स्वच्छता के प्रति शपथ

नमस्कार, अगर स्वच्छता के प्रति आप यह शपथ लेकर इस पर अमल करते है, तो मैं समझता हूँ, आप हमारे गांव, कस्बा, शहर, प्रान्त और भारत देश के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे और दूसरे लोगों के सामने अच्छे नागरिक होने का उदाहरण पेश करेंगे। ” मैं स्वच्छता के प्रतिबद्ध रहूंगा और इसके लिए … Read more

दिन में तारे दिखला देंगे

खूब बिछाओ काँटे चाहे , हमें रौंदना आता है । दलदल कितना भी फैलाओ, पैर जमाना आता है । शक्ति के हम महापुंज है , अंगारों से खेले ना । दिन में तारे दिखला देंगे , हमें युध्द में ठेले ना । सागर पर पत्थर रख-रखकर , हमने मार्ग बनाया है । एक अँगुली पर … Read more

स्वास्थ्य क्रांति : हमे एक क्रांति की जरूरत क्यों है ?

मैंने लोगों से अक्सर ये सुना है कि आजकल जो हैल्थ संबंधित प्रोडक्ट मार्केट में उपलब्ध है क्या वो उपयोग बाद छोड़ने से वापस मोटापा लौट कर आता है ? ये सवाल मुझे बार बार इसी असमंज्य में डाल रहा था कि फल,सब्जी इत्यादि में बढ़ता कैमिकल क्या हमारे भोजन का संतुलित भोजन है ? … Read more

*भाषा*

भाषा : हरीश करमचंदानी की कविता / प्रस्तुति – मोहन थानवी उसने कहा एक देश एक भाषा बिल्कुल,देश एक ही है,एक ही रहेगा यह तथ्य तो सभी जानते हैं और मानते भी हैं पर सिर्फ एक भाषा क्योंकर और क्यूँ??? मेरी माँ क्या करेगी जिनको आती है सिर्फ सिंधी जिसमें वे गाती है शाह साहब … Read more

हर कलाम हिन्द का

शत्रु की मज़ाल क्या , जो हमें पछाड़ेगा । हर कोई कलाम बन , जब यहाँ दहाड़ेगा । पाक हो या चीन हो , क्या हमें डराएंगे ? जब सभी कलाम बन, सामने जो आएंगे । देशभक्ति देखकर , शत्रु कँपकँपाएगा । हर कलाम हिन्द का , शीश जब कटाएगा । आस्था है हिन्द में … Read more

बंजर भू में ढूंढ़ रहे हैं

बंजर भू में ढूंढ़ रहे हैं , रात- दिवस जो मोती । कैसे उनको समझाएँ हम , खो दोगे तुम ज्योति । मोती को पाने के ख़ातिर , सागर तट पर जाएं । सही दिशा में अपने श्रम को, मिलकर आज लगाएं । माना अरे,असंभव कुछ भी , नहीं जगत में होता । पर सच्चाई … Read more

पत्तल में भोजन करने के होने वाले अद्भुत स्वास्थ्य और सामाजिक लाभ

पत्तल में खाना खाना हमारी पुरानी संस्कृति का हिस्सा रहा हैं। ये कोई दकियानूसी बात नहीं थी बल्कि ये स्वस्थ्य के हिसाब से बहुत ही उंच था। आज भी आदिवासी लोग इनका उपयोग करते थे। भारत में पत्तल बनाने और इस पर भोजन करने की परंपरा कब शुरू हुई, इसका कोई प्रामाणिक इतिहास उपलब्ध नहीं … Read more

‘जय श्रीराम’ को ‘जेएसआर’ बनाने वाली मानसिकता

-संजय सक्सेना, लखनऊ- हिन्दुस्तान में ऐसे लोगों की लम्बी-चौड़ी फौज है जिनका समाज और देशहित से कोई लेना-देना नहीं है।इसमें कुछ कद्दावर नेताओं,टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्यों से लेकर कथित बुद्धिजीवियों का एक वर्ग भी शामिल है जो हर समय, हर मसले पर मौके-बेमौके अपनी राजनीति चमकाने के लिए निकल पड़ता है। चाहें कश्मीर से धारा … Read more

‘PUBG’ की लत से ग्रस्त युवा बन रहे हैं अपराधी

इस समय स्मार्ट फोन पर खेला जाने वाला पबजी नामक खेल आपराधिक घटनाओं को जन्म देने लगा है। पबजी खेलने वाले लगभग हर उम्र के लोग इसमें इतने तल्लीन रहते हैं कि उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं रहता। यदि किसी ने मना किया तो ये मार, झगड़ा यहाँ तक हत्या तक कर सकते हैं। … Read more

इस पर चिंतन और शोध करें

कितना अच्छा हो हम अपना अधिकांश समय कक्षा- कक्ष में बिताएं मासूम बच्चों से दिनभर बतियाएं उन्हें पढ़ना- लिखना सिखाएं । एक पिता बड़ा विश्वास करके सौंपता है हमें अपनी संतान को और कहता है इसे ज्ञान दो । हमें सौंपकर वह निश्चिंत हो जाता है भविष्य के सपनों में खो जाता है । एक … Read more

लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है ‘स्पाइसी फूड’

आज कल चटपटा व मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा रहा है। इस तरह के महंगे खाद्य पदार्थों का उपयोग करने वाले ऐसा करना फैशन और अपना स्टेटस सिम्बल मानते हैं। आधुनिक यानि माडर्न लाइफ स्टाइल वाले लोग इसके साइड इफेक्ट को नजरन्दाज करते हुए जायकेदार मसाला व रसायनों से भरपूर, तीखे खाद्य पदार्थों … Read more

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