मोदी जी के नाम एक पत्र

modiआदरणीय
मोदी जी नमस्कार,
आज से ठीक तीन वर्ष पूर्व मैने जब आपके चेहरे और आपके भाषणों को सुनकर कमल के फूल का बटन दबाया था।सिर्फ मैने ही बटन नहीं दबाया था अपितु अपने परिजनों, रिश्तेदारो एवं परिचितों सभी स आपके भाषणों का हवाला दे निवेदन की थी कि इस बार देश के विकास के लिए मोदी जी को वोट दें। परिणाम भी सकारात्मक आए और बहुमत के साथ आपने सरकार बनाई।
सच बताऊँ तो ये वोट मैने ना तो बुलेट ट्रेन के लिए दिया था ना ही स्मार्ट शहरों के लिए और पंद्रह लाख के लिए तो कदापि नहीं दिया था। हालाँकि इतना अवश्य सोचा था कि मेरा 56″ प्रधान मंत्री विदेश से कालाधन लाएगा, सभी दागी नेताओं को जेल भेजेगा, सबका साथ सबका विकास के अपने नारे को साकार करेगा, देश से भृष्टाचार को समाप्त करेगा, दलगत और जातिगत आधार पर कोई विरोधाभास नहीं होगा, सामान्य हिन्दु या स्वर्ण आरक्षितो द्बारा एसटी एससी एक्ट की आड में पडताडीत नही होगा
सब के लिए एक कानून होगा सब को एक दृष्टि देखा जाएगा,
सब महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी , जाती के नाम पर उत्पीडन नही होगा,
किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा, दाऊद जैसे आतंकी हमारी गिरफ्त में होंगे, पाकिस्तान से दस सिर आएं अथवा ना आएं लेकिन हमारे जवान सीमा पर शहीद नही होंगे, बेरोजगार नौजवानों को रोजगार मिलेगा ।
साहब मैने कुछ गलत सोचा था या कुछ ज्यादा अपेक्षाएँ पाली थी ? मुझे लगता है कि आपने जो वादे किए थे उसके अनुसार मैने सिर्फ आधी ही अपेक्षाएं रखी थी आपसे।
साहब आज तीन वर्ष हो चुके हैं, बेरोजगार नौजवानों में से कुछ तो अपनी अधिकतम उम्र की सीमा को भी पार कर चुके हैं तो आधे से अधिक अब उम्मीदें छोडकर निराश हो चुके हैं । साहब विदेश यात्राओं एवं लच्छेदार भाषणों के सिवा अब तक आपने कुछ नहीं दिया है आम आदमी को हम सब अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं ।
आपसे जब कुछ पूछा जाता है तो आप कहते हैं कि 70 सालों तक देश को लूटा गया इतनी जल्दी कुछ नहीं हो सकता है? साहब उन्ही 70 साल वालों के द्वारा चलाई गई योजनाओं के अब तक आप फीते काटकर उदघाटन कर रहे हैं उनके बनाये रेलवे स्टेशन उधोग बेच कर खा रहे है
आपने अब तक यही किया है
क्या है ये भी बताने की आवश्यकता है तो बता देता हूँ =
1= गांधी को चतुर बणिया बता दलाल बता बणियो के विरुध घृणा फैला में लगे
2= स्वर्णो को 1947 से पहले वाली गुलामी की याद दिला दी।
3= पाकिस्तान समर्थक पी डी पी के साथ सरकार बना ली।
4= युवाओं को दर दर भटकने को मजबूर कर दिया।
5= डीजल को बाजार के हवाले कर किसानों की कमर तोड दी।
6= अंबानी के बंद पडे पेट्रोल पंप आपकी कृपा से एक रूपया सस्ता तेल बेच रहे हैं ।
7= पाकिस्तान हर रोज दो चार जवानों को शहीद कर रहा है ।
8= ड्रैगन हर रोज आंख दिखाकर जवानों के साथ हाथापाई कर रहा है।
9= जो भी विपक्ष का नेता सवाल पूछे उस पर रेड डलवाई जा रही है ।
10= व्यापमं और कोलगेट जैसे घोटालों पर पर्दा डाल दिया गया है ।
11= उत्तर प्रदेश में इस समय हालात कश्मीर जैसे हो गए हैं ।
12= कश्मीर में हालात पाकिस्तान जैसे नजर आ रहे हैं ।
13= कश्मीर में उप चुनाव में 2% मतदान इस देश के लिए शर्म की बात है।
14= हरियाणा में बेटियां स्कूल नही जा सकती हैं।
15 = आप हर जगह प्रोटोकाल तोडकर चल देते हैं हमारे किसान महीनों तक दिल्ली में पडे रहे आपने उनकी मांगों को सुनना भी उचित नहीं समझा।
16= उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर जातिगत आधार पर किए जा रहे हैं ।
17= उत्तर प्रदेश बीम प्रदेश बनकर रह गया
18= रेल का किराया निरंतर बढाया जा रहा है ।
19= कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद डीजल पेट्रोल मंहगे बेचे जा रहे हैं ।
20= ई वी एम पर सभी को संदेह है लेकिन आपको तीन तलाक की ज्यादा चिंता है।
21= 11 अरब रूपए आपने अपनी पार्टी के प्रचार पर खर्च कर दिए।
22= आप तो कहते थे कि मैं चौकीदार की तरह काम करूंगा, क्या हुआ साहब?
23= आप तो कहते थे कि आप गंगा मैया के बेटे हैं ।
24= गोवा और मणिपुर में लोकतंत्र की हत्या किसने की?
अब देखते हैं कि छूटा क्या =
1= साहब विकास कितना हुआ?
2= मंदिर कितना बना ?
3= स्मार्ट सिटी कितनी बनी?
4= गंगा मैया कितनी साफ हुई?
5= बनारस क्योटो बना क्या?
6= पाकिस्तान थर थर कांपा क्या?
7= पाकिस्तान से दस सिर आए क्या?
8= कश्मीरी पंडितों को उनका हक मिला क्या?
9= धारा 370 समाप्त हुई क्या?
10= व्यापमं का राज खुला क्या?
11= कालाधन आया क्या?
12= बुलेट ट्रेन चली क्या?
13= महिलाओं को सुरक्षा मिली क्या?
साहब क्या क्या लिखू और कब तक लिखू थक चुका हूँ। लेकिन आप झूठ बोलते बोलते नही थकते हो।उम्मीद करता हूँ कि बचे हुए दो सालों में आप झूठ बोलने की बजाय अपने वादों पर ध्यान देंगे।
धन्यवाद
भूतपूर्व मोदी भक्त।।

1 thought on “मोदी जी के नाम एक पत्र

  1. smart city to pata nahi kab banege bhai kewal ek bhartiya achha swadeshi city bana do.pratiksha rat saharwasi.

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