सुशील चौहानभीलवाड़ा। कोरोना की दूसरी लहर की समाप्ति के बाद *खुले* घूमे लोगों को *तीसरी लहर* में कोरोना ने इनाम बांटना शुरू कर दिया है जिसे *ओमिक्रोन* नाम दिया गया है। अभी यह *इनाम* *चुंनिन्दा* लोगों को मिल रहा है, लेकिन *खुले घूमने ओर *मौज मस्ती* करने के हालात दिख रहे है उससे लगने लगा है कि जल्द ही यह *ओमिक्रोन पुरस्कार* ज्यादा लोगों को मिलने लगेगा। पहली और दूसरी लहर में कोरोना की चपेट में आकर *साँस लेने को तरस* गए लोग अभी भी *समझदारी* दिखाने के *मूड* में नहीं है। कोई *सैलानी* बनकर तो कोई *कारोबारी* बनकर ओर कोई *राजनीति* के बहाने सफर पर सफर किये जा रहा है। बिना इस बात की परवाह किए कि कोरोना कही भी मिल सकता है । कोरोना मामलों पर नज़र रख रहे डिप्टी सीएमएचओ डॉ घनश्याम चावला कहते है कि कोरोना के मामले बढ़ रहे है। और *ओमिक्रोन* की संभावना भी बढ़ रही है । अभी केवल दो मामले ही उजागर हुए हो लेकिन यही माहौल रहा तो *ओमिक्रोन* को भी *पैर पसारने* में समय नहीं लगेगा। अभी भी *सख्त कदम* उठाने की *जरूरत* से ज्यादा लोगों को *सावचेत* होने की जरूरत है। नहीं माने तो वो दिन दूर नहीं जब कोरोना ओर ओमिक्रोन के मर्ज के मारे इलाज के लिए भटकते दिखाई देंगे। उन्होंने बताया कि ओमिक्रोन की जांच जयपुर में हो रही हैं यहां से सैम्पल भेज रहे हैं।जांच में एक दो दिन लगते हैं।
शहर में कोरोना फिर तेजी से फैल रहा हैं। लेकिन लोग हैं कि मान नहीं रहे हैं।वो तो ऐसे घूम रहे जैसे कोरोना चला गया।ना मास्क लगा रहे हैं ना ही दो गज की दूरी रख रहे हैं। सेनेटाइजर तो अब घरों के कबाड़ख़ाने की शोभा बन गए हैं। नये साल के जश्न में तो सरकार की गाइडलाइंस की खुलकर धज्जियां उड़ी। प्रशासन मौन रहा। हालांकि प्रशासन लोगों को लगातार चेता रहा हैं कि गाइडलाइंस का पालन करें।
मैंने *आठ जून* 2021को अपने काॅलम में कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे के बारे में लोगों को सावचेत कर दिया था। इसके बाद भी लोग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं।
अब भी समझदारी नहीं दिखाई तो हालत फिर से पहले जैसे होने में देरी नहीं लगेगी। इसलिए ,*मान जाइए बात प्रशासन की मान जाइए* तो *लगा लो मास्क,बना लो दो गज की दूरी और धोने लग जाओ सेनेटाइजर से हाथ*। तभी दे पाएंगे हम कोरोना और ओमिक्रोन को मात।