….बरबाद हुए बच्चे, कंगाल हुए माँ-बाप

मोदी और भाजपा शासित राज्यों के अवाम में डिजिटल समाजवाद काफी पुष्पित एवं पल्लवित हो रहा है। इस समाजवाद को हर कोई सहज रूप में अंगीकार कर चुका है। बीते छः महीनों में देश के भाजपा शासित इलाकों में हर घर में इन्टरनेट का धुंआधार सदुपयोग किया जाने लगा है। अब तो नन्हें-मुन्ने बच्चों से … Read more

छींक : शकुन या अपशकुन

छींक को लेकर हमारे समाज में बहुत सी धारणाएं हैं जिनमें से कुछ इस तरह हैं कि अगर घर से निकलते समय छींक आ जाए या कोई सामने की ओर छींक दे तो अशुभ समझना चाहिए। अगर कोई कार्य करते हों तो उस स्थिति में न करें तो बेहतर होगा, जैसे किसी व्यवसाय का आरंभ, … Read more

किसान विधेयकों पर व्यर्थ का टकराव

राज्यसभा में विपक्ष द्वारा कृषि विधेयकों के विरोध प्रकट करने का असंसदीय एवं आक्रामक तरीका, सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच तकरार, आठ सांसदों का निलंबन और इन स्थितियों से उत्पन्न संसदीय गतिरोध लोकतंत्र की गरिमा को धुंधलाने वाले हंै। अपने विरोध को विराट बनाने के लिये सार्थक बहस की बजाय शोर-शराबा और नारेबाजी की स्थितियां … Read more

‘माल’ से मालामाल सिनेमा की थाली!

सिनेमावालों की इज्जत की पूंजी चौराहों पर नीलामी के इंतजार में है। क्योंकि उनकी दमित कामनाएं दुर्गंध की नई सड़ांध रच रही है। चेहरों से नकाब उतर रहे हैं। सिनेमा की सारी सच्चाई समझने के बावजूद जया बच्चन सिनेमा को चरित्र प्रमाणपत्र बांट रही हैं। भुक्तभोगियों में भन्नाहट है। गटर की सफाई इसीलिए जरूरी है। … Read more

घर की रौनक तो बेटियों से ही होती है

कहते हैं जिस घर बेटियां जन्म लेती हैं वहां भाग्य और सौभाग्य दोनों एक साथ जन्म लेता है। जी हां, बिलकुल सही है ये की बेटियां बाबुल की परिया होती हैं तो अपनी मां की बेस्ट फ्रेंड भी होती हैं। बेटियों के लिए यह कहावत भी मशहूर है कि घर की रौनक तो उनसे ही … Read more

*इकतारा*

नदी किनारे बहकर आए , गोल -गोल दो पत्थर । एक बना मन्दिर में मूरत , एक पड़ा बेचारा । तुन-तुन बोल रहा इकतारा….। एक कुए का मीठा पानी , एक कुए का खारा । दोनों बिल्कुल पास- पास है , इक मीठा , इक खारा । तुन-तुन बोल रहा इकतारा….। कौआ बिल्कुल काला होता … Read more

आज की तस्वीर

सागरों में रत्न हैं तो बादलों में नीर है । आदमी के पास देने, के लिए दुःख-पीर है । रचयिता ने तो बनाया , एक-दूजे के लिए । पर यहाँ पर है इकट्ठी , स्वार्थ की बस भीड़ है । पूछ लो किससे कभी भी , यार कैसी कट रही ? मुश्किलें हैं या कि … Read more

वक्त बदला है, तरीके भी बदलिए, तभी व्यापार बचेगा – राष्ट्रसंत चंद्रानन सागर

विशेष संवाददाता मुंबई। राष्ट्रसंत आचार्य चंद्रानन सागर सूरीश्वर महाराज ने कहा है कि वर्तमान माहौल में व्यापार और व्यापारी दोनों बरबाद हो रहे हैं। सरकार का सारा ध्यान कोरोना संक्रमण को रोकने की तरफ है। हालत गंभीर है और समय सावधान होने का है। ऐसे में व्यापार को बचाने के लिए अर्थशास्त्रियों, सीए, वित्त विशेषज्ञ, … Read more

*आतिथ्य सेवा और मानव धर्म* *अद्भुत मिसाल*

वासु भाई और वीणा बेन, दोनों यात्रा की तैयारी कर रहे थे । तीन दिन का अवकाश था । वे पेशे से चिकित्सक थे। लंबा अवकाश नहीं ले सकते थे । परंतु जब भी दो-तीन दिन का अवकाश मिलता ,छोटी यात्रा पर कहीं चले जाते हैं । आज उनका इंदौर उज्जैन जाने का विचार था … Read more

विपक्ष की पात्रता एवं परिपक्वता में वृद्धि हो

गुरुवार को राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमाओं पर पडोसी देश चीन की हरकतों एवं कुचालों पर भारत का पक्ष जिस तरह से पेश किया, उसकी सराहना होनी चाहिए। लेकिन इस अवसर पर विपक्षी दलों ने सुरक्षा एवं अति-संवेदनशील विषय पर भी जिस तरह की अपरिपक्वता का परिचय दिया, उससे ऐसा प्रतीत हुआ … Read more

वो यात्रा जो सफलता से अधिक संघर्ष बयाँ करती है

आज भारत विश्व में अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। वो भारत जो कल तक गाँधी का भारत था जिसकी पहचान उसकी सहनशीलता थी, आज मोदी का भारत है जो खुद पहल करता नहीं, किसी को छेड़ता नहीं लेकिन अगर कोई उसे छेड़े तो छोड़ता भी नहीं। गाँधी के भारत से शायद … Read more

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