39वें स्थापना दिवस पर एमडीएस विश्वविद्यालय मनाएगा ‘आत्मचिंतन दिवस’

शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं शोधार्थियों से आमंत्रित किए गए सुझाव, भविष्य की कार्ययोजना का बनेंगे आधार

अजमेर, 27 जुलाई। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर अपने 39वें स्थापना दिवस को इस वर्ष ‘आत्मचिंतन दिवस’ के रूप में मनाएगा। स्थापना दिवस को केवल औपचारिक समारोह तक सीमित न रखते हुए विश्वविद्यालय ने इसे सामूहिक आत्मविश्लेषण, उत्तरदायित्व और उत्कृष्टता के नए संकल्प का अवसर बनाने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य से विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, अधिकारियों, अशैक्षणिक कर्मचारियों एवं शोधार्थियों के लिए पृथक-पृथक फीडबैक एवं आत्मचिंतन प्रपत्र दिये गए हैं, जिन्हें 31 जुलाई 2026 तक भर कर कुलगुरु सचिवालय में जमा करने के लिए कहा गया है |

कुलगुरु प्रो सुरेश कुमार अग्रवाल के अनुसार आत्मचिंतन प्रपत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार का प्रत्येक सदस्य अपने पिछले एक वर्ष के कार्यों, उपलब्धियों एवं योगदान का मूल्यांकन करेगा। साथ ही कार्य निष्पादन, संस्थागत सुधार, प्रशासनिक दक्षता, शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, विद्यार्थी सेवाओं, डिजिटल प्रशासन, आधारभूत संरचना तथा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत करेगा। विभिन्न वर्गों यथा शिक्षक वर्ग, अधिकारी वर्ग, कर्मचारी और शोधार्थी वर्ग की कार्यप्रकृति को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग-अलग प्रारूप तैयार किए गए हैं, ताकि प्राप्त सुझाव अधिक सार्थक एवं उपयोगी सिद्ध हो सकें।

प्रो अग्रवाल के अनुसार प्राप्त सभी सुझावों एवं आत्मचिंतन प्रपत्रों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा तथा उन्हें विश्वविद्यालय की भावी नीतियों, प्रशासनिक सुधारों, शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध संवर्धन, डिजिटल परिवर्तन एवं संस्थागत गुणवत्ता उन्नयन की कार्ययोजना में सम्मिलित किया जाएगा। किसी भी संस्थान की सतत प्रगति केवल उपलब्धियों के उत्सव से नहीं, बल्कि आत्ममूल्यांकन, पारदर्शिता और सहभागी चिंतन से ही संभव होती है।

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