
केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा ने युवा पार्षद राजेन्द्र कुमार चौधरी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। कल यहां मित्तल फार्म हाऊस पर आयोजित भाजपा पार्षदों की बैठक में वार्ड नं 14 से जीतकर आये राजेन्द्र चौधरी को सर्वसम्मति से नेता प्रतिपक्ष चुना गया। वहीं वार्ड 30 से जीतकर आई पार्षद कोमल राठी को उपनेता प्रतिपक्ष, वार्ड नं 33 से जीतकर आये कैलाश चौधरी को सचेतक व वार्ड 37 से जीतकर आये नन्दकिशोर जेतवाल को जिला आयोजना समिति का उम्मीदवार बनाया गया है। पार्षदों की इस बैठक में सभी 17 पार्षदों सहित नगरपालिका चुनाव के दौरान संयोजक रहे पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल, भाजपा के जिला महामंत्री रायचन्द बागड़ी व शहर मंडल अध्यक्ष अनिल राठी भी मौजूद रहे। हालांकि इस बैठक में भी भाजपा की गुटबाजी सामने आई, इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के विधानसभा प्रत्याशी रहे राजेन्द्र विनायका बैठक में मौजूद नहीं थे। खैर भाजपा ने अपने मजबूत पार्षद राजेन्द्र चौधरी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है उम्मीद की जा रही है कि चौधरी के नेतृत्व में भाजपा नगरपालिका बोर्ड में मजबूत विपक्ष की भूमिका जिम्मेदारी के साथ निभा पाएगी। राजेन्द्र चौधरी युवा होने के साथ ही कर्मठ कार्यकर्ता है तथा शिक्षित भी हैं उन्होंने बीए-बीपीएड शिक्षा ग्रहण की है। चौधरी को छात्र जीवन से ही राजनीति का शौक रहा है वे स्कूल समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता रहे वहीं वर्ष 2003 में वे कॉलेज में दाखिले के साथ ही उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कॉलेज प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई जिसे उन्होंने बखूबी से निभाते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की। पिछले पांच सालों से वे लगातार भारतीय जनता युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष पद पर रहते हुए वे संगठनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभा रहे हैं। चौधरी ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। राजेन्द्र चौधरी यूं तो किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं मगर उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है। 20 सालों से उनके पारिवारिक सदस्य लगातार नगरपालिका की राजनीति से जुड़े होने के नाते उन्हें राजनीति विरासत में मिली है। राजेन्द्र के बड़े भाई गिरधारी चौधरी यहां नगर पालिका में पार्षद रहे हैं वहीं उनकी काकी यशोदा देवी चौधरी दो बार पार्षद रही हैं इसी प्रकार उनकी बहन मनोज चौधरी गत बार पालिका उपाध्यक्ष रही हैं। राजेन्द्र चौधरी कुशल नेतृत्व, कर्मठ, ईमानदार, प्रभावशाली व सेवाभावी व्यक्तित्व के धनी तो हैं ही वहीं उन्होंने कुशल नेतृत्व के चलते भाजपा में अपनी अनूठी पहचान बनाई है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि राजेन्द्र चौधरी नेता प्रतिपक्ष के रूप में पूर्ण जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तथा आमजन की समस्याओं को पालिका बोर्ड की बैठक में मजबूती से उठाएंगे साथ ही पालिका बोर्ड की गतिविधियों पर नजर रखते हुए कोई गलत कार्य नहीं होने देंगे। ध्यान रहे नगरपालिका बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी अहम मानी जाती है। कहा जाता है विपक्ष जितना मजबूत होता है बोर्ड की कार्यवाही उतनी ही सक्षम व निष्पक्ष होती है वहीं विपक्ष मजबूत हो तो बोर्ड की मनमानी पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि नगरपालिका के 40 सदस्यों के नवगठित बोर्ड में भाजपा मजबूत स्थिति में है उसके 17 पार्षद जीतकर आये हैं। अब सबकी निगाहें इस बात का इंतजार कर रही है कि नवगठित बोर्ड कब विधिवत रूप से अपना काम शुरू करे और शहर में रुके पड़े काम शुरू हों। लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि कांग्रेस बोर्ड किस बखूबी से शहर का विकास कराता है वहीं विपक्ष कितनी मजबूती से अपनी भूमिका निभाता है। नेता प्रतिपक्ष चुने जाने पर बातचीत में राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि वे सभी पार्षदों के सहयोग से आमजन की कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे साथ ही आमजन की समस्याओं को बोर्ड की बैठक में मजबूती से उठाएंगे। चौधरी ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष चुने जाने पर सभी पार्षदों व भाजपा नेताओं का आभार व्यक्त किया है।