एक नदी …..

      एक नदी ….. उमड़ती घुमड़ती सी तेज़ धारा संग बहती कलकल का शोर मचाती आ पहुँची अचानक एक समतल ज़मी पर मंद हो गई चाल उसकी ना शोर, ना कोई आवाज़ बस बहने की प्रक्रिया निरंतर है जारी क्या ज़मी का समतल होना है उदासीनता का परिणाम या फिर ये नियति थी … Read more

आगामी दो माह में बुध ग्रह का प्रभाव ये रहेगा

भले ही अपने जन्‍मकालीन ग्रहों के हिसाब से ही लोग जीवन में सुख या दुख प्राप्‍त कर पाते हैं , पर उस सुख या दुख को अनुभव करने में देर सबेर करने की भूमिका आसमान में समय समय पर बन रही ग्रहों की स्थिति की ही होती हैं। जहां ढाई वर्षों के लिए शनि , … Read more

निष्ठा और कांग्रेस

वर्ष 1969 के नवम्बर में इंदिरा गांधी को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था; इंदिरा गांधी एक प्रतिद्वंद्वी संगठन की स्थापना की – इंडियन नेशनल कांग्रेस; उस वक़्त इंदिरा गांधी के साथ खड़े दिखने वालो में थे बूटा सिंह, अंतुले, राम निवास मिर्धा, एपी सिंह, बी.पी. मौर्य, प्रणव मुखर्जी, आदि.  इस के बाद … Read more

आखिर कश्मीर समस्या क्या है?

धर्म साम्राज्य भौगोलिक बाध्यताओं केसम्मुख असहाय हो जाते हैं। भूगोल ही संस्कृतियों का मुख्य कर्ता होता है। कश्मीर के रास्ते में हिंदूकुश पड़ता है। खैबर और बोलन दर्र्रो से आ रहे धर्म साम्राज्य निर्माताओं ने कोशिशें तो कीं, लेकिन वे इलाके का भाग्य नहीं बदल सके। चूंकि अब कश्मीर बड़ी समस्या मान ली गई है … Read more

आखिर कलेक्टर साहब की अनुमति से ही रावण वध हुआ!

प्रांत की राजधानी में सरकारी कर्मचारियों की आवासीय बस्ती के मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम था। मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले खड़े किए गए थे। पहले कुछ देर रामलीला दिखाई गई, जिसमें और बातों के अलावा लंका दहन का दृश्य भी था। लंका दहन के बाद ज्योंहि रावण, कुभकर्ण और मेघनाद … Read more

अब रावण ने मरने से मना कर दिया

खबर है कि उत्तर प्रदेश में एक स्थान पर रावण ने राम के हाथों मरने से इंकार कर दिया। वैसे तो उत्तर प्रदेश जब से मुलायमसिंह जी के कहने पर अमिताभ बच्चन के हाथों ‘उत्तम प्रदेषÓ बना, लगातार सुर्खियों में रहा है लेकिन इस खबर ने तो सबको चौंका दिया। जनता को अब यही कुछ … Read more

कभी आसमां होते थे …

वो ज़मीन हम आसमां होते थे , तब कही दोनों जहाँ होते थे हो न पाया वो कभी दूर मुझसे , फासले चाहे दरमियाँ होते थे तन्हा खड़े खुद का पता पूछते हैं , संग जिनके कभी कारवाँ होते थे सीना ताने कड़ी है इमारत जहां मुफलिसों के कभी छोटे मकाँ होते थे स्याही से … Read more

कांग्रेस राज में ब्रह्मा नगरी

दुनिया का इतना बड़ा तीर्थ , ब्रह्मा जी का विश्व में अपना स्थान और आज ये सारा पुरातन गौरव राजनीति की भेंट चढ़ रहा है …. विश्व स्तरीय तीर्थ की दशा एक गाँव से भी बदतर नज़र आती है | मित्रो क्यों कि मै खुद अजमेर के ही एक तीर्थ ख्वाजा साहिब की दरगाह से … Read more

दो घड़ी का और है, पीछे और तेरी मौत है!

विजयादशमी यानि दशहरे के दिन रावण दहन के कुछ ही पल पूर्व बच्चे-बूढ़े सभी के मुंह से रावण के लिए एक ही बात निकलती हैं, ‘दो घड़ी का और है, पीछे तेरी मौत है! सब जानते हैं कि रावण का वध तो होना ही है। वह चाहे जितना ऊंचा बनाया जाए। कहते हैं कि इस … Read more

बेवकूफ तू या मैं?

आपातकाल में एक राज्य के एक विभाग के मुख्यालय की घटना हैं। एक रोज वहां राज्य सरकार की मार्फत केन्द्रीय सरकार का एक पत्र प्राप्त हुआ, जिस पर लिखा था कि संलग्न पत्र पर आवश्यक कार्यवाही कर सूचित करें। मूल संलग्न पत्र का शीर्षक बहुत ही दिलचस्प था, लिखा था ‘बेवकूफ तू या मैं? पत्र … Read more

राजस्थान का सबसे बड़ा बेशर्म कौन विभाग कौन?

जी हाँ इस तरह की एक प्रतियोगिता हुई थी जिसमे नंबर एक पर आया है राजस्थान लोक सेवा आयोग (तालियाँ). वो इसलिए की ये राजस्थान की एक बड़ी सवेधानिक संस्था है पर जिस तरह से एक के बाद एक छोटी छोटी गलतियाँ कर रहे और बड़े बड़े पेज अखबारों में इन पर लिखे जा रहे … Read more