बजट 2022 में कौशल विकास

“माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने एक प्रगतिशील बजट पेश किया है जो विश्व पटल पर भारत का निर्माण एक कौशल केंद्र के रूप में करता है। ‘देश स्टैक ई-पोर्टल – डिजिटल इकोसिस्टम फॉर स्किलिंग एंड लाइवलीहुड’ के लॉन्च के साथ हमारे पास एक पारदर्शी प्लेटफॉर्म है जो एक ही स्थान पर ऑनलाइन प्रशिक्षण तक पहुंच साबित करने के अलावा आजीविका और उद्यमशीलता के विकास को बढ़ावा देने के लिए पेमेंट और डिस्कवरी लेयर्स प्रदान करता है। ट्रस्ट-पेमेंट-डिस्कवरी सक्षम प्रोटोकॉल पर स्थापित टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर नागरिकों को विश्वसनीय कौशल पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण संस्थान खोजने में मदद करेगा और डिजी लॉकर में उनके कौशल और अनुभव प्रमाण पत्र को स्टोर करने के लिए एक जगह होगी, बदले में जिसका कुशल पेशेवरों के प्रोफाइल को सत्यापित करने के लिए नियोक्ताओं द्वारा उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह, पेमेंट टेक्नोलॉजी प्रोटोकॉल जरूरतमंद नागरिकों को प्रशिक्षण के लिए सरकारी फंडिंग तक पहुंचने में मदद करेगा, जबकि डिस्कवरी टेक्नोलॉजी प्रोटोकॉल स्किलिंग कोर्सेज़, संस्थानों, लोन, छात्रवृत्ति, सीएसआर और नौकरी के अवसरों की पारदर्शी खोज की अनुमति देगा। यह कौशल चाहने वालों, भावी नियोक्ताओं और वित्तीय संस्थानों को पोर्टल पर आने के लिए प्रोत्साहित करेगा और माननीय प्रधानमंत्री जी के दुनिया में सबसे बड़ा कौशल कार्यक्रम बनाने के विज़न के अनुरूप है, जहां हमारा लक्ष्य अगले पांच सालों में 10 करोड़ भारतीयों को कौशल प्रदान करना है। इस विज़न को पूरा करने के लिए विभिन्न मंत्रालय एक साथ आए हैं, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, जिसमें शिक्षा और कौशल के निर्बाध एकीकरण की परिकल्पना की गई है। ड्रोन शक्ति कार्यक्रम इस दिशा में एक और कदम है जो एक सेवा के रूप में ड्रोन से बढ़ावा प्राप्त करेगा और आईटीआई और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) को दीर्घकालिक और अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बीच तालमेल बनाने के लिए पंख देगा (उद्योग, अन्य संगठनों और संबंधित मंत्रालयों के सहयोग से कार्यान्वित)।”

1. उद्यम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टल को आपस में जोड़ा जाएगा। उनका दायरा बढ़ाया जाएगा। वे अब लाइव, ऑर्गेनिक डेटाबेस वाले पोर्टल के रूप में प्रदर्शन करेंगे, जो G2C, B2C और B2B सेवाएं प्रदान करेंगे। ये सेवाएं अर्थव्यवस्था को और अधिक औपचारिक बनाने और सभी के लिए उद्यमशीलता के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से ऋण सुविधा, कौशल और भर्ती से संबंधित होंगी।

MSDE रोजगार और उद्यमिता के लिए एकीकृत अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण हेतु MSME और MoLE के साथ काम करेगा।

2. कौशल कार्यक्रमों और उद्योग के साथ साझेदारी को निरंतर कौशल मार्गों, स्थिरता और रोजगार क्षमता को बढ़ावा देने के लिए पुन: उन्मुख किया जाएगा। नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) को गतिशील उद्योग की जरूरतों के साथ जोड़ा जाएगा।

MSDE उद्योग के साथ जुड़ रहा है और गतिशील उद्योग की जरूरतों के अनुसार मौजूदा NSQF को फिर से संरेखित कर रहा है जिसके लिए NCVET को आवश्यक ढांचा तैयार करने के लिए कहा जा रहा है।

3. डिजिटल इकोसिस्टम फॉर स्किलिंग एंड लाइवलीहुड – देश-स्टैक ई-पोर्टल – लॉन्च किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से स्किल, रीस्किल या अपस्किल के लिए सशक्त बनाना है। यह प्रासंगिक नौकरियों और उद्यमशीलता के अवसरों को खोजने के लिए एपीआई-आधारित विश्वसनीय कौशल प्रामाणिकताएँ, पेमेंड एंड डिस्कवरी लेयर्स भी प्रदान करेगा।

