एमडीएस विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भ्रमण में नवाचार, शोध संस्कृति एवं शिक्षा मनोविज्ञान की मिली जानकारी
अजमेर, 13 जुलाई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बहुविषयक एवं अंतर्विषयक शिक्षा दृष्टिकोण को व्यवहारिक रूप में समझने के उद्देश्य से सिटी ग्रुप, लखनऊ के अंतर्गत संचालित सिटी एकेडमिक कॉलेज के एम.एड. के 65 विद्यार्थियों ने सोमवार को महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग, कणाद भवन एवं संविधान पार्क का अवलोकन कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित संवाद सत्र में विभाग प्रभारी एवं अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. सुभाष चंद्र ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत बहुविषयक (Multidisciplinary) एवं अंतर्विषयक (Interdisciplinary) शिक्षा की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जीवविज्ञान एवं शिक्षा मनोविज्ञान के पारस्परिक संबंधों को सरल एवं रोचक उदाहरणों के साथ समझाते हुए बताया कि प्रभावी शिक्षण के लिए विद्यार्थियों के व्यवहार, व्यक्तित्व एवं मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मनोविज्ञान मनुष्य के जन्म से लेकर जीवन के विभिन्न चरणों तक सीखने की प्रक्रिया एवं व्यवहार को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। अनेक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत जीव-जंतुओं पर किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों एवं प्रयोगों पर आधारित हैं, जिनका शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक उपयोग किया जाता है। एक सफल शिक्षक वही है, जो विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझते हुए उनकी सीखने की क्षमता का समुचित विकास कर सके।
संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच लघु शोध परियोजनाओं, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं, पाठ्यक्रम विकास तथा अकादमिक सहयोग की संभावनाओं पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति, आधुनिक शिक्षण संसाधनों एवं नवाचार आधारित शैक्षणिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे अपने लिए अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताया।
भ्रमण दल के साथ सिटी एकेडमिक कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मीता श्रीवास्तव, सहायक आचार्य शुभांशु अवस्थी, श्रीमती जय श्री सिंह, अरविंद द्विवेदी एवं अतुल अवस्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की ओर से अतिथि सहायक आचार्य डॉ. नेमीचंद तंबोली, डॉ. भावना गौड़, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. कालिंदी एवं डॉ. अंजू अग्रवाल ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
भ्रमण के समापन पर विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का अवलोकन कर प्राप्त अनुभव को अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक संभावनाओं, अनुसंधान संस्कृति तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति की व्यावहारिक अवधारणाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराते हैं।