आस्था, परम्परा, आध्यात्मिक चेतना का विराट उत्सव

जगन्नाथ महायात्रा- 16 जुलाई, 2026 आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से प्रारम्भ होकर दस दिनों तक चलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, लोकआस्था, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक दर्शन का विराट उत्सव है। पुरी की यह महायात्रा हजारों वर्षों की परम्परा का जीवंत प्रतीक है, जिसमें भगवान … Read more

एक युग का अवसान, एक विरासत का अमरत्व

राजस्थानी संस्कृति के अमर साधक के. सी. मालू कुछ व्यक्तित्व केवल अपने जीवनकाल तक सीमित नहीं रहते, वे अपने समय की सांस्कृतिक चेतना बन जाते हैं। उनके जाने के बाद भी उनकी साधना समाज की स्मृतियों, संस्कारों और परंपराओं में जीवित रहती है। राजस्थानी लोकसंगीत, भाषा, साहित्य और संस्कृति के ऐसे ही युगपुरुष थे केसरी … Read more

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को … Read more

तुम्हारी गरीबी

तुम्हारी खाली थाली में किसी का चुनावी वादा पलता है, तुम्हारी टूटी छत के नीचे किसी का भाषण सजता है। हर बरस नए सपनों का मौसम आता है, नारे बदल जाते हैं, चेहरे बदल जाते हैं, पर तुम्हारे घर का चूल्हा वहीं का वहीं रह जाता है। तुम्हारे आँसू किसी के पोस्टर की चमक बन … Read more

दिल से तुम्हारी याद, निकलती नहीं कभी

दिल से तुम्हारी याद, निकलती नहीं कभी खुशबू तुम्हारे प्यार की, घटती नहीं कभी आकर तेरी गली से, तो बरसों गुजर गए यादों की छाँव, पलकों से, ढलती नहीं कभी खत रोज उनको लिखते हैं, होते हैं मन में खुश आदत पुरानी, हम से ये, छुटती नहीं कभी सपनों में यूँ मिलते हैं हम रोज़ … Read more

विकसित भारत की राह में जनसंख्या संतुलन का प्रश्न

विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई 2026) पर विशेषः प्रतिवर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम है- ‘‘युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को साकार करना-आज और भविष्य के लिए।’’ यह विषय स्पष्ट संकेत देता है कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य केवल उसकी जनसंख्या के आकार से नहीं, बल्कि … Read more

हिंद-प्रशांत में भारत का बढ़ता सामर्थ्य एवं साझेदारियां

भारत आज केवल विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति ही नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने जिस आत्मविश्वास, स्पष्टता और दूरदृष्टि का परिचय दिया है, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदल दी है। … Read more

मिलावट है भारत के सपनों पर विषनुमा दाग

भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन चुका है। आधुनिक राजमार्ग, बुलेट ट्रेन, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष में नई उपलब्धियां और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रगति निश्चय ही गौरव का विषय हैं। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा … Read more

ड्रग्स पर मुझे कुछ कहना है।

ड्रग्स सेवकों ध्यान देना इन बातों पर यह ड्रग्स असल में होता क्या है, यह ड्रग्स चन्द समय की खुशियां स्वर्ग जैसी आनन्द की अनुभूतियां होती है। यह लुभाकर अपने वश में कर लेती है जब तक अंत ना कर दे पूरी शरीर को, इनकी सफ़र रुकती नही चलती रहती है ड्रग्स असल में ज़िन्दगी … Read more

धर्म का धन : श्रद्धा की अमानत, स्वार्थ का साधन नहीं

समाज की सबसे बड़ी शक्ति यदि कोई है, तो वह उसकी आस्था है। धन, सत्ता, ज्ञान और संसाधन समय के साथ बदल सकते हैं, परंतु जिस समाज की आस्था जीवित रहती है, वह समाज हर संकट से उबरने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि मंदिर, स्थानक, तीर्थ, उपाश्रय और धर्मस्थल केवल ईंट-पत्थरों से निर्मित … Read more

डिजिटल क्रांति के दौर में बढ़ते साइबर अपराध, बड़ी चुनौती

डिजिटल क्रांति ने भारत को अभूतपूर्व गति, सुविधा और पारदर्शिता प्रदान की है। आज मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने सामान्य नागरिक के जीवन को सरल और सक्रिय बनाया है। भारत विश्व की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से उभर रहा है और ‘डिजिटल इंडिया’ तथा … Read more

error: Content is protected !!