महावीर इंटरनेशनल रॉयल द्वारा एशिया अवॉर्ड्स फॉर एक्सीलेंस से सम्मानित डॉ. नरेन्द्र पारख का अभिनंदन

ब्यावर। शिक्षा, समाजसेवा एवं नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति, ब्यावर के मंत्री एवं महावीर इंटरनेशनल की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य वीर डॉ. नरेन्द्र पारख को मकाऊ-हांगकांग में आयोजित प्रतिष्ठित Asia Awards for Excellence 2026 से सम्मानित किए जाने पर महावीर इंटरनेशनल रॉयल एवं वर्द्धमान परिवार द्वारा भव्य अभिनंदन किया गया।

दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री ने डॉ. पारख को आकर्षक स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान महिला शिक्षा, कौशल विकास एवं आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के क्षेत्र में श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता का प्रतीक है।

स्वदेश लौटने पर आयोजित अभिनंदन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. नरेन्द्र पारख की दूरदर्शी सोच, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समाजसेवा के प्रति समर्पण तथा नेतृत्व क्षमता ने संस्थान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। समिति द्वारा पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास आधारित पाठ्यक्रमों एवं वैश्विक मानकों की सुविधाओं को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

अपने उद्बोधन में डॉ. नरेन्द्र पारख ने इस सम्मान को वर्द्धमान समूह के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों, प्राचार्यों, संकाय सदस्यों एवं सहयोगियों को समर्पित करते हुए कहा कि समिति भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से सहयोग एवं अधिस्वीकृति प्राप्त कर स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी

महावीर इंटरनेशनल रॉयल की ओर से डॉ. पारख का माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। समारोह में रॉयल चेयरमैन वीर अशोक पालडेचा, सचिव वीर अभिषेक नाहटा, कोषाध्यक्ष वीर पुष्पेन्द्र चौधरी, रीजन-3 के डिप्टी डायरेक्टर वीर धनपतराज श्रीश्रीमाल, ज़ोन सचिव वीर रूपेश कोठारीवीर गौतमचंद बोहरावीर महावीर नाहरवीर रमेश मेडतवाल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने डॉ. नरेन्द्र पारख को इस वैश्विक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है तथा इससे ब्यावर एवं जैन समाज का गौरव बढ़ा है।

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