एआई से जुड़े महाविनाश के खतरेः नियंत्रित कमान जरूरी

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज मानव सभ्यता की सबसे प्रभावशाली तकनीकी उपलब्धियों में शामिल है। चिकित्सा, शिक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, कृषि, उद्योग और प्रशासन से लेकर रोजमर्रा के जीवन तक इसके उपयोग ने विकास की गति को अभूतपूर्व बनाया है। लेकिन जितनी तेजी से एआई की क्षमताएं बढ़ रही हैं, उतनी ही गंभीरता से उसके दुरुपयोग … Read more

*भगत सिंह का जन्म दिन*

भगत सिंह को याद करते हुए शायद ही कोई मन हो जो गीला  नहीं होता हो। भगत सिंह को पढ़ते- जानते, कभी भी मैं पूरी तरह उनके क्रान्तिकारी स्वरूप पर नहीं टिक पाया और ना उनकी आंदोलनकारी हिंसा को गांधी दर्शन के विरोध में देख पाया।       *सत्रह – अठारह वर्ष की उम्र … Read more

पाकिस्तान के बेतूके सवालः भारत के सटीक जबाव

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें अधिवेशन में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर वही पुराने सवाल सामने आए, जिनका समाधान दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 81वां अधिवेशन 8 सितंबर 2026 से शुरू हुआ और इसकी सामान्य बहस 22 से 26 सितंबर के बीच … Read more

नसीहत

छोड़ दे तू जानने को मेरी पहचान के बारे में, तूने औकात तो दिखा दी मुझे बदनाम करके। चाहे जितनी भी कर ले साजिश घर-घर जाकर, मेरी ख़ामोशी को ही मेरी कमजोरी बना करके। सारी ज़िन्दगी तू लगे रहना मुझे नीचा दिखाने में, मेरी सब्र ही पहचान बनेगी तुझे बदनाम करके। — श्री गोपाल नेवार … Read more

स्वस्थ पर्यावरण तो स्वस्थ मानव, यही स्वस्थ पृथ्वी का संकल्प

विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस, 26 सितंबर 2026 पर विशेषः विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस 2026 का संदेश है- “पर्यावरण स्वास्थ्य-समुदायों की रक्षा के लिए विज्ञान के साथ खड़े होना।” यह थीम केवल पर्यावरण की रक्षा का आह्वान नहीं है, बल्कि विज्ञान, प्रमाण और सामूहिक जिम्मेदारी को मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से जोड़ती है। आज सबसे बड़ी … Read more

जीवन के अन्तिम पड़ाव में- अपनों रिश्तो की अहमियत समझिये!

परिवार का इस दुनिया मे कोई भी सानी नही है। मगर रिश्ता यहाँ का  कोई भी हो बेमानी नही है। कुछ लोग कहते है  कि सभी साथ छोड़ जाते है। जीवनभर साथ देती किसी की भी जवानी नही है।  आप है इसलिए अच्छा लगता हैं कहने के लिए , लिखने के लिए यह बात अच्छी … Read more

Will Rahul Gandhi be able to change the System by becoming Icon Of Youth, Women and Depressed People ?

Will Rahul Gandhi be able to change the System by becoming Icon Of Youth, Women and depressed people? Whether Rahul Gandhi will be able to change the system by positioning himself as an icon for the youth, women, and marginalized groups is a subject of intense political debate in India. As the Leader of the … Read more

अंत्योदय : विकसित भारत की मानवीय आधारशिला

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (अंत्योदय दिवस),  25 सितंबर 2026 पर विशेषः भारत की विकास यात्रा आज ऐसे दौर में है, जब आर्थिक शक्ति, तकनीकी क्षमता, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रभाव के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है और … Read more

*आज खुश तो बहुत होंगे तुम*

   *क्या “उपमहापौर का पद लालीपोप* तो नहीं?* भीलवाड़ा। पटरी के पार के नेता अपना उप महापौर बनाकर *यश चोपड़ा की प्रसिद्ध फिल्म *दीवार* के क्लाइमेक्स के संवाद की याद ताजा कर रहे है।जिसमें अमिताभ बच्चन पहली बार मंदिर में जाकर कहते है *आज खुश तो बहुत होंगे तुम* संवाद बोलते हैं। यही कोठारी साब … Read more

नेताओं की नीलामी और लोकतंत्र की मौत….

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कहती है कि लोकतंत्र की मौत अचानक नहीं हुई , उसे धीरे-धीरे मारा गया , पहले उसके वोट खरीदे गए, फिर उसके प्रतिनिधि, पहले उसके सवाल मारे गए, फिर उसकी आवाज . लेकिन उसकी सांस तब भी चल रही थी जब वोट पैसों से मिल रहे थे , उसकी नब्ज तब भी … Read more

*लोकतंत्र की हार या सत्ता की जीत*

जनता ने बदलाव की नींव रखी  लोगों ने अपने मत के माध्यम से एक नई दिशा और बेहतर व्यवस्था की उम्मीद जताई थी। लेकिन जब लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था पर साम-दाम, दंड-भेद और छल-कपट भारी पड़े, ओरसवाल खड़े होने लगें, तो सबसे बड़ा प्रश्न यही होता है—*क्या सत्ता हासिल करना ही राजनीति का अंतिम उद्देश्य … Read more

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