फिर भी पुष्कर की दुर्दशा क्यों?

राकेश भट्ट
राकेश भट्ट
4 साल के कार्यकाल में 2149 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी पुष्कर की सड़कें , हॉस्पिटल , बस स्टैंड की बदतर हालत को सुधार नही पाए संसदीय सचिव सुरेश रावत , सरोवर भी दुर्दशा का शिकार •••*

*राज्य सरकार के संसदीय सचिव और पुष्कर के भाजपा विधायक सुरेश सिंह रावत ने पुष्कर में बाकायदा पत्रकार वार्ता करके अपने कार्यकाल के दौरान बीते चार सालों में किये गए विकास कार्यो का लंबा चौड़ा लेखा जोखा पेश किया । इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भी अपने खाते में जोड़ते हुए कुल दो हजार एक सो उनचास करोड़ रुपयों के काम करवाकर पूरे विधानसभा क्षेत्र में विकास की गंगा बहाने के बड़े बड़े दावे किए , उन्हें सच साबित करने के लिए कुछ आंकड़े भी प्रस्तुत किये ।*

*बड़ा सवाल यह है कि 2149 करोड़ की भारी भरकम राशि खर्च करने के बाद भी पुष्कर अजमेर मार्ग की सड़कों की हालत इतनी दयनीय क्यों है । बीते एक साल से यह मार्ग जगह जगह से टूटा हुआ था । आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं के बाद उस पर टाट का पैबंद लगाकर कारी लगाई गई । पुष्कर मेला शुरू होने के बाद सड़क निर्माण हुआ तो 2 किलोमीटर में ही थम गया । आज भी हालात जस के तस है ।इसके अलावा भी पुष्कर के अन्य मार्गो की हालत दयनीय है ।*

*दूसरा बड़ा सवाल यह पर स्थित बस स्टैंड की दुर्दशा है । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त होने के बावजूद यहां के बस स्टैंड पर ना तो स्वच्छ पानी , शौचालय , सहित अन्य कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है और ना ही यहां की सड़कें , बसों के आने जाने का भी कोई समय तय नही है । एक ही शहर में 3 ,3 बस स्टैंड होने से हालात और भयावह है । बेचारे श्रद्धालु इधर से उधर दर दर भटकते रहते है । यह हालात तो तब है जब स्वयं यातायात मंत्री द्वारा एक साल पूर्व ही विश्व स्तरीय बस स्टैंड बनाने की घोषणा की जा चुकी है ।*

*यहां के सरकारी हॉस्पिटल का भी भगवान ही मालिक है । हर रोज इतने श्रद्धालुओ का आगमन , आये दिन वी आई पी लोगो की यात्राएं और पुष्कर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारो लोगो के लिए आपात स्थिति में यही एक मात्र चिकित्सालय है । परंतु यहां भी हालात बद से बदतर है । सोनोग्राफी या एमआरआई मशीन तो दूर यहां पर डिजिटल एक्सरे मशीन और ब्लड बैंक तक उपलब्ध नही है । कई बार तो ड्रेसिंग करने के लिए दवाई भी बाहर से लानी पड़ती है । मरीजो के लिए दवाई के काउंटर , पर्ची के काउंटर भी एक आध ही है जहां हर रोज घंटो लाइन में लगकर इलाज करवाना पड़ता है । नर्सिंग स्टाफ का हाल भी बेहाल है ।*

*सबसे बड़ा मुद्दा यहाँ के पवित्र सरोवर की स्वच्छता का है । नेताओ द्वारा हर बार बड़ी बड़ी घोषणायें की जाती है । बजट लाने के दावे किए जाते है परंतु धरातल पर ठोस काम नजर नही आता । सालो से बारिश के दौरान गंदा पानी सरोवर में जाता है परंतु 2149 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी पुष्कर की आत्मा माने जाने वाले सरोवर को यदि स्वच्छ नही रखा जा सकता है तो काहे का विकास और किसका विकास करने के दावे कर रहे है विधायक सुरेश सिंह रावत ।*

*एक और विधायक महोदय चार साल के कार्यकाल का जश्न मनाकर विकास की गंगा बहाने के दावे कर वाहवाही लूट रहे है वही दूसरी और पुष्कर की आम जनता आज भी इन जैसी ना जाने कितनी समस्याओं से हर रोज जूझकर अपने आपको ठगा हुआ सा महसूस कर रही है , विधायक रावत के दावों के बाद अब पुष्कर की जनता के मन मे बार बार यही सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने हजार करोड़ खर्च करने के बाद भी आज तक उनकी इन रोजमर्रा की और बेहद जरूरी समस्याओं का समाधान क्यों नही हो पाया , और इन समस्यायों से निजात पाने के लिए जनता को अभी और कितना इंतजार करना पड़ेगा यह भी एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब देना जरूरी है ।*

*राकेश भट्ट*
*प्रधान संपादक*
*पॉवर ऑफ नेशन*
*मो 9828171060*

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