पहले खुजली होती है, फिर अचानक त्वचा पर लाल, उभरे हुए चकत्ते दिखाई देने लगते हैं। आपको लग सकता है कि कुछ ऐसा खा लिया जो सूट नहीं किया, कोई नया प्रोडक्ट लगा लिया या बस कोई अस्थायी एलर्जी है। लेकिन तब क्या, जब पित्ती हफ्ते-दर-हफ्ते लौटती ही रहे?
जब खुजली और पित्ती छह हफ्ते से ज्यादा समय तक लौटती रहे, तो यह क्रॉनिक स्पॉन्टेनियस अर्टिकेरिया (सीएसयू) हो सकता है। सीएसयू, क्रॉनिक अर्टिकेरिया का ही एक प्रकार है। इसमें बिना किसी पहचानी जा सकने वाली बाहरी वजह के खुजली वाले चकत्ते उभरते रहते हैं या त्वचा की गहरी परतों में सूजन आती है, जिसे एंजियोएडेमा कहते हैं। कई बार दोनों एक साथ होते हैं। एक बार होने वाली एलर्जी के उलट, इसमें जरूरी नहीं कि कोई खास खाद्य पदार्थ, दवा या पर्यावरण से जुड़ी चीज मिले, जिससे पता चले कि लक्षण बार-बार क्यों लौट रहे हैं।
यह समस्या त्वचा पर जितनी दिखती है, असल में उससे कहीं ज्यादा परेशान कर सकती है। लगातार खुजली, अचानक लक्षणों का बढ़ जाना और यह अंदेशा कि वे कब लौट आएं, नींद, ऊर्जा, एकाग्रता और रोजमर्रा के कामकाज पर असर डाल सकते हैं।
जयपुर के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र कुमार थालोर ने कहा, “आमतौर पर लोग पित्ती को एलर्जी समझते हैं, जो अपने आप ठीक हो जाएगी। लेकिन अगर खुजली और पित्ती छह हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे या बार-बार लौटे, तो इसकी वजह क्रॉनिक स्पॉन्टेनियस अर्टिकेरिया हो सकती है। शारीरिक तकलीफ के अलावा यह समस्या नींद में खलल डाल सकती है, ऊर्जा घटा सकती है और रोज के कामकाज में रुकावट बन सकती है। त्वचा रोग या एलर्जी विशेषज्ञ की सलाह से इस समस्या को सही ढंग से पहचानने और उचित इलाज चुनने में मदद मिल सकती है।”
इन पांच संकेतों से पता चल सकता है कि बार-बार उभरने वाली पित्ती और खुजली कहीं सीएसयू तो नहीं:
- पित्ती बार-बार लौटती है
पित्ती में त्वचा पर खुजली वाले उभरे हुए चकत्ते बनते हैं, जो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकते हैं। एक चकत्ता अक्सर कुछ घंटों में गायब हो जाता है, लेकिन दूसरे हिस्से में नया चकत्ता उभर सकता है। अगर यह सिलसिला छह हफ्तों से ज्यादा चले, तो डॉक्टर से सलाह लें।
- खुजली से नींद और ऊर्जा प्रभावित होती है
लगातार खुजली के कारण रात में सोना मुश्किल हो सकता है और दिन में थकान महसूस हो सकती है। सीएसयू से पीड़ित लोगों पर किए गए 2025 के एक सर्वेक्षण में 62% लोगों ने लक्षण बढ़ने पर नींद की समस्या बताई, जबकि 49% ने थकान की बात कही। इसका असर एकाग्रता और रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ सकता है।
- चकत्तों के साथ सूजन भी होती है
सीएसयू में एंजियोएडेमा भी हो सकता है, जिसमें त्वचा की गहरी परतों में सूजन आ जाती है। यह सूजन आमतौर पर होंठों, पलकों, हाथों या पैरों पर आती है और पित्ती के साथ या उसके बिना भी दिखाई दे सकती है। बिना किसी साफ वजह के बार-बार सूजन आए, तो डॉक्टर से सलाह लें।
- लक्षणों की स्पष्ट वजह नहीं मिलती
बार-बार पित्ती उभरने पर उसकी वजह तलाशना स्वाभाविक है, जैसे कोई खास खाद्य पदार्थ, दवा या स्किनकेयर प्रोडक्ट। लेकिन सीएसयू की पहचान ही यह है कि इसमें लक्षण लौट-लौटकर आते हैं और उनके पीछे कोई खास बाहरी कारण पकड़ में नहीं आता। कुछ चीजें इन्हें बढ़ा सकती हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हर दौर के पीछे कोई एक साफ वजह हो।
- रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है
सीएसयू का असर शारीरिक परेशानी से आगे भी पड़ सकता है। त्वचा पर दिखने वाले चकत्तों या सूजन के कारण कुछ लोग सामाजिक स्थितियों में असहज महसूस करते हैं। बार-बार लक्षण उभरने से रोज की योजनाएं संभालना मुश्किल हो सकता है। समय के साथ इसका असर भावनात्मक सेहत पर भी पड़ सकता है।
जिन्हें बार-बार पित्ती हो रही है, उनके लिए छह हफ्ते का पड़ाव ठहरकर यह सोचने का अहम मौका हो सकता है कि कहीं यह अस्थायी एलर्जी से ज्यादा तो नहीं। जब लक्षण लौटते ही रहें, तो इस पैटर्न को पहचानने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि असल में क्या हो रहा है और सीएसयू का असर त्वचा से आगे कितना गहरा हो सकता है।