मित्तल हाॅस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅ दीपक जैन ने किए जटिल आॅपरेशन
अजमेर, 31 जनवरी( )। मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के हड्डी रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दीपक जैन ने एक हफ्ते में दो वृद्ध महिलाओं के कूल्हों के जोड़ प्रत्यारोपण किए। दोनों ही महिलाएं आॅपरेशन के बाद चलने फिरने लगी हैं। जोड़ प्रत्यारोपण से पूर्व वे बराबर चल भी नहीं पाती थीं। थोड़ा बहुत भी चलने पर असहनीय दर्द व पीड़ा होती थी।
अजमेर चौरसियावास रोड निवासी 64 वर्षीय वृद्धा के तो दोनों कूल्हे खराब हो गए थे। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो उनके कूल्हे की हड्डी गल गई थी। दायीं तरफ का कप अंदर धंस गया था। वृद्धा मधुमेह रोग से भी ग्रसित होने के कारण उनका आॅपरेशन किया जाना अधिक जोखिम भरा था।
हड्डी रोग विषेशज्ञ डाॅ दीपक जैन ने बताया कि इस तरह के आॅपरेशन में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। उन्होंने बताया कि वृद्धा का कूल्हा जोड़ प्रत्यारोपण किया गया और कप व स्टेम को सीमेन्ट से फिक्स कर दिया गया।
इसी तरह पुष्कर निवासी 58 वर्षीय महिला लम्बे समय से हड्डियों की कमजोरी और गठिया रोग से ग्रस्त थी। महिला के दोनों घुटने व कूल्हे खराब हो चुके थे। बाएं कूल्हे में पुराना फ्रेक्चर भी था। कूल्हे की हड्डी खराब हो चुकी थी और कप से बाहर निकल कर ऊपर चली गई थी। इससे महिला लम्बे समय से चल नहीं पा रही थी उनका पैर तकरीबन ढाई इंच छोटा था।
डाॅ दीपक जैन ने महिला की आवश्यक जांच के बाद उनका कूल्हा प्रत्यारोपण कर दिया। महिला के बिना सीमेन्ट का कप व सीमेंट वाला स्टेम लगाया गया। महिला के पैर की लम्बाई भी बराबर कर दी गई। डाॅ दीपक ने बताया कि इस तरह के आॅपरेशन में हड्डी टूटने तथा सियाटिक नर्व को क्षति पहुंचने का जोखिम होता है। डाॅ जैन ने बताया कि महिला आॅपरेशन के बाद स्वस्थ है।
इन आॅपरेशन में हाॅस्पिटल के एनेस्थीसियोलाॅजिस्ट डाॅ अनुुराग नेल्सन, डाॅ राजीव पाण्डे एवं स्टाफ मुकेश व ओमप्रकाश का सहयोग रहा।
निदेशक मनोज मित्तल ने बताया कि मित्तल हाॅस्पिटल में सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं सहित सभी तरह की चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। जहां योग्य चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक तकनीक अपनाकर, वहन कर सकने योग्य कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।