अब तक यही धारणा है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीटों का परिसीमन होगा, मगर ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कदाचित परिसीमन हो नहीं पाएगा। यानि राजस्थान विधानसभा में दो सौ सीटें ही रहेंगी। उनमें कोई बढोतरी नहीं होगी। ज्ञातव्य है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होने पर अजमेर षहर में दो की बजाय तीन सीटें बनने की उम्मीद है। इसके तहत अजमेर षहर सीमा से सटे कुछ गांवों को षामिल करने का प्रावधान है। चर्चा तो यहां तक है कि अजमेर की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट को सामान्य कर उसके स्थान पर केकडी को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया जाएगा।
बहरहाल, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर, 2028 के राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले नए परिसीमन की संभावना का कोई पक्का आधार फिलहाल सामने नहीं है। एक तो वर्ष 2026 का परिसीमन विधेयक आगे नहीं बढ़ा। अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार का संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक विशेष बहुमत प्राप्त नहीं कर सका। इससे संबंधित परिसीमन विधेयक भी आगे नहीं बढ़े। दूसरा निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार, विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण पर संवैधानिक व्यवस्था के तहत 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आंकड़े प्रासंगिक हैं।
यदि 2028 के चुनाव तक नया परिसीमन लागू नहीं होता, तो अजमेर जिले के विधानसभा क्षेत्रों में मौजूदा परिसीमन के आधार पर ही चुनाव होगा। हालांकि, किसी विशेष क्षेत्र की आरक्षण स्थिति या सीमा बदलने के लिए संबंधित आधिकारिक आदेश देखना जरूरी होगा।
फिलहाल 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले परिसीमन को निश्चित मानना उचित नहीं है। भविष्य में संसद कोई नया कानून पारित करती है या सक्षम प्राधिकारी नई अधिसूचना जारी करता है, तो स्थिति बदल सकती है।
फिलहाल तक यही माना जाता है कि राजस्थान में 200 से बढ़कर 270 विधायक हो सकते हैं? मार्च 2026 में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के हवाले से 70 सीटें बढ़ने और विधानसभा की सदस्य संख्या 270 होने की संभावना की खबर प्रकाशित हुई थी। सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह है कि अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार का संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक विशेष बहुमत हासिल नहीं कर सका। उससे जुड़ा परिसीमन विधेयक भी आगे नहीं बढ़ा। इसलिए उस प्रस्ताव के आधार पर राजस्थान में सीटें बढ़ना फिलहाल संभव नहीं माना जा सकता।