नाम अजमेर है.

‎Kaybee Priyani

Print Friendly

Choose your typing language Ajmer Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>