वाशिंगटन। हम सबके लिए खुशखबरी है कि कभी भारतीयों को हेय की दृष्टि से देखने वाले अमेरिकियों ने अब अपनी सोच बदल ली है। यही कारण है कि भारत को अमेरिकियों ने शीर्ष छह सबसे पसंदीदा देशों में शुमार किया है जबकि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को उन्होंने सबसे घृणित देशों की सूची में तीसरे पायदान पर रखा है। अमेरिका ने एक सर्वे में 68 फीसद मत देकर सर्वाधिक पसंदीदा देशों की सूची में भारत को छठवें स्थान पर रखा।
गैलप पोल्स के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान 10 अमेरिकियों में से लगभग सात ने भारत को अपना पसंदीदा देश माना। जबकि अमेरिकियों की नजर में सबसे पसंदीदा देश कनाडा को स्वीकार किया। इस पड़ोसी देश को 91 फीसद मत मिले। कनाडा के बाद ग्रेट ब्रिटेन [88 फीसद], जर्मनी [85 फीसद], जापान [81 फीसद] और फ्रांस [73 फीसद] का नंबर आया। इन छह विकसित देशों के बाद विकासशील देश भारत का नाम है। भारत के बाद इजराइल जिसे अमेरिका का पारंपरिक मित्र माना जाता है को सातवां स्थान मिला। इजराइल को 66 फीसद मत मिले। हालांकि दक्षिण अमेरिकी देश मैक्सिको को महज 47 फीसद पसंदीदा मत मिले हैं। सर्वे में रूस पर अमेरिकी लोगों का मत विभाजन देखने को मिला। रूस को 52 फीसद मत मिले जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि आधे अमेरिकी रूस के पक्ष में है जबकि आधे उसे नापसंद करते हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकियों के बीच नापसंद देशों के लिए भी सर्वे कराया गया। 10 में से नौ अमेरिकियों ने ईरान को नापंसद देश करार दिया। नापसंद देशों की सूची में 22 देशों के नाम शामिल किए गए थे जिसमें ईरान को सबसे नापंसद देश करार दिया गया। अमेरिकियों की नजर में सात अन्य नापसंद देश हैं लीबिया [72 फीसद], सीरिया [75 फीसद], इराक [76 फीसद], फीलीस्तीन प्राधिकरण [77 फीसद], अफगानिस्तान [80 फीसद], पाकिस्तान [81 फीसद] और उत्तर कोरिया [84 फीसद]। नापसंद देशों के लिए हुए सर्वे की खास बात यह रही कि इसमें शामिल सभी आठ देशों को 70 फीसद या इससे ज्यादा का मत मिला।
गैलप ने सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा, ‘जिन आठ देशों को नाकारात्मक रेटिंग मिले हैं उन देशों में वर्तमान में या पिछले दशक में युद्ध, विवाद और अशांत की स्थिति रही है। ज्यादातर मामलों में अमेरिका को दुश्मन माना गया है।’ इसमें कहा गया है कि वर्तमान में ईरान और उत्तर कोरिया दुश्मन देशों की श्रेणी में हैं। लीबिया भी दुश्मन देशों की श्रेणी में है। पिछले साल इस देश में राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस और तीन अन्य अमेरिकी मारे गए थे। वहीं अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य मामलों को लेकर रिश्तों में खटास आई है।