अभद्र आचरण की निलंबन कार्रवाई गलत कैसे?

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत जिस रंजिश भरे माहौल में हुई है उसे लोकतन्त्र के लिए किसी भी दृष्टि से शुभ एवं श्रेयष्कर नहीं कहा जा सकता। संसद के पिछले मानसून सत्र में राज्यसभा में अशोभनीय आचरण, हिंसा एवं अशालीनता करने के आरोप में 12 सांसदों का निलंबन लोकतंत्र की लगातार गिरती साख को … Read more

हुस्न और इश्क की आज मेराज है (गुरु और शिष्य का रूहानी मिलन )

वह शिष्य बड़भागी है जिसके साथ गुरु का रूहानी मिलन होता है! मेराज यानी मिलन! रूहानी मिलन! हुस्न यानी गुरु का नूरानी रूप! हीरे की कनी जैसा चमकदार! गुरु का नूरानी जलवा! इश्क यानी मुरीद का गुरु के प्रति प्रेम! गुरु के प्रेम में शिष्य जब अपने भौतिक वजूद को भूल जाता है तब ऐसी … Read more

राष्ट्र विरोधी शक्तियां का समर्थन कब तक?

हमारे देश के तथाकथित बुद्धिजीवियों-जिनमें साहित्यकार, पत्रकार, लेखक, कलाकार ने हिंदुत्व की तरह ही ‘राष्ट्रवाद’ को लांछित करने, अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित करने के साथ राष्ट्रीय अस्मिता को धुंधलाने में राष्ट्र विरोधी शक्तियां सक्रिय है। ऐसे ही राष्ट्र-विरोध एवं हिन्दुत्व को अपमानित करने वाले स्टैंड-अप कमीडियन … Read more

नाखुनों के शेप से जानिए कैसा है किसी व्यक्ति का स्वभाव

हर व्यक्ति के नाखुनों का शेष अलग-अलग होता है। किसी के नाखून चौड़े होते हैं तो किसी के गोलाकार। हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार नाखूनों के शेप के आधार पर भी कई बातें मालूम की जा सकती हैं। हर व्यक्ति के नाखुनों का शेष अलग-अलग होता है। किसी के नाखून चौड़े होते हैं तो किसी के … Read more

नये भारत की बड़ी बाधा है परिवारवादी राजनीति

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिना नाम लिए परिवारवादी राजनीतिक दलों को निशाने पर लेकर भारतीय राजनीति की लगातार बलशाली होती विसंगति एवं विषमता पर प्रहार किया है। भारत को राजनीतिक दृष्टि से आदर्श शक्ल देने एवं निगाहों में नये भारत-सशक्त भारत के स्वप्न को आकार देने के लिये परिवारवाद को बढ़ावा दे … Read more

ज्योतिष से जानें किस दिन क्या करें, क्या न करें?

ज्योतिष शास्त्र में मानव द्वारा किए जाने वाले हर कार्य केे लिए दिन निश्चित किया गया। धार्मिक ग्रंथ व शास्त्रों की मानें तो इसमें उल्लेख मिलता है कि अगर कोई भी शुभ कार्य आदि दिनों के हिसाब से किया जाता है तो उस कार्य के सफल होने की संभावना अधिक रहती है। तो वहीं कार्य … Read more

वोटर को लुभाने के लिये मुफ्त की संस्कृति

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देजनर आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पूरी ताकत लगा रहे हैं, मतदाताओं को लुभाने के लिये कई घोषणाएं कर रहे हैं, इनदिनों उनकी ऐसी ही एक घोषणा चर्चा का विषय बनी हुई है जिसमें उन्होंने एलान किया है कि यदि उनकी पार्टी की … Read more

एक और क्रूर घटना से संवेदनाएं कांप गयी

मध्य प्रदेश में रीवा जिले के पड़री गांव में एक गरीब मजदूर का हाथ इसलिये काट दिया गया कि उसने अपनी मेहनत का मेहनताना मांगा। इस क्रूर, बर्बर एवं हिंसक घटना ने समूचे राष्ट्र को झकझोर दिया है। एक मजदूर पर जानलेवा हमला करने और उसका हाथ काट देने की यह घटना किसी भी संवेदनशील … Read more

मंजिल मिलते ही उसे , खाक मान लेते हैं

मंजिल मिलते ही उसे , खाक मान लेते हैं , फिर नई मंजिल की हम ताक छान लेते हैं। पूर्ण हो जायेंगे , भौतिक चीजों से कभी, इस असत्य को भी हम , सत्य मान लेते हैं । दौड़ते रहते है रूकते नही हम कभी , रुक जाए कोई तो उसे पाप मान लेते है, … Read more

भारत में टेलीविजन का इतिहास

विश्व दूरदर्शन दिवस 2021: ================= प्रत्येक वर्ष 21 नवंबर को विश्व के विभिन्न देशों में विश्व दूरदर्शन दिवस अथवा अंतरराष्ट्रीय टेलीविजन दिवस मनाया जाता है। दूरदर्शन विभिन्न प्रमुख आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान रखते हुए यह हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। वर्तमान में यह मीडिया की सबसे प्रमुख ताकत के रूप … Read more

क्या सचमुच 84 लाख योनियों में भटकना होता है?

हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार जीवात्मा 84 लाख योनियों में भटकने के बाद मनुष्य जन्म पाता है। अब सवाल कई उठते हैं। पहला यह कि ये योनियां क्या होती हैं? दूसरा यह कि जैसे कोई बीज आम का है तो वह मरने के बाद भी तो आम का ही बीज बनता है तो फिर … Read more

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