खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं : एस पी हर्षवर्धन अग्रवाला

39वें खेलोत्सव जयघोषका शुभारंभ, कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहाखेल शिक्षा का अभिन्न अंग

नशा मुक्ति की दिलाई शपथ

अजमेर, 17 सितम्बर।  मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री हर्षवर्धन अग्रवाला ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जितनी महत्वपूर्ण है, खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। खेल केवल शारीरिक क्षमता को विकसित नहीं करते, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास भी करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल में वास्तविक प्रतियोगिता किसी दूसरे खिलाड़ी से नहीं, बल्कि स्वयं से होती है। प्रत्येक खिलाड़ी को अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए। श्री अग्रवाला ने अपने छात्र जीवन के खेल अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेल हमें कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करना, असफलताओं से सीखना और चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने और अपने प्रदर्शन से विश्वविद्यालय एवं अभिभावकों का नाम रोशन करने का आह्वान किया। वे महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के 39वें खेलोत्सव जयघोषके शुभारंभ के उदघाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे बोल रहे थे ।  

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 समग्र शिक्षा की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें शरीर, मन और व्यक्तित्व के संतुलित विकास पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं है; खेल, संस्कृति एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। कुलगुरु प्रो अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले दो वर्षों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए हैं और अब बड़ी संख्या में विद्यार्थी खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर रहे हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में खेल गतिविधियों को और प्रोत्साहित करने तथा मूल्यवर्धित पाठ्यक्रमों के माध्यम से खेलों को शैक्षणिक क्रेडिट से जोड़ने की दिशा में भी कार्य करेगा। उन्होंने खेलों को स्वस्थ भारत और विकसित भारत के निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि खेल युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने नशा मुक्त युवाविकसित भारतअभियान का उल्लेख करते हुए खेलोत्सव को नशामुक्ति के संदेश से जोड़ने की बात कही।

स्पोर्ट्स बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. अनिल दाधीच ने खेलोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रारंभिक चरण में योग, टेबल टेनिस एवं शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के खिलाड़ी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स बोर्ड के सचिव डॉ तपेश्वर कुमार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुभाष चंद्र सहित विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी, अतिथि शिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

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