उचित मूल्य की दुकानों की होगी दो स्तरों पर जांच – जिला कलक्टर

अजमेर, 11 सितम्बर। जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल ने सोमवार को विभिन्न विभागों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उचित मूल्य की दुकानों की दो स्तरों पर जांच कराने के निर्देश प्रदान किए।
श्री गोयल ने कहा कि जिले की समस्त उचित मूल्य की दुकानों की जांच कर दो स्तरों पर स्टाॅक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। प्रथम स्तर पर पटवारी द्वारा तथा द्वितीय स्तर पर नायब तहसीलदार, तहसीलदार, जिला रसद अधिकारी, विकास अधिकारी, प्रवर्तन निरीक्षक एवं उपखण्ड अधिकारी स्तर पर की जाएगी। इसके अन्तर्गत एक सितम्बर को रिकाॅर्ड के अनुसार तथा मौके पर उपलब्ध सामग्री का मिलान कर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जांच के दौरान निर्धारित प्रपत्रा में निरीक्षणकर्ता द्वारा समस्त सूचनाएं भरी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अजमेर जिले की चार तहसीलों अजमेर, पुष्कर, नसीराबाद एवं पीसांगन का सैटलमेंट सर्वे कृत्रिम उपग्रह की सहायता से किया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर ग्राउंड कंट्रोल यूनिट की स्थापना की जाएगी। उपग्रह के द्वारा तैयार किए गए मानचित्रा का अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व नक्शे बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्राी आपकी बेटी योजना के लाभान्वितों को प्रोत्साहन की राशि जारी की जाए। अजमेर जिले में 279 नजूल सम्पत्तियों का निस्तारण किया जाए। उनमे से अजमेर में 207, किशनगढ़ में 52 तथा सरवाड़ में 20 नजूल सम्पत्ती है। रिजनल काॅलेज के पास निर्मित सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट का उपयोग पूरी क्षमता के साथ करना सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। चैरसियावास से आने वाले नाले को एक सप्ताह में सिवरेज ट्रीटमंेट प्लाण्ट तक जोड़ेने के लिए निर्देशित किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री किशोर कुमार, श्री अबु सूफियान चैहान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरूण गर्ग, नगर निगम के आयुक्त श्री हिमांशु गुप्ता, जिला भामाशाह अधिकारी श्रीमती पुष्पा सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

डीआरडीए भवन में संचालित होगा वन स्टोप सेन्टर
अजमेर, 11 सितम्बर। जिला कलक्टर श्री गौरव गोयल की अध्यक्षता में अपराजिता-वन स्टोप क्राइसिस मेनेजमेंट सेन्टर फोर वूमेन – सखी की प्रबंध समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इसमें सेंन्टर को डीआरडीए भवन में स्थित सीडीपीओ ब्लाॅक में अस्थायी रूप से संचालित करने के निर्देश प्रदान किए।
श्री गोयल ने कहा कि अपराजिता-वन स्टोप क्राइसिस मेनेजमेंट सेन्टर फोर वूमेन -सखी का संचालन अस्थायी तौर पर डीआरडीए भवन में खाली हुए सीडीपीओ ब्लाॅक में किया जाएगा। इससे पीड़ीत महिलाओं को राहत प्राप्त होगी। केन्द्र के संचालन के लिए प्राप्त निविदाओं को अनुमोदन के लिए निदेशालय स्तर पर भिजवाने के निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री अबु सुफियान चैहान, महिला एवं बाल विभाग की उप निदेशक श्रीमती अनुपमा टेलर, कोषाधिकारी श्री मनोज शर्मा, सीडीपीओ श्री नितेश यादव उपस्थित थे।

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