निर्दलीय उम्मीदवारों ने दी एनएसयूआई और एबीवीपी को चुनौती

11 सितम्बर को घोषित हुए छात्र संघ चुनावों में राजकीय कन्या महाविद्यालय, डीएवी काॅलेज और किशनगढ़ के राजकीय महाविद्यालय में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर एनएसयूआई और एबीवीपी को चुनौती दी है। वहीं एमडीएस यूनिवर्सिटी तथा पुष्कर, ब्यावर एवं नसीराबाद के काॅलेजों में एबीवीपी के उम्मीदवार विजय हुए हैं। जबकि संस्कृत काॅलेज में एनएसयूआई को सफलता मिली है। राजकीय कन्या महाविद्यालय में निर्दलीय उम्मीदवार स्वास्ती आर्य अध्यक्ष चुनी गई हैं। असल में पूर्व में स्वास्ती ने एबीवीपी से ही टिकिट मांगा था, लेकिन ऐन मौके पर स्वास्ती का टिकिट काट दिया गया। स्वास्ती की जीत एबीवीपी के लिए मायने रखती है। इसी प्रकार किशनगढ़ काॅलेज में भी निर्दलीय उम्मीदवार शुभम मालाकार ने एबीवीपी के उम्मीदवार को 47 मतों से हराया है, यहां भी शुभम ने एबीवीपी से टिकिट मांगा था, लेकिन क्षेत्रीय विधायक के दखल की वजह से टिकिट नहीं मिला। किशनगढ़ में गंभीर बात ये रही कि परसराम करीयाल के अलावा एबीवीपी के तीनों उम्मीदवार विजय हुई है। किशनगढ़ नगर परिषद के पूर्व सभापति सुरेश टांक ने कहा कि विजय अध्यक्ष शुभम मालाकार को पुनः एबीवीपी में ही लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि काॅलेज के अधिकांश छात्रों की भावनाओं के विपरीत एबीवीपी के उम्मीदवार का चयन हुआ, इसलिए हार का सामना करना पड़ा, लेकिन काॅलेज के अधिकांश विद्यार्थियों ने मालाकार को ही एबीवीपी का असली उम्मीदवार माना। केकड़ी में अध्यक्ष पद को छोड़ कर तीन प्रमुख पदों पर एबीवीपी के उम्मीदवार विजय हुई है।

एस.पी.मित्तल
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