*जनप्रतिनिधि मौन, प्रशासन सुस्त, सिस्टम लाचार तो कैसे होगा जनहित का काम*

*झालावाड़ हादसे से सबक ग्रामीण पहुचें सरकारी स्कूल में* 
संवाददाता जितेन्द्र गौड़
बून्दी – जिले के सरकारी स्कूलों की दयनीय दशा के प्रमाण अब सामने आ रहें हैं। झालावाड़ जिले में सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए हादसे के बाद क्षेत्र के ग्रामीण जागरूक नजर आए और सरकारी स्कूलों में पहुँच कर जर्जर भवनों में बच्चो के नही बैठाने के लिये अध्यापकों को कहा। लबान सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा सुबह आधा दर्जन ग्रामीणों के साथ कस्बे में स्थित राजकीय बालिका विद्यालय में पहुचें और भवन का निरीक्षण कर बच्चो को खतरे वाली जगहों पर नही बैठाने के लिये अध्यापक को कहा। साथ ही आवश्यकता होने पर कस्बे के सीनियर स्कूल में कक्षाएं लगाने के निर्देश दिये । वही छप्पनपुरा गांव में ग्रामीण वार्ड पंच मनीष मीणा व गिरिराज मीणा ग्रामीणों के साथ विद्यालय पहुचें और जर्जर कमरों में बैठे बच्चो को बाहर बरामदे में बैठाया।विद्यालय के मुख्यद्वार पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गौरतलब है कि यहां के स्कूल भवन वर्षो से जर्जर है, जिनकी मरम्मत के प्रस्ताव विभाग को भिजवा रखे है, परन्तु न तो नए भवन स्वीकृत हुए है, और न ही मरम्मत के लिये बजट जिम्मेदार मात्र प्रस्ताव भिजवाने की बात कह कर पल्ला झाड़ लेते है ऐसे में अभिभावकों को झालावाड़ हादसे के बाद अपने बच्चो की चिंता है।
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