अजमेर। एक ही परिधान, हाथ में छतरी, मुंह में लोली पोप और आंखों पर सुन्दर सा चश्मा पहने आठ वर्ष से कम उम्र की लडकीयां बुधवार को अपने आप को किसी परी से कम नहीं समझ रही थी। पुष्कर के माहेश्वरी सेवा सदन में लगभग 350 लडकियों को भोजन और अपने मन मुताबिक चीजे मिलने के बाद खुशी का ठिकाना नहीं था। यह कार्यक्रम जलगांव से आए एक श्रृद्धालु द्वारा कथा के छठे दिन कथावाचक गोस्वामी वागधिश बाबा की प्रेरणा से आयोजित किया गया। इस से पहले मनमोहक राधा क ृष्ण की झांकी और भजनो की सुन्दर सरीता ने श्रृद्धालुओ को नाचने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर व्यास पीठ की आरती उतार कर श्रृद्धालुओ ने खुद को धन्य महसुस किया। गुरूवार शाम पुष्कर के 52 घाटो पर 1 लाख दीपको से आरती की जाएगी।
मीडया से हुई खास बातचीत में कथावाचक गोस्वामी वागधिश बाबा ने कहा कि
धार्मिक नगरी पुष्कर की भौतिक रूप से साफ़ सफाई जरुरी है, जिस प्रकार तेजी से यहाँ का पर्यटन व्यवसाय बढ़ा है। उसी प्रकार कई बुराइयों ने भी यहाँ पर प्रवेश किया है। जिनको जनसाधारण और सरकारी मदद् से दूर किया जा सकता है। उन्होने कहा कि जब जब धर्म पर हमला हुआ है तब तब किसी न किसी रूप में भगवान ने अवतार लिया है। आसाराम के मामले में उन्होने कहा कि वह किसी पर व्यक्तिगत रूप से टिप्पणी तो नहंी करना चाहते लेकिन यह सच्चाई है कि मानव को भी अपने कर्मो की सजा अवश्य मिलती है।