मित्तल हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. ऋषभ कोठारी व डॉ. संजीव मेहरा की टीम ने किया सफल उपचार
अजमेर, 28 अगस्त (.)। अजमेर निवासी 83 वर्षीय बुजुर्ग की पित्त की नली से 15 मिमी की पथरी निकालकर मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चिकित्सकों ने उन्हें बड़ी राहत दी है। वृद्ध पहले से कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, जिससे उपचार का जोखिम और बढ़ गया था।
हॉस्पिटल के सीनियर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. ऋषभ कोठारी, सीनियर फिजिशियन डॉ. संजीव मेहरा, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. रोहिताश शर्मा व सीनियर एंडोस्कोपिक टेक्नीशियन रामकिशोर चौधरी, वसीम खान और कैलाश की टीम ने मिलकर ईआरसीपी (एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलांजियोपैंक्रियाटोग्राफी) एवं स्फिंक्टरोप्लास्टी तकनीक से बिना किसी चीरा लगाए यह स्टोन सफलतापूर्वक निकाला।
डॉ.ऋषभ कोठारी ने बताया कि रोगी की गंभीर अवस्था को देखते हुए कई चिकित्सा संस्थानों ने पहले ईआरसीपी करने से इनकार कर दिया था। लंबे समय तक उपचार न मिलने से मरीज का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था, पीलिया और तेज बुखार बढ़ गया था। भर्ती के समय वे बेहद गंभीर स्थिति में थे।
उन्हें एंडोस्कोपी के जरिए वायर डालकर बैलून के द्वारा पथरी निकाली गई और स्टेंट लगाया गया, जिससे तुरंत राहत मिली।
डॉ. मेहरा ने बताया कि मरीज की पूर्व में बाईपास सर्जरी हो चुकी थी, शुगर और ब्लड प्रेशर असंतुलित थे और सोडियम का स्तर भी कम था। पहले उनकी स्थिति को स्थिर किया गया, फिर गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से परामर्श कर ईआरसीपी का निर्णय लिया गया। उपचार के अगले दिन से ही पीलिया और बुखार कम होने लगा।
मरीज ने स्वास्थ्य लाभ के बाद हॉस्पिटल की चिकित्सा टीम, नर्सिंग स्टाफ और सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि पित्त की नली में फंसे स्टोन से हुई पीड़ा असहनीय थी, लेकिन हॉस्पिटल की कुशल टीम की बदौलत उन्हें सुकून मिला।