वार्टन फोरम से हटे मोदी अब देंगे शिकागो में भाषण

nrendra modi 2013-3-6नई दिल्ली। वार्टन इंडिया इकोनॉमिक फोरम में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण रद होने के बाद अब उन्हें शिकागो में भाषण देने का मौका मिल रहा है। शनिवार को वह शिकागो में एनआरआइ लोगों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। इसकी सूचना राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।

वार्टन में भाषण रद होने के बाद से मोदी को लेकर बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया था। उन्हें वहां पर 23 मार्च को फिलाडेल्फिया स्थित पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कून की ओर से आयोजित फोरम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करना था। इस बीच केंद्रीय मंत्री शशि थरूर भी मोदी के समर्थन में आते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने वार्टन में मोदी का भाषण रद करने की भी कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने कहा है कि जब वार्टन ने मोदी को भाषण के लिए आमंत्रित किया था तो उन्हें अपना वक्तव्य पेश करने की भी इजाजत देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वार्टन द्वारा लिया गया यह निर्णय अफसोसजनक है। हालांकि उन्होंने अंत में इसको अपने निजी विचार बताकर किसी भी तरह के होने वाले विवाद को भी तिलांजली दे दी। वहीं मोदी को लेकर अब जर्मनी के रुख में भी नरमी आ गई है। भारत में जर्मनी के राजदूत माइकल स्टेनर ने कहा कि मानवाधिकार और भाजपा नेता की छवि को आपस में जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। इस पर बहस करने का कोई मतलब भी नहीं है। उन्होंने साफ किया कि किसी का भी मोदी से बात करने या न करने से मानवाधिकार या महिलाओं के अधिकारों से कोई लेना-देना नहीं है।

वार्टन इंडिया इकोनॉमिक फोरम से मोदी का भाषण हटाने के बाद से ही इस पर भी संकट के बादल छाते दिखाई दे रहे हैं। शिवसेना नेता सुरेश प्रभु इस फोरम से किनारा कर चुके हैं। वहीं अडानी समूह ने भी इस कार्यक्रम का प्रायोजक बनने से इन्कार कर दिया है। इनके अलावा सदानंद धूमे ने भी इस फोरम के बहिष्कार का एलान कर दिया है। वहीं अरविंद केजरीवाल अभी इस फोरम के वक्ता होंगे या नहीं, इसका भी खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि उन्होंने कहा है कि वह दस दिन पहले ही इसके लिए अपनी स्वीकृति दे चुके थे। वे 23 मार्च वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे।

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