महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय एवं अजमेर नगर निगम के मध्य एमओयू

विद्यार्थियों को मिलेगा वास्तविक कार्यानुभव, शोध एवं सामुदायिक सहभागिता का व्यापक अवसर

अजमेर, 16 जुलाई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने की दिशा में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अजमेर नगर निगम के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक सहयोग के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को शहरी प्रशासन, सामुदायिक विकास एवं सतत विकास से जुड़े विषयों पर प्रत्यक्ष कार्यानुभव, शोध तथा अकादमिक प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा।

यह समझौता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा इंटर्नशिप एवं सामुदायिक सहभागिता संबंधी जारी दिशा-निर्देशों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप किया गया है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी अजमेर नगर निगम में शहरी नियोजन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जनस्वास्थ्य, नागरिक प्रशासन, सामुदायिक विकास, जल संरक्षण तथा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण शैक्षणिक अंकों से संबद्ध होगा तथा विद्यार्थियों को नगर निगम की योजनाओं एवं विकास कार्यों में प्रत्यक्ष सहभागिता का अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

समझौते के अनुसार दोनों संस्थान स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध विशेषज्ञता तथा नगर निगम के क्षेत्रीय अनुभव एवं उपलब्ध आंकड़ों के समन्वय से सतत शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जनहित एवं सामुदायिक विकास से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे शोध कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ने के साथ-साथ समाजोपयोगी अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी।

एमओयू के अंतर्गत महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान एवं सुदूर संवेदन विभाग से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रशिक्षण एवं संयुक्त परियोजनाओं का समन्वय करेंगे। वहीं, अजमेर नगर निगम अपने विभिन्न विभागों से मार्गदर्शक अधिकारियों की नियुक्ति करेगा, जो विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे तथा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र भी प्रदान करेंगे। इस पहल में प्रिआ संस्था प्रारंभिक सहयोगी संस्था के रूप में सामुदायिक सहभागिता आधारित शोध, क्षमता संवर्धन एवं संकाय विकास कार्यक्रमों में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी।

यह समझौता प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा तथा दोनों संस्थानों की सहमति से इसका नवीनीकरण किया जा सकेगा। इस सहयोग से विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुसंधान क्षमता, नेतृत्व कौशल, व्यावहारिक दक्षता एवं रोजगारपरक क्षमताओं का विकास होगा। साथ ही विश्वविद्यालय और स्थानीय प्रशासन के बीच संस्थागत समन्वय को नई मजबूती मिलेगी, जिससे अजमेर के सतत, समावेशी एवं जनोन्मुखी विकास को गति प्राप्त होगी।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के अवसर पर अजमेर नगर निगम से उपायुक्त (प्रशासन) श्रवण कुमार एवं सहायक अभियंता बबीता सिंह उपस्थित रहे। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव कैलाश चंद्र शर्मा, पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रोतो दत्ताप्रो. प्रवीण माथुरडॉ. विवेक शर्मारौनक चौधरी तथा प्रिआ संस्था से डॉ. रबी राज ने सहभागिता की।

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