मारुती का प्लांट फिर शुरू : शोषणकारी है सरकारी नीतियाँ

पिछले महीने लड़ाई झगडे के बाद मारुती का जो प्लांट बंद कर दिया था वो फिर चालू हो गया ये कोई खुशखबरी नहीं, कभी किसी ने गहराई से नहीं सोचा ये हुआ क्यों. क्यों मजदूर अपने ही मालिक का खून कने लगे इसके गर्त में है शोषण. किसी मजदूर को 16500 किसी को मात्र 6500 … Read more

सांप्रदायिकता बनाम धर्मनिरपेक्षता

बात शुरू करने से पहले ही स्पष्ट कर देना उपयुक्त समझता हूँ कि न तो मैं सेक्यूलर हूँ और न ही संप्रदायवाद का हितैषी। आज भारत में जो सरकार कार्य कर रही है वह अपने आप को सेक्यूलर बताती है तथा समय कुसमय पर जोर शोर से सेक्यूलर होने तथा बने रहने की घोषणा भी … Read more

राजस्थान लोक सेवा आयोग में बेशर्मी की वर्षगांठ

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अपना स्थापना दिवस मनाया जो की २० अगस्त को था जिस दिन अखबारों में समाचार आया की राजस्थान लोक सेवा आयोग ने कहा हम क्या करे परीक्षको ने ही उत्तर कुंजी गलत दी थी. हो सकता है परीक्षको ने ही उत्तर कुंजी गलत दी हो पर क्या परीक्षक रेलवे के … Read more

मेरा भारत और हम

आज कल हम देख रहे है की भारत का आम आदमी अपना जीवन कैसे जी रहा है . नहीं , पहले शादी ….. फिर बच्चा – बच्चा पैदा होते ही चिंता , यदि लड़की हुई तो अच्छे स्कूल मे दाखिला और साथ मे ढेर सरे दहेज़ की चिंता – यदि लड़का हो जाए तो बढ़िया … Read more

21वीं सदी एवं राजीव गाँधी!

जब स्व0 राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे तब देश भाषावाद और अलगाववाद से जूझ रहा था तथा उनकी माता अर्थात् श्रीमती इंदिरा गाँधी की हत्या भी अलगाववाद के चलते ही की गई थी। ऐसी विकट परिस्थितियों में जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो देश को उनसे कई आशाएँ जगीं कि उनके कार्यकाल … Read more

मंथन एक सतत प्रक्रिया……..

मंथन एक सतत प्रक्रिया…….. सात्विक सोच से जुड़ा मन न जाने क्यों मंथन ,सतत चिंतन में डूबा रहता है…… कई मुद्दों को तकता है,कई मुद्दे समझता है…… कई प्रश्न घुमड़ते हैं….. उत्तर की राह तकता है……. सोच शायद नयी है परन्तु प्रश्न पुराने हैं…….. क्या व्यवस्था से हारे हैं ???? या व्यक्ति के मारे हैं … Read more

ईद है मेरी रहमत है तेरी

ईद है मेरी रहमत है तेरी खुश है जमाना आज ईद है मेरी दिल है दीवाना आज ईद है मेरी रामनगर में जलसा आज ईद है मेरी रघुनाथ के घर दावत आज ईद है मेरी रहमत है तेरी खुश है जमाना आज ईद है मेरी की हैं दुआएं ईदगाह में सबका भलाकर मालिक गरीब को … Read more

ये शहर देखो …

इन निगाहों से ये शहर देखो हम पे बरपा फिर जो कहर देखो बड़ी मुद्दत से खो सी गयी है कोई इस रात की सेहर देखो नहीं कोई किसी का यहाँ पे ‘मधुकर’ कैसे फिरती है यारों की नज़र देखो खोकर खुश है और पाकर भी तनहा ऐसा दीवानगी का हशर देखो जहाँ कभी शिद्दत … Read more

राज नहीं बदला, राज करने वाले बदल गए

अगर आप सोच रहे है की 15 अगस्त 1947 को हमने राज बदल दिया तो बहुत गलत सोच रहे है जरा विश्लेषण करेंगे तो हकीकत सामने आ जाएगी. अग्रेजो से हमें क्या परेशानी थी ये ही की वो हिंदुस्तान का माल लूट रहे थे हिन्दुस्तानी की अपने ही देश में कोई इज्जत नहीं थी इसलिए … Read more

मानव कर्मे से भूत, बर्तमान व भविष्य का निमार्ण कर सकता है

यह संसार असंख्य जीव जन्तुओं प्राणिओं से भरा है, प्रकृति की इस तरह की व्यवस्था चली आ रही है कि जिस योनी में जो जींव पैदा होता है उसी में वह मग्न प्रषन्न रहता है, प्रकृति के नियम के अनुसार जल, थल, नभ में जितने भी जींव प्राणी है उन सभी में मानव योगी सर्वोपति … Read more

प्लेसमेंट एजेंसी कर्मचारियों की सरकार की तरफ नजरें

प्रदेश सरकार द्वारा संविदाकर्मियों के मानदेय में इस साल 25% बढ़ोत्तरी करने की घोषणा ऊट के मुह में जीरे के सामान हे कई सालो बाद इनके मानदेय में मामूली वृद्धि हो पाई है। हालाकि इस वृद्धि के बाद प्लेसमेंट एजेंसी कर्मचारियों ने सरकार की तरफ आशान्वित नजरें जमा रखी हैं शायद सरकार इन्हें सरकारी विभाग … Read more

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