बेसहारा पशुओं को सरह नत्थानियां में रखा जाएगा-कुमार पाल गौतम

बीकानेर, 31 जनवरी । जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि अगले सप्ताह से नगर निगम व जिला प्रशासन द्वारा बेसहारा पशुओं को पकड़ने का सघन अभियान चलाया जाएगा। पकड़े हुए पशुओं को सरह नत्थानियां में रखा जाएगा। अगर किसी व्यक्ति का पालतू पशु सड़कों पर घूमता पाया गया और अभियान के तहत पकड़ा जाता है तो संबंधित पशु मालिक के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
गौतम गुरुवार को कलक्टेªट सभागार में जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरह नथानियां में रखे जाने वाले पशुओं को समय-समय पर चिकित्सा सुविधा सुलभ करवाई जाए। इसके लिए नगर निगम के द्वारा सरह नत्थानियां में क्वाटर्रों का निर्माण भी करवाया जाएगा तथा पशुओं को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए स्वयं सेवी संस्थाओं व भामाशाहों का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले सांडों का बांध्यकरण भी किया जाएगा।
जिला कलक्टर ने कहा कि प्रायः यह देखने में आता है कि पशु पॉलीथीन को खा लेते है और उनका स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। आमजन का पॉलीथीन का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसकी समझाईश के लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिला कलक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि सभी वार्डों में अलग-अलग दिन घूमकर पॉलीथीन को एक पात्र में एकत्रित करने का कार्य करेंगे। साथ ही जो व्यक्ति उस पात्र में पॉलिथीन डालेगा,वह सामाजिक सरोकार के तहत स्वयं शपथ लेगा कि भविष्य में वह पॉलीथीन का उपयोग नहीं करेगा।
गौतम ने कहा कि जिले में संचालित अवैध गौवंश के क्रय-विक्रय केन्द्रों पर भी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए पशु पालन विभाग पृथक से दस्ते का गठन कर ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की जाए कि पशुपालन विभाग का एक कम्पाउंडर चौबीस घंटें ऑन ड्यूटी रहे । जहां भी सड़क पर पशु के स्वास्थ्य खराब होने या दुर्घटना की सूचना मिले,तो तत्काल मौके पर उसे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
बैठक में बलदेव दास भादाणी ने कहा कि पशुपालन विभाग अगर एक एल.एस. को इस कार्य में लगा दे तो वह अपने वाहन के द्वारा बीमार पशु की तीमारदारी के लिए गंतव्य तक ले जाएंगे। बैठक में सत्य नारायण राठी, जितेन्द्र बिश्नोई तथा संयुक्त निदेशक पशुपालन अशोक विज उपस्थित थे।
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पॉलीथीन के उपयोग के लिए धर्म गुरुओं का लिया जाएगा सहयोग
बीकानेर, 31 जनवरी। पॉलीथीन के उपयोग को रोकने के लिए विभिन्न धर्म व सम्प्रदाय के धर्मगुरुओं का सहयोग लिया जाएगा । धर्म गुरुओं को क्षेत्र एवं वार्ड सुर्पुद कर उसमें पॉलीथीन का उपयोग रोकने के लिए जन जागृति का गुरु दायित्व सौंपा जाएगा।
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि पॉलीथीन के उपयोग से बड़ी संख्या में गौवंश व अन्य पशु बीमार हो रहा है,वहीं प्रदूषण भी बढ़ रहा है। पॉलीथीन के उपयोग को जनजागृति से रोकने के लिए सनातन, जैन ,सिख, ईसाई और सी.एन.आई.चर्च, राम स्नेही, वैष्णव आदि समस्त धर्म गुरूओं का सहयोग लिया जाएगा । उन्होंने बताया कि बीकानेर में यह अपने आप में अभिनव अभियान होगा । अभियान के तहत नगर निगम व जिला प्रशासन के तत्वावधान में अलग-अलग वार्डों में गौ पॉलीथीन रक्षा पात्र रखवाएं जाएंगे। इन पात्रों में पॉलीथीन का संग्रह कर उसका निस्तारण किया जाएगा। पात्र में पॉलीथीन डालने वाले को नैतिक दायित्व अनुसार स्वयं शपथ लेनी होगी कि वह आईन्दा पॉलीथीन का उपयोग नहीं करेगा और पॉलीथीन को रोकने के लिए जन जागृति का प्रयास करेगा।

