उद्धव की आक्रामक अदाओं में बीजेपी का सिसकता सपना!

राजनीतिक तौर पर पहली बार उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया है। इसके राजनीतिक मायने काफी गहरे हैं। ठाकरे के आत्मविश्वास से ज़ाहिर है कि उनकी सरकार को कहीं से कोई खतरा नहीं है, वे दबाव में भी नहीं है और महाराष्ट्र में बीजेपी व उसके नेताओं का दबदबा भी … Read more

शुक्र ग्रह के कमजोर होने से होती है धन हानि

ज्योतिष में नवग्रहों के बारे में बताया गया है। ये नवग्रह अलग-अलग फल प्रदान करते हैं। हर एक ग्रह की स्थिति के अनुसार व्यक्ति के जीवन में शुभ और अशुभ प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को भौतिक सुखों का कारक बताया गया है। इस ग्रह को दो राशियों वृषभ और तुला राशि … Read more

ज्योतिष, हस्तरेखा और ग्रहों के आधार पर रोग और स्वास्थ्य

1. समस्त रोगों का मूल पेट है। जब तक पेट नियंत्रण में रहता है, स्वास्थ्य ठीक रहता है। हथेली पर हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा और नाखूनों के अध्ययन के साथ ही मंगल और राहू किस स्थिति में हैं, यह देखना बहुत जरूरी है। 2. ज्योतिष के अनुसार जिन व्यक्तियों का मंगल अच्छा नहीं होता है, … Read more

स्वस्थ सोच को सच बनाने का अभियान

आजादी के अमृत महोत्सव मनाते हुए हमारे देश, समाज और मनुष्यता तीनों के सामने ही प्रश्नचिन्ह खड़े हैं। किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास में विचार एवं सृजनात्मक लेखन की महत्वपूर्ण भूमिका है। विचार एवं लेखन ही वह सेतु है, जो व्यक्ति-चेतना और समूह चेतना को वैश्विक, राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से अनुप्राणित … Read more

सावरकर रूपी उजालों पर कालिख पोतने की कोशिशें

दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय महुरकर और चिरायु पंडित द्वारा लिखित पुस्तक ’वीर सवारकर; दी मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टीशन’ के विमोचन समारोह मंें प्रकट हुये विचारों को लेकर न केवल विवाद छिड़ा हुआ है बल्कि सावरकर रूपी उजाले पर कालिख पोतने की कोशिश बुद्धि के दिवालियापन को दर्शाती … Read more

नई शक्ति एवं नई दिशाएं पाने का पर्व है दशहरा

दशहरा का पर्व बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक पर्व है, यह पर्व देश की सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीयता को नवऊर्जा देने का भी पर्व है। आज भी अंधेरों से संघर्ष करने के लिये इस प्रेरक एवं प्रेरणादायी पर्व की संस्कृति को जीवंत बनाने की जरूरत है। प्रश्न है कौन इस संस्कृति को सुरक्षा दे? कौन … Read more

लखीम पुर और कश्मीर में फ़र्क़ है

अजब कुतर्क के सहारे कुछ प्रयोजित आवाज़ें लखीमपुर में सत्ता-सुत के हाथों होने वाली हत्याओं को कश्मीर के आतंकी हमले से तोल रही हैं ..विपक्ष को कह रही हैं वह यू पी छोड़कर कश्मीर जाए… प्रथम दृष्टया कोई भी हत्या किसी भी बचाव की हक़दार नहीं होती..उसके अनेक कारक होने के बावजूद स्थान विशेष की … Read more

अधिकार असीमित नहीं हो सकते

कहने को भारत एक ऐसा देश है जो संविधान से चलता है लेकिन जब देश के सुप्रीम कोर्ट को यह कहना पड़ता है कि वो जांच करेगा कि “क्या विरोध करने का अधिकार एक पूर्ण अधिकार है” तो लगता है कि हम आज भी ग़ुलाम हैं। गुलाम हैं उस सत्तालोलुप वोटबैंक की राजनीति के जिसे … Read more

सोनिया गांधी अब निर्णायक मुद्रा में!

कई मोर्चों पर कई तरह के अलग अलग किस्म के राजनीतिक नुकसान भुगतने के बाद कांग्रेस की रणनीति तय करने वालों और राजनीतिक नफा नुकसान का गुणा भाग समझाने वालों को आखिर यह तथ्य याद आ ही गया है कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक अब तो कम से कम बुला ही ली जानी चाहिए। … Read more

मानव तेरी अद्भुत माया

वायुमण्डल आज विषैला , नदियों का पानी मटमैला । धरती पेड़-लताओं के बिन , चहुँ ओर है मरुस्थल फैला । धरती माँ को ख़ूब रुलाया । मानव तेरी अद्भुत माया ।। सागर को तुमने झंझोड़ा , पर्वतमाला को नहीं छोड़ा । जंगल में भी महल बनाए , पशु-पक्षी सारे घबराए । सबको तुमने बहुत सताया … Read more

हरिद्वार से हरी पीड़ा : दिवंगत भी खुश, जिंदा भी राजी : लौट आए हम

*सुशील चौहान* भीलवाड़ा। नगर परिषद के सभापति ने कोरोना काल में हुए दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए उनकी अस्थियां हरिद्वार ले जाकर विसर्जित करने का पुण्य ओर ऐतिहासिक कार्य किया है। सभापति पाठक के इस अनुकरणीय काज की हर जगह प्रशंसा हो रही है लेकिन साथ ही *एक सवाल* भी खड़ा किया … Read more

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