राज्य स्तरीय सृजनात्मक प्रतियोगिताओं का समापन
विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं नकद पुरस्कार से किया सम्मानित
अजमेर, 22 अगस्त। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान द्वारा विद्यार्थियों में बौद्धिक एवं सृजनात्मक कौशल के विकास के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सृजनात्मक प्रतियोगिताओं का शनिवार को सूचना केन्द्र सभागार में समापन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री सुरेश कुमार अग्रवाल रहे। समारोह की अध्यक्षता टी.टी. कॉलेज अजमेर के प्राचार्य डॉ. राकेश कटारा ने की। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर श्री गोविन्द नारायण शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजक एवं प्रधानाचार्य महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय रामनगर श्री राजीव दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत करते हुए तीन दिवसीय प्रतियोगिताओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरू श्री सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सृजनात्मक प्रतियोगिताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन प्रतियोगिताओं में आधुनिक समय की नवीन विधाओं एवं वर्तमान आवश्यकताओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदैव अधिकारों से पहले दायित्वों को महत्व दिया गया है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों में ‘क्यों, क्या और कैसे’ जैसे प्रश्नों के माध्यम से चिंतन एवं जिज्ञासा का विकास किया जाना चाहिए, ताकि अधिक सृजनशील एवं जिम्मेदार नागरिक तैयार हो सकें।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए अनुवाद कौशल पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की भाषा एवं अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूत करने के लिए अनुवाद जैसी विधाओं को भी भविष्य की सृजनात्मक प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाना उपयोगी होगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. राकेश कटारा ने कहा कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2023 की अनुशंसाओं के अनुरूप शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों को लागू किया जा रहा है। इसमें शिक्षण के प्रमुख उद्देश्यों में सृजनशीलता को विशेष स्थान दिया गया है। विद्यालयों में विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता के विकास के लिए अतिरिक्त कालांश की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे निश्चित रूप से इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर श्री गोविन्द नारायण शर्मा ने लेखन, चित्रकला एवं आशुभाषण जैसी साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के अधिकाधिक आयोजन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को इन प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगिताओं के सफल एवं निष्पक्ष आयोजन में निर्णायक मंडल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
शैक्षिक निदेशक श्रीमती उषा कच्छावा ने प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों एवं संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। संयोजक एवं जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा अजमेर श्रीमती दर्शना शर्मा ने अतिथियों, प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
समापन समारोह से पूर्व प्रातः सभी प्रतिभागियों एवं दलनायकों को अजमेर शहर के विभिन्न दर्शनीय स्थलों सहित नारेली का भ्रमण कराया गया। इससे विद्यार्थियों को अजमेर की ऎतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिला।
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं क्रमशः 11 हजार, 7 हजार 500 तथा 5 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति के सदस्यों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जालौर की प्रतिभागी गंगा, द्वितीय स्थान पर बाड़मेर के विकास, तृतीय स्थान पर बीकानेर के उम्मेद सिंह विजेता रहे। इसी प्रकार निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ब्यावर की दिया शर्मा, द्वितीय स्थान पर फलौदी की रक्षा व्यास, तृतीय स्थान पर अजमेर की राधिका चौधरी, आशुभाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर श्रीगंगानगर से हरगुण, द्वितीय स्थान पर जालौर से मनोहर सिंह, तृतीय स्थान पर बांसवाड़ा से गर्व जोशी, चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर प्रतापगढ़ की हिमांशी मकवाना, द्वितीय स्थान पर श्रीगंगानगर की दिव्या, तृतीय स्थान पर अजमेर की डोना हलधर, एकल गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर सुलोचना बीकानेर की मिरासी, द्वितीय स्थान पर ब्यावर की अनुराधा चौहान, तृतीय स्थान पर धौलपुर की मानसी शर्मा विजेता रही।