अनियोजित शहरीकरण एवं गांवों की उपेक्षा के खतरे

कोरोना की उत्तरकालीन व्यवस्थाओं पर चिन्तन करते हुए बढ़ते पर्यावरण एवं प्रकृति विनाश को नियंत्रित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, इसके लिये बढ़ते शहरीकरण को रोकना एवं गांव आधारित जीवनशैली को बल देना होगा। भले ही शहरीकरण को आर्थिक और सामाजिक वृद्धि का सूचक माना जाता है। लेकिन अनियंत्रित शहरीकरण बड़ी समस्या बन रहा है। … Read more

छह महीने पहले ही हो जाता है अपनी मौत का अहसास

ये लक्षण बताते हैं कि कब आएगी मौत हर व्यक्ति की यह जिज्ञासा होती है कि मौत कैसे होती है। उसकी खुद की मौत का क्या उसे पहले से ही अहसास हो जाएगा। वैज्ञानिक शोधों, मनोविश्लेषण, धर्म शास्त्रों, पुराणों आदि में मौत के पूर्व संकेतों को बताया गया है। यह सामान्य तथ्य सामने आया है … Read more

समता एवं संतुलन की साधना है सामायिक

सुविधा और सुख का संबंध नहीं है। पदार्थ की प्रचुरता है, किन्तु सुख नहीं है। पदार्थ की अल्पता है, किन्तु दुख नहीं है। सुखी वह है, जो संतुलित है। दुखी वह है, जो असंतुलित है। संतुलन और असंतुलन से जुड़ा है सुख-दुख का प्रश्न, अभाव और अतिभाव का संवेदन। संतुलित वह है जो आत्म-रमण करता … Read more

गुरुनानक देव जी की सीखें हर काल में प्रासंगिक रहेंगी

गुरुनानक देव जी की सीखें हर काल में प्रासंगिक रहेंगी। ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ ਕਰਤਾ ਪੁਰਖੁ ਨਿਰਭਉ ਨਿਰਵੈਰੁ ਅਕਾਲ ਮੂਰਤਿ ਅਜੂਨੀ ਸੈਭੰ ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥ ॥ ਜਪੁ ॥ ਆਦਿ ਸਚੁ ਜੁਗਾਦਿ ਸਚੁ ॥ ਹੈ ਭੀ ਸਚੁ ਨਾਨਕ ਹੋਸੀ ਭੀ ਸਚੁ ॥1॥ एक ओंकार सतनाम, कर्तापुरख, निर्माह निर्वैर, अकाल मूरत, अजूनी सभं. गुरु परसाद ॥ ॥ जप … Read more

क्या किसानों का आन्दोलन राजनीतिक षड़यंत्र है?

कोरोना महामारी की अधिक खतरनाक होती जटिल स्थितियों के बीच किसानों के आंदोलन का जो उग्र स्वरूप दिल्ली की सीमाओं एवं दिल्ली में दिखा है, जो उन्हें दिल्ली में प्रवेश एवं बुराड़ी ग्राउंड में प्रदर्शन की अनुमति मिली है, वह दुखद ही नहीं, चिंताजनक भी है। यह आन्दोलन किसानों के हितों से अधिक राजनीतिक कुचेष्टाओं … Read more

कोरोना काल , रेल यात्रा बेहाल …!!

तारकेश कुमार ओझा वाकई भौकाल मचाने में हम भारतीयों का कोई मुकाबला नहीं । बदलते दौर में दुनिया दो भागों में बंटी नजर आ रही है । एक स्क्रीन की दुनिया और दूसरी असल दुनिया । इस बात का अहसास मुझे कोरोना की नई लहर के बीच की गई रेल यात्रा के दौरान हुआ । … Read more

जन्म कुंडली बनवाने के क्या होते हैं फायदे?

जन्म कुंडली जातक का शरीर है। जिस प्रकार डॉक्टर रोग पहचान कर इलाज करता है, ठीक उसी प्रकार एक कुशल ज्योतिष भी निदान बताने में समर्थ होता है। पीड़ा तो होगी, लेकिन उस पीड़ा का अहसास कम होगा। जन्म कुंडली में विराजमान ग्रहों के चक्कर से कोई नहीं बच सकता। रावण जैसा राजा नीति कुशल, … Read more

संकट के दौर में संकटमोचक का जाना!

किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसके संकटमोचक होते हैं। अहमद पटेल कांग्रेस की ताकत थे। लेकिन कांग्रेस को लिए सबसे बड़ा संकट यही है कि संकट के इस सबसे कठिन दौर में ही उसका संकटमोचक संसार से चला गया। अहमद पटेल चले गए। जाना एक दिन सबको है। आपको, हमको, सबको। लेकिन … Read more

काश्मीर में रोशनी एक्ट की कालिमा के दंश

जम्मू-काश्मीर के आजादी के बाद के राजनीतिक जीवन एवं शासन-व्यवस्था में कितने ही भ्रष्टाचार, घोटाले, गैरकानूनी कृत्य एवं आर्थिक अपराध परिव्याप्त रहे हैं। अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद एवं वहां स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया को अग्रसर करते हुए अब इनकी परते उघड़ रही है। एक बड़ा घोटाला जम्मू-कश्मीर में … Read more

मांगलिक कार्य आरम्भ होने का दिन है ‘‘देवोत्थान एकादशी’’

देवोत्थान एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहते हैं। दीपावली के ग्यारह दिन बाद आने वाली एकादशी को ही प्रबोधिनी एकादशी अथवा देवोत्थान एकादशी या देव-उठनी एकादशी कहा जाता है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव चार मास के लिए शयन करते हैं। इस बीच हिन्दू धर्म में कोई … Read more

काश्मीर में स्वस्थ राजनीति का दौर चले

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में नैशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, पीपल्स कॉन्फ्रेंस और सीपीआईएम रूपी पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) नामक राजनीतिक मोर्चा पर तीखा हमला बोलते कहा कि गुपकार गैंग जम्मू-कश्मीर को फिर से आतंक, हिंसा, अशांति और उत्पात के दौर में ले जाना चाहता है। यह गुपकार राजनीतिक दल राज्य में … Read more

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