पत्रकारिता का भविष्य क्या होगा?

-प्रकाश चंद बिशनोई- आज के पत्रकार सब के बारे में लिखने लगे है. जहाँ सच्चाई दिखी, भगने लगे है अब कलम का काम तो कम हो गया है. मोबाईल, कमरा का जमाना हो गया है. हर किसी से इंटरव्यू लेने के लिए समय हो गया है जो समय न दे वह दुश्मन हो गया है. … Read more

खुदा पर यकीन रखें

एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा. उसपर बहुत कर्ज चढ़ गया, तमाम जमीन जायदाद गिरवी रखना पड़ी . दोस्तों ने भी मुंह फेर लिया, जाहिर हैं वह बहुत हताश था. कही से कोई राह नहीं सूझ रही थी. आशा की कोई किरण दिखाई न देती थी. एक दिन वह एक park में … Read more

भाजपा में कोई पूर्ण विराम नहीं

भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के लिए 25 सितम्बर एक महत्वपूर्ण तिथि है। यह, सन् 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय से ही हमारी पार्टी के प्रमुख विचारक रहे पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मतिथि है। पार्टी की स्थापना डा. श्यामा प्रसाद मुकर्जी ने की थी। जनसंघ ने पहला आम चुनाव सन् 1952 … Read more

असबाब में असबाब, एक चंग एक रबाब

-मोहन थानवी- आपके सान्निध्य में मन की बातें खुद ब खुद कलम से कागज पर उतरने लगती है। बड़ों ने अपने अनुभवों के इशारों में सच ही कहा है, पुस्तक सदृश्य और कोई मित्र नहीं। इसी तर्ज पर पाठक भी उसी श्रेणी के मित्र हैं जिस श्रेणी में पुस्तक को मित्र माना गया है। मित्रों में … Read more

राजस्थानी कला व संस्कृति की महान अदाकारा संगीता माहेश्वरी

-राजकुमार शर्मा- मदनगंज-किशनगढ़ । देश-विदेशों में राजस्थानी संस्कृति की महक फैलाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली अदाकारा व एलबम कलाकार संगीता माहेश्वरी का मानना है कि प्रदेश से बाहर के लोग जहां यहां की कला व संस्कृति के कायल है उसको अपना रहे है वहीं हमारे यहां पर कला की कद्र नहीं होती है। अपनी … Read more

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रस्तावित नकारात्मक वोट

भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ। राष्ट्र के लिए ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता पाना एक युगान्तरकारी घटना थी। परन्तु लाखों लोगों के लिए यह ऐतिहासिक घटनाक्रम विभाजन की विभीषिका लेकर आया जिसने इससे उत्पन्न होने वाले आनन्द को नीरस बना दिया। व्यक्तिगत् रुप से, अपने जीवन के पहले बीस वर्ष मैंने सिंध की राजधानी कराची में … Read more

फेंकू और पप्पू

पप्पू और फेंकू फेंकू और पप्पू, पप्पू ने फेंका फेंकू गुस्साया, फेंकू पप्पुआया पप्पू गरमाया, ये इनका ट्रेडमार्क ये इनका आईडी कार्ड ये इनका पेटेंट ये इनका कॉपीराईट, कोई कितना भी फेंके फेंकू नहीं हो सकता कोई कितना पप्पुआये पप्पू नहीं बन सकता, पप्पू है बस एक वन एंड ओनली फेंकू भी बस एक बिलकुल … Read more

मासिक राशिफल माह अक्टूबर 2013

अक्टूबर मास के व्रत, पर्व एवम त्यौहार :- एकादशी व्रत: 1 अक्टूबर, प्रदोष व्रत: 2 अक्टूबर, मास शिवरात्री व्रत: 3 अक्टूबर, श्राद्ध अमावस्या (पितृ विर्सजन): 4 अक्टूबर, स्नानादि अमावस्या, शारदीय नवरात्र प्रारम्भ, क्लश स्थापन: 5 अक्टूबर, गणेश चतुर्थी व्रत: 8 अक्टूबर, ललिता पंचमी व्रत: 9 अक्टूबर, सरस्वती आवाहन महानिशा पूजा: 11 अक्टूबर, दुर्गाष्टमी, महाष्टमी, सरस्वती … Read more

राहुल नहीं, प्रणव दा ने बचाई इज्जत

गत् बुधवार को मंत्रिमंडल द्वारा दागी सांसदों एवं विधायकों से सम्बन्धित  अध्यादेश तथा साथ ही इस संदर्भ में संसद में लम्बित विधेयक वापस लेने से यूपीए सरकार के भौण्डे इतिहास का एक और भद्दा अध्याय समाप्त हो गया है। इस घटनाक्रम पर अधिकार मीडिया रिपोर्टों द्वारा इसे राहुल गांधी की विजय बताया जाना-इन दिनों मीडिया द्वारा … Read more

बाड़मेर की राजनीती के भीष्म पितामह गंगा राम चौधरी

बाड़मेर जिले की राजनितिक की दशा और दिशा दोनों गंगाराम तय करते -चंदन सिंह भाटी- गंगाराम चौधरी का जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले की रामसर तहसील के खडीन) गाँव में 1 मार्च 1922 को मालानी के किसान क्रांति के जनक रामदान चौधरी (डऊकिया) और किस्तुरी देवी भाकर के घर हुआ. रामदान चौधरी (डऊकिया) के पांच पुत्र … Read more

बाड़मेर की राजनीतिक शख्सियत सीमान्त गाँधी अब्दुल हादी

ऐसे सादगी भरे और निष्ठावान राजनेता अब कहां -प्रकाश चंद बिश्नोई- बाड़मेर सरहदी जिले बाड़मेर राजनीती के केंद्र बिंदु रहे अब्दुल हादी। हादी का अपना प्रभाव था। अपने लोगो के बीच बेहद सहज रहते थे। बाड़मेर की राजनीती दशकों तक उनके इर्द गिर्द घुमती रही। उनके जाने के बाद उनकी जगह को कोई भर नहीं पाया। चौहटन … Read more

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