केकड़ी 21 नवंबर(पवन राठी)
श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन नासियाँ पंचतीर्थ सापुण्दा रोड केकडी के शिलान्यास समरोह व दीक्षा जयंती के अवसर आयोजित धर्मसभा में आचार्य वैराग्य नंदी जी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि जो व्यक्ति के मन में निस्पृह भावना रखता है, वह पापाचार करने की चेष्टा नहीं करता है, वह हमेशा कर्म की चर्चा के बजाय धर्म की ही बात करता है , फिर भी हम राग-द्वेष एवं मोह रूपी संसारी जाल में फंसे हुए है!
उन्होंने कहा कि अपने आत्म स्वरूप को जानने के लिए शुभ भावों के प्रति ध्यान करना चाहिए!
इससे पूर्व श्री नेमिनाथ मन्दिर से आचार्य ससंघ का दोपहर बैंड बाजे, एवं जय घोष के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा ।
मीडिया प्रभारी रमेश बंसल व पारस जैन ने बताया कि शांतिनाथ बहु मंडल एवं पाठशाला के नन्हें मुन्ने बच्चों द्वारा लघु नाटिका के माध्यम से जैनेश्वरी दीक्षा की शानदार प्रस्तुति दी गई ।
आचार्य श्री के सानिध्य में मुनि श्री श्रमणनंदी महाराज एवं आर्यिका सोहम श्री माताजी का की दीक्षा जयंती मनाई गई ।
चन्द्रकला जैन ने विनयांजली प्रस्तुत की ।
समाज की समस्त महिला मंडल , नेमिनाथ अखंड ज्योत समिति व जैन अग्रवाल युवा परिषद के सदस्यों ने अष्टद्रव्य से पूजन कर अर्घ्य समर्पित किये ।
आचार्य श्रीपद्मनन्दि महाराज के चित्र अनावरण – दीप प्रज्वलन एवं आचार्य वैराग्यनंदी महाराज के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट अशोक कुमार, ज्ञान चंद, बंटी, संजय, हैप्पी ,पिल्लू सिंहल बघेरा परिवार द्वारा किया गया।
शिलान्यास शांतिलाल, पारस कुमार जूनियाँ , अमर चंद अशोक कुमार खुवाड़ा, चाँद मल, पारसमल बघेरा,भागचंद ज्ञानचंद धुंधरी परिवार के द्वारा किया गया।
बाहर से बड़ी संख्या में जयपुर, अहमदाबाद, टोंक, निवाई, भीलवाड़ा, मालपुरा, डिग्गी, लावा, सावर, मेहरुकलां जूनियाँ एवं बघेरा से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके पश्चात आचार्य श्री का विहार बघेरा की ओर हुआ । कार्यक्रम को संचालन ब्रह्मचारी जिनेश भैया जयपुर के द्वारा किया गया । समाज के देवा लाल, शांति लाल, अध्यक्ष अमर चंद चोरुका, मंत्री भाग चंद जैन धुंधरी कोषाध्यक्ष उत्सव कुमार व सभी ने आचार्य श्री को श्रीफल भेंट कर आगामी चातुर्मास हेतु निवेदन किया ।