आईसीआईसीआई बैंक भारतीय सशस्त्र बल को 10 करोड़ रुपए देने को संकल्पबद्ध

योगदान की राशि का उपयोग देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों की ‘‘वीरांगनाओं‘‘ एवं उनके बच्चों के कल्याण कार्यो के लिए किया जाएगा

ICICI Bankमुम्बई। समेकित सम्पदा की दृष्टि से निजी क्षेत्र में भारत के शीर्ष बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने भारतीय सशस्त्र बल को 10 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह योगदान इस वर्ष व अगले वर्ष दो बराबर किस्तों के रूप में दिया, इस राशि का उपयोग देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के परिवार की बेहतरी एवं कल्याण के लिए किया जाएगा। आईसीआईसीआई बैंक की प्रबन्ध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिस चंदा कोचर ने आज 5 करोड़ रुपए का चेक माननीया रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्रालय में आयोजित एक समारोह के दौरान दिया। रक्षा मंत्री ने आईसीआईसीआई बैंक के इस पुनीत कार्य के लिए आभार जताया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में आईसीआईसीआई बैंक की प्रबन्ध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिस चंदा कोचर ने ‘‘हमारा भारतीय सशस्त्र बल बड़ी ही बहादुरी के साथ हमारे देश की सीमाओं की सुरक्षा करता है, और हमें इन खतरों से बचाता है, इनमें से कई जांबाज सैनिकों ने देश की सीमा की सुरक्षा के लिए वीरता पूर्वक युद्ध भी किए और देश के लिए वीरगति को प्राप्त हो गए। हालांकि इन वीरों के परिवारों को हुई क्षति को तो कितनी भी राशि देकर पूरा नहीं किया जा सकता या कहंे कोई भी मदद इनके लिए पर्याप्त नहीं है, यह हमारा विनम्र प्रयास मात्र है, कि हम उनके परिवारों की बेहतरी के लिए किंचित मात्र सहायता प्रदान कर रहे है।
पूर्व में आईसीआईसीआई बैंक द्वारा कौशल विकास के लिए की गई पहलों से हमने देखा है कि व्यक्ति के जीवन मंे चाहे पुरुष हो या महिला कौशल विकास और ज्ञानाभिवृद्धि से उन्हें देश के आर्थिक अवसरों में प्रतिभागिता मिल सकती है। हमारी सैनिकों की वीरांगनाओं एवं बच्चों को दी जाने वाली इस मदद से वे शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और वे ज्ञान प्राप्ति के योग्य बन सकेंगे, उन्हें रोजगार मिल सकेगा और कुछ आय से वे स्थिर आजीविका प्राप्त कर सकेंगे। हमारी शुभकामनाएं इन परिवारों के साथ हमेशा बनी रहेगी।‘‘
इस कोष का उपयोग दो कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा ताकि सशस्त्र बल के सैनिकों की पुत्रियों समर्थन मिल सके। इनमें से पहला तो पूर्व सैनिकों की बेवाओं के लिए स्नात्कोत्तर शिक्षा के लिए होगा, साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा में भी इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। दूसरी योजना के तहत पूर्व सैनिक की पुत्री के विवाह में मदद की जाएगी। यह कृपा निधि आईसीआईसीआई बैंक की राष्ट्र निर्माण के लिए विभिन्न गतिविधियों की प्रतिबद्धता से जुड़ी है।
केन्द्रीय सैनिक बोर्ड जो कि भारत सरकार का ही एक निकाय है, और इसका निर्माण पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए नीतियां बनाने के लिए किया गया है, इस कार्यक्रम का प्रशसन संभालेंगे। यह निकाय (बॉडी) पर इस राशि को आवंटित करने का दायित्व होगा, वह जरूरतमंद को चिन्हित करेगी तथा इस कार्यक्रम का कुल मिला कर संचालन करेगी।
आईसीआईसीआई बैंक भारत के आर्थिक विकास एवं अन्य विकासों के लिए एक विरासती भागीदार के रूप में कार्यरत है। देश के समेकित विकास को प्रोत्साहन देना बैंक की प्राथमिकता के क्षेत्र सामाजिक एवं कारोबारी परिप्रेक्ष्य में शामिल है। आईसीआईसीआई बैंक का ध्यान शिक्षा एवं रोजगार को प्रोत्साहित करने पर केन्द्रित है साथ ही व्यावहारिक शिक्षा विशेषतौर पर महिलाओं के लिए ताकि वे सशक्त हो सकें और आर्थिक रूप से स्वतंत्र जीवन यापन कर सकें।
आईसीआईसीआई बैंक लि. के बारे में: आईसीआईसीआई बैंक ;छल्ैम्रूप्ठछद्ध भारत का निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है, इसकी समेकित कुल सम्पदा 153.0 बिलियन डॉलर 30 जून 2017 को रही। आईसीआईसीआई बैंक की इकाइयों में भारत की शीर्ष बीमा कम्पनियां, सिक्यूरिटी ब्रोकरेज कम्पनियां, म्युच्युअल फण्ड तथा निजी इक्विटी कम्पनियां शामिल है। आईसीआईसीआई बैंक की उपस्थिति वर्तमान में भारत सहित 17 अन्य देशों में है।

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