प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की संपत्ति पिछले साल की तुलना में दोगुना बढ़ कर करीब 10.73 करोड़ की रुपये हो गई है, लेकिन उनके कई मंत्रिमंडलीय सहयोगी उनसे कहीं अधिक अमीर हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर मंत्रियों की संपत्ति की अद्यतन सूची के अनुसार, अमीर कैबिनेट मंत्रियों में जहा प्रफुल पटेल की संपत्ति 52 करोड़ रुपये की है तो वहीं शरद पवार की संपत्ति 22 करोड़ रुपये की है। कैबिनेट मंत्रियों की सूची में संपत्ति के नाम पर रक्षा मंत्री एके एंटनी का नाम सबसे नीचे हैं। उनकी संपत्ति करीब 55 लाख रुपये है।
मनमोहन सिंह ने अपने रिहायशी संपत्ति, बैंक में जमा राशि और एक मारुति 800 कार को अपनी संपत्ति के तौर पर दर्शाया है। सिंह के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित दो फ्लैटों की कीमत 7.27 करोड़ रुपये है, वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न खातों में उनकी सावधि जमा राशि और निवेशों की राशि करीब 3.46 करोड़ रुपये है।
उन्होंने अपनी संपत्ति 10,73,88,730.81 रुपये (करीब 19.73 करोड़ रुपये)की घोषित की है। पिछले साल प्रधानमंत्री ने अपनी कुल संपत्ति 5.11 करोड़ रुपये की घोषित की थी। तब उनके चंडीगढ़ और वसंत कुंज स्थित फ्लैटों की कीमत 1.78 करोड़ रुपये थी और उनके पास 2.75 लाख रुपये मूल्य के 150.80 ग्राम सोने के गहने थे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि सिंह की संपत्ति तो वही है, लेकिन सरकार की मंजूरी प्राप्त एक आकलनकर्ता द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, उस संपत्ति का मूल्य बढ गया है।
सिंह की मारुति 800 की कीमत केवल 21,033 रुपये दर्शाई गई है। वह 150.80 ग्राम सोने के गहनों के मालिक भी हैं, लेकिन इनकी कीमत उनकी संपत्ति की घोषणा और देनदारी नहीं दर्शाई गई है।
प्रधानमंत्री का असम के दिसपुर में एक बैंक खाता भी है, जिसमें उनके मात्र 6,515.78 रुपये जमा हैं। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और उनकी पत्नी प्रोमिला की कुल संपत्ति का मूल्य 45.33 करोड़ रुपये है। इसमें उनकी पत्नी की 8.11 करोड़ रुपये की है।
सिब्बल की करीब 37.22 करोड़ रुपये की संपत्ति में से 29.35 करोड रुपये मूल्य के कम से कम 12 फ्लैट या जमीन हैं। उनकी नगद राशि, बैंक में सावधि जमा राशि, शेयर, ऋण पत्रों (डिबेन्चर) आदि की कीमत 2.82 करोड रुपये है। उनके पास 35.33 लाख रुपये मूल्य के तीन किलोग्राम सोने के गहने हैं। इसके अलावा रिण और अग्रिम राशि के 4.63 करोड़ रुपये भी उनके पास हैं.
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का एक मकान है जिसकी वर्तमान कीमत 50 लाख रुपये है। उनके दो फ्लैट है,ं जिनकी कीमत 1.99 करोड रुपये और 1.25 करोड रुपये है. उनकी कृषि भूमि की कीमत 19.76 लाख रुपये है, अतिथि गृह की कीमत 8.22 लाख रुपये और जमीन की कीमत 1.11 करोड रुपये है।
शिंदे के पास मित्सुबिशि ट्रैक्टर है जिसकी कीमत 1.90 लाख रुपये है. उन्होंने राज श्रॉफ नामक एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये उधार लिए हैं।
गृह मंत्री की पत्नी उज्जवला शिंदे के पास 2.15 करोड़ रुपये मूल्य का एक फ्लैट, क्रमश: 15.38 करोड़ रुपये और 84 लाख रुपये मूल्य के दो भूखंड हैं। उन्होंने भी राज श्रॉफ नामक वयक्ति से 27 लाख रुपये उधार लिए हैं।
विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की संपत्ति 1.89 करोड़ रुपये की है, जिसमें उनकी 31.44 लाख रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। कृष्णा का उनके बेंगलूर स्थित मकान, माड्या जिले और सोनमहल्ली की कृषि भूमि में आधा हिस्सा है। वह सोनमहल्ली स्थित एक फार्म हाउस तथा बेगुर स्थित फार्म हाउस विश्वप्रिया ग्रीनरीज के मालिक हैं. उनके पास एक सोनाटा और एक लैन्सर कार है।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बैंक खातों सहित कुल संपत्ति का मूल्य करीब 11.96 करोड़ रुपये है। एक हिंदू अविभाजित परिवार का हिस्सा होने की वजह से चिदंबरम के पास संपत्ति और देनदारी भी है। ऐसे परिवार के तौर पर उनकी संपत्ति 94.04 लाख रुपये की और उनकी देनदारी करीब 75.52 लाख रुपये की है।
इस प्रकार उनकी कुल संपत्ति 18 . 52 लाख रुपये की है। उनकी पत्नी नलिनी की अचल संपत्ति 4.82 करोड़ रुपये और कुल संपत्ति करीब 17.81 करोड रुपये की है. उनकी देनदारी 1. 22 लाख रुपये है जिसके कारण उनकी कुल संपत्ति 17 . 80 करोड रुपये की है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्री एम के अलागिरी की कुल संपत्ति 9.50 करोड रुपये की है. पेट्रोलियम मंत्री एस जयपाल रेड्डी का हैदराबाद में एक मकान है और आध्रप्रदेश में उनकी 43 एकड कृषि भूमि है।
उनकी पत्नी एस लक्ष्मी की सिकंदराबाद में एक संपत्ति है. उनके पास 7.5 लाख रुपये के गहने हैं और नौ लाख रुपये की नगद राशि है. उनके नाम पर एक टोयोटा क्वालिस है।
प्रवासी मामलों के मंत्री वयलार रवि का केरल के एर्नाकुलम में 20 लाख रुपये मूल्य का एक फ्लैट है. उन्होंने इसी जिले में विरासत में मिली 90 लाख रुपये मूल्य की भूमि भी घोषित की है. रवि ने एक फोर्ड कार और 900 ग्राम सोने के गहनों की भी घोषणा की है।
नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह की छत्तीसगढ के दुर्ग जिले में और उत्तर प्रदेश में करीब 13 करोड रुपये मूल्य की कृषि भूमि है।
