सैमसंग, भारत के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड, ने अपने प्रमुख सैमसंग डिजिटल एंड ऑफलाइन स्किल्स ट्रेनिंग (दोस्त) सेल्स प्रोग्राम का बड़े पैमाने पर विस्तार करने की घोषणा की है। इसके तहत कम सेवा प्राप्त समुदायों से 9,400 युवाओं को फ्रंटलाइन रिटेल भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल सैमसंग की कुशल, भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाने और भारत के समावेशी आर्थिक विकास के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
2021 में अपनी शुरुआत के बाद से, दोस्त सेल्स प्रोग्राम ने भारत के तेजी से विस्तारित संगठित रिटेल क्षेत्र के लिए एक मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन तैयार की है। इस वर्ष शुरू हुए दोस्त सेल्स 4.0 के साथ, सैमसंग भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) और टेलीकॉम सेक्टर स्किल्स काउंसिल (टीएसएससी) के साथ साझेदारी में अपने स्किलिंग मिशन पर दोगुनी मेहनत कर रहा है।
सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के सीएसआर एवं कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के हेड शुभम मुखर्जी ने कहा, “सैमसंग भारत के युवाओं को राष्ट्र की विकास कहानी में सार्थक रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोस्त सेल्स प्रोग्राम, एक उद्योग-प्रथम पहल, एक केंद्रित 5-महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसे युवाओं को, विशेष रूप से वंचित समुदायों को, आज के गतिशील रिटेल वातावरण में सफल होने के लिए जरूरी आत्मविश्वास, ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से लैस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस वर्ष प्रशिक्षण नामांकन में तीन गुना वृद्धि के साथ, दोस्त डिजिटल अपनाने की गति बढ़ने और रिटेल के निरंतर विकसित होने के समय में एक मजबूत, नौकरी के लिए तैयार टैलेंट पूल को आकार देने में मदद कर रहा है।”
5-महीने की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) के दौरान, जो देश भर के सैमसंग रिटेल स्टोर्स पर आयोजित की जाती है, वे ग्राहक जुड़ाव, स्टोर प्रक्रियाओं, उत्पाद शिक्षा, और सेल्स रूपांतरण में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं तथा अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण अनुभव का समर्थन करने के लिए सैमसंग से मासिक पारिश्रमिक प्राप्त करते हैं।
मूल्यांकन के बाद, योग्य उम्मीदवारों को सरकारी मान्यता प्राप्त नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) से सर्टिफिकेशन प्राप्त होता है, जो उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाता है तथा भारत के संगठित रिटेल इकोसिस्टम में दीर्घकालिक कॅरियर के अवसरों के द्वार खोलता है।
अगली पीढ़ी के रिटेल पेशेवरों को कौशल प्रदान करना
दोस्त सेल्स प्रोग्राम के माध्यम से, सैमसंग युवा आकांक्षियों को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल में स्थायी करियर बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत कौशल प्रदान करता है। संरचित पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को सेल्स प्रमोटर—फ्रंटलाइन विशेषज्ञों—की भूमिकाओं के लिए तैयार करता है, जो ग्राहकों को उत्पाद जानकारी, प्रदर्शनों और खरीद निर्णयों में सहायता प्रदान करते हैं।
ईएसएससीआई के चेयरमैन विनोद शर्मा ने कहा, “ईएसएससीआई को दोस्त सेल्स प्रोग्राम के लिए सैमसंग के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, जो भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत करता है और युवाओं को सशक्त बनाता है। यह सहयोग वास्तविक रोजगार के अवसरों के मार्ग बनाता है तथा समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है, जो उच्च-गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण, उद्योग-के मुताबिक मानकों और भारत के युवा वर्कफोर्स के लिए स्थायी करियर मार्गों के निर्माण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।”
टीएसएससी के सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल के एच गवस ने कहा, “टीएसएससीआई में, हमारा मिशन भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था को संचालित करने के लिए योग्य वर्कफोर्स बनाना है। दोस्त सेल्स प्रोग्राम के तहत सैमसंग के साथ हमारी साझेदारी उच्च-गुणवत्ता वाले रिटेल स्किलिंग प्रदान करने तथा युवाओं को उद्योग-संबंधी क्षमताओं से लैस करने के हमारे प्रयासों को और मजबूत करती है। दोस्त प्रोग्राम यह सुनिश्चित करता है कि स्किलिंग नौकरी के सार्थक अवसरों में बदले, स्थायी कॅरियर मार्गों को सरल बनाए तथा पारंपरिक रूप से संरचित स्किलिंग तक सीमित पहुंच वाले समुदायों के समावेशन को आगे बढ़ाए।”
सबके विकास के लिए स्किलिंग : बड़े पैमाने पर प्रभाव लाना
दोस्त सेल्स प्रोग्राम ने सैमसंग के ‘पावरिंग डिजिटल इंडिया’ दृष्टिकोण को मजबूत किया है। कंपनी बड़े पैमाने पर कौशल विकास का समर्थन करती है तथा विविध सामाजिक एवं क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के युवाओं को सार्थक रोजगार अवसरों तक पहुंच प्रदान करती है। राष्ट्रीय कौशल विकास मिशनों के मुताबिक तथा सरकारी नेतृत्व वाले सेक्टर स्किल काउंसिलों के साथ सहयोग करके, सैमसंग भारत के रिटेल प्रतिभा परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहता है।
दोस्त सेल्स 4.0 सैमसंग की समावेशी, पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता में एक और कदम है, जो कौशल अंतर को कम करने के साथ ही भारत के युवाओं को देश के डिजिटल एवं आर्थिक बदलाव में आत्मविश्वास से भाग लेने में मदद करता है।