पंडित जी का इस्तीफ़ा

b p saraswatसुरेंद्र चतुर्वेदी
हमारे शहर में एक पंडित जी हैं। कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर। बड़े ही गुणी पंडित हैं उनका नाम है प्रोफेसर बी पी सारस्वत ।हम उन्हें बड़े सम्मान के साथ गुरु जी कहते हैं ।हाल ही में उन्होंने विश्वविद्यालय से इस्तीफा दे दिया मेरे दिल पर गाज़ गिर गई ।लगा कि जरूर विश्वविद्यालय में किसी ने उनका दिल दुखाया होगा या नौकरी करते करते हुए अचानक कोई ऐसा ज्ञान हुआ होगा कि नौकरी एक गुलामी है बंधन है। गुरु जी ने इस्तीफा दिया तो सच में मन व्याकुल हो गया ।मित्रों से बात की तो पता चला कि गुरु जी ने इस्तीफा बंधन मुक्त होने के लिए नहीं दिया बल्कि वे किसी अन्य सुनहरे बंधन में बंधने के लिए आजाद हो रहे हैं ।आसमान से गिर कर खजूर में अटकने के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय से इस्तीफा दे दिया।
मुझे यह तो पता ही है कि गुरुजी मुख्यमंत्री वसुंधरा जी के लाडले लाल भगत सिंह हैं।पृथ्वी मां वसुंधरा उन्हे अपनी छत्रछाया में धूप से बचाती रहती है ।वह उनके अंदर छिपे पुरोहित को भली भांति समझती हैं ।जानती हैं कि पंडित जी आसानी से खंडित नहीं हो सकते ।तभी उन्होंने अब तक उन्हें जिले का सिरमौर बनाए रखा।
विश्वविद्यालय में उन्होंने कितने युवकों को पढ़ा कर उनका भविष्य बनाया यह तो मैं नहीं जानता पर उनसे नौकरी के दौरान जब भी मिला उन्होंने बड़े प्यार से राजनीति ही सिखाई ।वाणिज्य का बनिया कभी सामने नहीं आने दिया ।
एक पत्रकार मित्र ने कहा वह मध्यावधि चुनाव में सांसद पद की उम्मीदवारी के लिए इस्तीफा दे रहे हैं ।अपने ठहरे भोले भाले शिष्य। गुरुजी को जिले का सांसद देखने के लिए बेताब ।बहुत खुश हुए गुरुजी दिल्ली जाएंगे यह सोच कर अरविंद उर्फ गिरधर जी और मेरे जैसे शागिर्द उनके बहाने दिल्ली में अपनी जाजम बिछा देंगे।
खुश होकर शहर के शो मैंन राजेश टंडन के पास पहुंचे ।उनको बताया कि गुरूजी दिल्ली जाने वाले हैं। इस्तीफा दे दिया है।
टंडन जी ने मेरी बात का तत्काल कर दिया खंडन। बोले पंडित जी एक नंबर के तीया हो ।तुम्हारे गुरु जी अब राजनीति की परिणीति में लगे हैं ।वह चुनाव लड़कर अपनी किरकरी नहीं कराएंगे ।सचिन पायलट से मुकाबला करना पड़ा तो पसीने से कपड़े गीले हो जायेंगे। मैंने आश्चर्य से टंडन जी को देखा।वो बोले तुम्हारे गुरुजी आर पी एस सी या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन का चोला पहनने वाले हैं ।इसलिए दिया है उन्होंने इस्तीफा ।टंडन जी की बात सुन ली मगर मुझे तो अभी भी लगता है कि हमारे गुरुजी मां वसुंधरा की कृपा से राजनीति में ही कुछ अजूबा करके दिखाएंगे। दिल्ली जाएंगे ।जीवन सफल बनायेंगे।तार देंगे तर जायेंगे।

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