DESH आधार-डीबीटी-जन-धन-भीम टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर का विस्तार है। DESH टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर की स्थापना ट्रस्ट-पेमेंट-डिस्कवरी सक्षम करने वाले प्रौद्योगिकी प्रोटोकॉल और विशिष्टताओं पर की गई है। ट्रस्ट टेक्नोलॉजी प्रोटोकॉल एक ओर नागरिकों को भरोसेमंद कौशल पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण संस्थान खोजने में मदद करते हैं और दूसरी ओर नागरिकों को डिजी लॉकर में अपने कौशल प्रमाण पत्र और अनुभव प्रमाण पत्र संग्रहीत करने में मदद करते हैं, जिन्हें कुशल पेशेवरों के विश्वसनीय और सत्यापित प्रोफाइल तक पहुंचने के लिए नियोक्ताओं द्वारा सत्यापित किया जा सकता है। पेमेंट टेक्नोलॉजी प्रोटोकॉल्स/स्पेसिफिकेशन्स जरूरतमंद नागरिकों को उनके चुने हुए कौशल/रीस्किलिंग/अपस्किलिंग पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण के लिए सरकारी धन प्राप्त करने में मदद करते हैं। डिस्कवरी टेक्नोलॉजी प्रोटोकॉल/स्पेसिफिकेशन्स से कुशल पाठ्यक्रमों/कौशल संस्थानों, ऋण/छात्रवृत्ति/सीएसआर अवसरों और नौकरी के अवसरों की पारदर्शी खोज की अनुमति मिलती है।

आधार और यूपीआई की तरह, देश भी खुले प्रोटोकॉल/विनिर्देशों, खुले डेटा स्रोतों और ओपन एपीआई का एक सेट है जो स्टार्ट-अप को स्किलिंग/रीस्किलिंग/अपस्किलिंग और रोजगार/उद्यमिता के अवसरों का लाभ उठाकर प्रत्येक नागरिक को अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद करने के लिए अभिनव समाधान बनाने में मदद करेगा।

4. विभिन्न अनुप्रयोगों के माध्यम से और ड्रोन-एस-ए-सर्विस (DrAAS) के लिए ‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा हेतु स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी राज्यों में चुनिंदा आईटीआई में स्किलिंग के लिए जरूरी कोर्स शुरू किए जाएंगे।

डीजीटी ने पहले से ही इसमें ‘रिमोटली पाइलेटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए)/ड्रोन पायलट’ ट्रेड में छह महीने की अवधि का प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर लिया है। सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा ड्रोन असेंबली/मरम्मत/कोडिंग आदि में शॉर्ट टर्म कोर्स भी डिजाइन किए गए हैं।

उपरोक्त कार्यक्रम सभी राज्यों के चुनिंदा आईटीआई में शुरू किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, एनएसडीसी और एसएससी विभिन्न उद्योग संघों के माध्यम से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लागू करने में भी मदद करेंगे। इसमें कृषि, रसायन और उर्वरक आदि मंत्रालयों की बहु-कौशल जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

5. राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) ने विभिन्न सेक्टर स्किल काउंसिल और अन्य पुरस्कृत निकायों के अनुरोध पर जनवरी 2022 तक 5,100 से अधिक उद्योग संबद्ध योग्यताओं को मंजूरी दी है। इसने एसएससी, डीजीटी, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, उद्योग विशेषज्ञों के आपसी सहयोग से उद्योगों द्वारा आवश्यक भविष्य के कौशल की पहचान की है।

6. एनसीवीईटी उद्योग 4.0 और उसके अतिरिक्त आवश्यक कौशल पर बारीकी से कार्य कर रहा है। ओरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, टाटा, सिस्को और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) जैसी शीर्ष कंपनियों के उद्योग-मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों के एनएसक्यूएफ-स्तरीय संरेखण के लिए प्रयास किए गए हैं ताकि युवाओं को स्किल / अपस्किल / रीस्किल किया जा सके।

7. डीजीटी को आईटीआई में कार्यान्वयन के लिए एनएसक्यूएफ के अंतर्गत स्वीकृत ड्रोन पर योग्यता टैग मिला है:

o शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) – रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए)/ड्रोन पायलट (रिफ्रेशर कोर्स)

o ड्रोन तकनीशियन

o रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए)/ड्रोन पायलट

o रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए)/ड्रोन पायलट (सीटीएस)

8. एनसीवीईटी के अंतर्गत अगले शैक्षणिक सत्र से यूनिफाइड क्रेडिट फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। यह फ्रेमवर्क स्कूल और उच्च शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को समेकित रूप से एकीकृत करेगा और उद्योग में गुणवत्ता जनशक्ति आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ एकाधिक प्रवेश-निकास को सक्षम करेगा।

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