क्या पार्षद पशु हैं, जिन्हें बाड़े में बंद किया गया है?

क्या पार्षद पशु हैं, जिन्हें बाड़े में बंद किया गया है?
“बाड़ाबंदी” शब्द वास्तव में पार्षदों जैसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के संदर्भ में कुछ हद तक अपमानजनक और अमानवीय बिंब पैदा करता है। “बाड़ा” सामान्यतः उस स्थान को कहा जाता है जहां पशुओं को घेरकर रखा जाता है। राजनीति में “बाड़ाबंदी” का अर्थ हो गया है, चुनाव के दौरान पार्षदों को किसी होटल, रिसॉर्ट या अन्य स्थान पर एक साथ रखकर उनकी आवाजाही और संपर्क पर निगरानी रखना। इसलिए सवाल स्वाभाविक है कि जनता द्वारा चुने गए पार्षदों को पशुओं की तरह ‘बाड़े’ में बंद करने की स्थिति को हम सामान्य राजनीतिक शब्दावली क्यों मानें? यह शब्द इस पूरी प्रक्रिया की विडंबना को तो उजागर करता है, लेकिन जनप्रतिनिधियों की गरिमा को देखते हुए इसका इस्तेमाल सहज नहीं होना चाहिए। तो क्या “लामबंदी” बेहतर शब्द है? बिलकुल, “लामबंदी” कहीं अधिक गरिमापूर्ण और राजनीतिक रूप से उपयुक्त शब्द है। “लामबंदी” का अर्थ है, किसी उद्देश्य या पक्ष में लोगों को संगठित करना, एकजुट करना अथवा समर्थन के लिए तैयार करना। इसलिए कहा जा सकता है,
पार्षदों की लामबंदी, समर्थन के लिए पार्षदों को एकजुट करना,
मेयर चुनाव में पार्षदों का शक्ति-संगठन, पार्षदों को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश। हां, इतना जरूर है कि “बाड़ाबंदी” में व्यंग्य और विडंबना है, जबकि “लामबंदी” में राजनीतिक गरिमा है।

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