शहर में सीवरेज कार्यों की जांच के लिए कमेटी का गठन
सीवरेज के कार्यों की गुणवता को लेकर मिल रही थी शिकायते

बीकानेर, 31 जनवरी। वर्तमान में बीकानेर शहर में आर यू आई डी पी द्वारा सीवर लाइन तथा नगर निगम द्वारा अमृत योजना के तहत सीवर लाइन डालने का कार्य करवाया जा रहा है। इन कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) शैलेन्द्र देवडा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है।
जिला कलक्टर ने बताया कि शिविर लाइन के कार्यों की गुणवत्ता सहित विभिन्न प्रकार की शिकायते प्राप्त हो रही है। अतः इस सम्बन्ध में कार्य की गुणवत्ता, कार्य की सीमा, रिपेयर,मेंटिनेन्स और भुगतान की स्थिति की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी कार्यों की जांच कर शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने बताया कि इस कमेटी में अतिरिक्त जिला कलक्टर नगर अध्यक्ष के अलावा नगर विकास न्यास के अधिशाषी अभियंता भंवरू खां, सानिवि के अधिशाषी अभियंता पंकज यादव और जिला परिषद के लेखाधिकारी श्रवण कुमार छींपा को सदस्य बनाया गया है।
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परीक्षाओं के दौरान ध्वनि-विस्तार यंत्रों की तीव्र ध्वनि के प्रयोग पर पाबंदी
बीकानेर,31 जनवरी। विद्यार्थियों की परीक्षाओं के मद्देनजर लोक हित में बीकानेर जिले में ध्वनि-विस्तारक यन्त्रों को तीव्र ध्वनि से प्रयोग किये जाने पर कड़ी पाबन्दी लगाई लगाई गई है। यह पाबंदी आगामी आदेशों तक लागू रहेगी।
जिला मजिस्ट्रेट एवं कलक्टर कुमार पाल गौतम ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 सपठित केन्द्रीय ध्वनि प्रदूषण (विनि. एवं नियंत्रण) नियम 2000 के नियम 3 (5) एवं राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 की धारा 5 के अधीन निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह पाबंदी लगाई है। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बीकानेर जिले के सार्वजनिक अस्पतालों/सभी शिक्षण संस्थाओं/सरकारी/अर्द्ध सरकारी कार्यालयों के 100 वर्गमीटर क्षेत्र को शांत क्षेत्र घोषित किया है। इनके आसपास कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था के द्वारा ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का प्रयोग बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के उपयोग नहीं करेगा। उन्होंन इसके लिए सक्षम अधिकारी अतिरिक्त जिला मजिस्ट (नगर) बीकानेर तथा उपखण्ड क्षेत्र में संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट को बनाया है। उन्होंने बताया कि जिले में कोई भी व्यक्ति अथवा संस्थान धार्मिक, सामाजिक, वैवाहिक,व्यवसायिक,जनहित अथवा निजी मनोरंजन हेतु डी.जे.साउण्ड सिस्टम/एम्लीफायर/लाउड स्पीकर का उपयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक नहीं करेगें। उक्त अवधि में ध्वनि प्रदूषण पूर्णतया निषिद्ध रहेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति/संस्थान अथवा संबंधित के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जावेगी तथा उपयोग में लिए गए यंत्रों को जब्त किया जा सकेगा। उन्होंने संबंधित थानाधिकारियों को उक्त आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि यह आदेश आगामी आदेश तक लागू रहेगा।

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