जी एस टी @48%

विनीत जैन

विनीत जैन

जी हाँ सरकार का एक विभाग शायद अपनी ही जी एस टी चला रहा है उसे केंद्र सरकार के अधिकतम 28% जी एस टी से कोई मतलब नही है वो अपनी मर्जी से 48% जी एस टी ले रहा है और बाकायदा इसकी रसीद भी दी जा रही है ,

राजस्थान सरकार के सरकारी स्टेट मोटर गेरेज द्वारा पुरानी कबाड़ गाड़िया नीलाम की गई थी जिसमें टैक्स जो कि मोटर पार्ट पर लगना चाहिए 28 % उसकी जगह पर 48 % लिया गया और उसकी बाकायदा रसीद भी दी गयी , जबकि जी एस टी में स्पष्ट प्रावधान है कि 28 % से ज्यादा जी एस टी हो ही नही सकती

अब इस तरह के मामले क्योंकि सरकारी अधिकारियो ने अपने ड्यूटी कार्य के दौरान किये है इसीलिए काले कानून के पास होने के बाद इस तरह की रिपोर्टिंग भी नही की जा सकेगी तो क्या अब सरकार इस तरह की खुली मनमानी करने की छूट अपने अफसरों को देना चाहती है , क्या सरकार चाहती है कि उसके अफसर बेलगाम हो जाए , आज थोड़ा बहुत जो डर है वो मीडिया ओर अदालत का ही है अगर मीडिया ओर अदालत का डर न हो तो ये राजनेता ओर अधिकारी मिलकर देश का कितना नुकसान करेंगे इसका अंदाजा ही नही है ,जनता को इतना परेशान करेंगे कि जनता के जायज काम आज वैसे ही नही हो रहे और फिर तो पैसों का राज चलेगा खुल्ले आम भ्रस्टाचार होगा और कमाल की बात कोई इसकी रिपोर्टिंग करेगा तो जेल जाएगा ,

वाह रे वाह सरकार इससे अच्छा तो आप चुनाव पर ही रोक लगा दो तानाशाही डिक्लेअर कर दो न होगा बांस न बजेगी बांसुरी , अब अगर ये कानून मौजूदा स्वरूप में पास हो गया तो फिर तो उसके बाद चुनाव पर ही बेन लगाना बाकी रह जाएगा प्रेस ओर मीडिया तो खत्म हो जाएंगे रोज पत्रकार जेल जाएंगे

कहाँ तो पत्रकारो को सुरक्षा देने की बात कही जा रही थी ओर कहा उल्टा पत्रकार को जेल भेजने की बात की जा रही है

में मानता हूं की कई बार ईमानदारों को भी परेशान किया जाता है परंतु ईमानदार को कभी डरने की जरूरत नही होती अगर अधिकारी ईमानदारी से कार्य करे नियमो का पालन करे तो किसी का डर नही होगा डर तभी होगा जब गलत कार्य करेगा ,सरकार का कहना है कि ईमानदार अधिकारियो की प्रतिष्ठा के लिए ये कानून लाया जा रहा है , हम भी ईमानदार अधिकारियो के हितों की रक्षा के लिए तैयार है परंतु सरकार ये बताए कि क्या कोई भी अदालत बिना दस्तावेज देखे इस्तगासा दायर करने का आदेश देती है क्या ,इस्तगासा तभी दायर की जा सकती है जब आपकेे पास पर्याप्त सबूत हो और पुलिस आपकी नही सुन रही हो , सरकार ने तर्क दिया कि 2.75 लाख मामलों में से 1.70 लाख मामलों में एफ आर लगी और मामले झुटे पाए गए , मगर सरकार उन 1 लाख मामलों को भूल गयी जिनमे कार्यवाही हुई उनका क्या , जीरो टॉलरेंस की नीति ये नही कहती कि आप इसका बचाव करो जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले इन 1 लाख केस को कैसे भूल गए

जो लोग झूठे मुकदमे करते है उनमें झूठ पाए जाने पर आप झूठे के खिलाफ सरकार की ओर से मुकदमा करो और उन्हें जेल भेजो ,इसके लिए पूरे सिस्टम को बर्बाद कर देना कोई हल नही है , सिस्टम को सुधारने की बात होनी चाहिए सिस्टम ऐसा बनाने पर ध्यान दे सरकार जिसमे भ्रस्टाचार खत्म हो ,ध्यान रहे मनमोहन सरकार सिर्फ भ्रस्टाचार की वजह से ही गयी थी, लोगो ने मोदी और भाजपा सरकार इसीलिए चुनी थी कि भ्रस्टाचार पर अंकुश लगे परंतु अगर इस तरह की मनमानी की गई तो शायद ही राजस्थान में भाजपा की वापसी हो , वैसे ही लोगो का मोहभंग हो चुका है ,जनता सब देख रही है जबाब भी जल्दी देगी

विनीत जैन
न्यूज़ फ़्लैश
अजमेर
8107474391

Print Friendly

Choose your typing language Ajmer Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>